होम / बिजनेस / SEBI का बड़ा कदम: मार्केट इंटरमीडिएटरीज नियमों में बदलाव का प्रस्ताव

SEBI का बड़ा कदम: मार्केट इंटरमीडिएटरीज नियमों में बदलाव का प्रस्ताव

SEBI के ये प्रस्ताव पूंजी बाजार में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

भारतीय पूंजी बाजार के नियामक SEBI ने बुधवार को मार्केट इंटरमीडिएटरीज के लिए लागू ‘फिट एंड प्रॉपर पर्सन’ फ्रेमवर्क में बड़े बदलावों का प्रस्ताव पेश किया है. इसका उद्देश्य रेगुलेटरी प्रक्रियाओं में स्पष्टता, पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाना है.

नियमों में बदलाव का मकसद

SEBI ने अपने कंसल्टेशन पेपर में मार्केट इंटरमीडिएटरीज रेगुलेशन्स, 2008 की अनुसूची-2 में संशोधन का सुझाव दिया है. यह प्रावधान मुख्य रूप से मध्यस्थों, उनके प्रमुख प्रबंधन कार्मिकों (KMP) और नियंत्रण रखने वाले व्यक्तियों पर लागू होंगे.

मार्केट इंटरमीडिएटरीज की प्रमुख श्रेणियाँ:

1. शेयर ब्रोकर
2. म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स
3. निवेश सलाहकार

SEBI का कहना है कि प्रस्तावित बदलावों से नियमों की प्रक्रिया में अनिश्चितता कम होगी और सभी पक्षों के लिए सुनवाई का अधिकार सुनिश्चित होगा.

अयोग्यता और सुनवाई में बदलाव

नई सिफारिशों के तहत SEBI ने यह स्पष्ट किया है कि केवल अंतिम परिसमापन आदेश ही ‘उपयुक्त और सक्षम व्यक्ति’ के आकलन के लिए मान्य होगा.

ये होंगे बदलाव

1. किसी भी अयोग्यता से जुड़ी घटना की जानकारी सात दिन के भीतर SEBI को देना अनिवार्य होगी.
2. बिना उचित सुनवाई के किसी व्यक्ति को ‘उपयुक्त और सक्षम’ नहीं माना जाएगा.
3. सुनवाई के अधिकार को नियमों में स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा, जिससे प्रक्रियात्मक अस्पष्टता दूर होगी.

SEBI ने मौजूदा प्रक्रिया में सुधार कर नियामक निष्पक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश की है.

कारण बताओ नोटिस की अवधि घटाना

कंसल्टेशन पेपर में SEBI ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद आवेदन पर विचार की अवधि को एक साल से घटाकर छह महीने किया जाए. इसके अलावा, ग्रुप संस्थाओं और सहयोगी इकाइयों से जुड़े प्रावधानों में भी स्पष्टता लाने का सुझाव दिया गया है. SEBI ने इन प्रस्तावों पर 25 फरवरी 2026 तक सार्वजनिक टिप्पणियाँ आमंत्रित की हैं.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

भारत पर जापान का बड़ा दांव, ₹1 लाख करोड़ का निवेश, सेमीकंडक्टर, AI और ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत

दोनों देशों ने ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक तेल भंडारण, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है.

2 hours ago

केरल विझिंजम पोर्ट डील के पीछे कौन? सौदे की परतें खोलती खास पड़ताल

$1.4 अरब की अडानी डील, जटिल कॉरपोरेट संरचनाएं, फैमिली ट्रस्ट और एक ऐसा नेटवर्क, जिसकी कड़ियां चुपचाप पनामा नहर तक पहुंचती हैं. (भाग-1)

2 hours ago

पूर्व टीवी संपादक ने शुरू की उत्तर प्रदेश की पहली NABL-मान्यता प्राप्त फॉरेंसिक लैब

इस उपलब्धि के साथ Laxhar Evidence Labs उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी फॉरेंसिक लैब बन गई है, जिसे सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में NABL की मान्यता मिली है. ह

3 hours ago

ICAR और सेशेल्स के बीच MoU, जलवायु-अनुकूल खेती और हॉर्टिकल्चर को मिलेगा बढ़ावा

भारत और सेशेल्स ने कृषि अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं.

17 hours ago

फर्स्टक्राई समर्थित स्वारा बेबी लाएगी ₹1,000 करोड़ का IPO, सेबी के पास दाखिल किया DRHP

स्वारा बेबी डिस्पोजेबल हाइजीन उत्पादों का निर्माण करती है. कंपनी बेबी केयर, एडल्ट इनकॉन्टिनेंस और फेमिनिन हाइजीन सेगमेंट में कई प्रोडक्ट बनाती है.

18 hours ago


बड़ी खबरें

प्रो. उमेश वी. वाघमारे बने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के नए सचिव

केंद्र सरकार ने प्रो. उमेश वी. वाघमारे की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव पद पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है.

2 hours ago

भारत पर जापान का बड़ा दांव, ₹1 लाख करोड़ का निवेश, सेमीकंडक्टर, AI और ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत

दोनों देशों ने ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक तेल भंडारण, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है.

2 hours ago

एनर्जी ड्रिंक बेचने के दावों पर FSSAI की नजर, रेड बुल सहित 6 बड़ी कंपनियों को जारी हुआ नोटिस

नियामक ने स्पष्ट किया है कि खाद्य उत्पादों को दवा जैसी प्रभावशीलता या विशेष स्वास्थ्य लाभ देने वाला बताना नियमों का उल्लंघन है.

19 hours ago

केरल विझिंजम पोर्ट डील के पीछे कौन? सौदे की परतें खोलती खास पड़ताल

$1.4 अरब की अडानी डील, जटिल कॉरपोरेट संरचनाएं, फैमिली ट्रस्ट और एक ऐसा नेटवर्क, जिसकी कड़ियां चुपचाप पनामा नहर तक पहुंचती हैं. (भाग-1)

2 hours ago

पूर्व टीवी संपादक ने शुरू की उत्तर प्रदेश की पहली NABL-मान्यता प्राप्त फॉरेंसिक लैब

इस उपलब्धि के साथ Laxhar Evidence Labs उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी फॉरेंसिक लैब बन गई है, जिसे सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में NABL की मान्यता मिली है. ह

3 hours ago