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SEBI की JM Financial पर बड़ी कार्रवाई, इस काम पर लगाई रोक, जानें क्या होगा असर?
जेएमएफएल ने एक प्रमुख प्रबंधक के रूप में जेएम समूह के भीतर रिटेल इन्वेस्टर्स और संबद्ध कंपनियों को शामिल करते हुए कथित तौर पर अनियमित व्यवहार किया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
बाजार नियामक SEBI ने गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (NCD) के पब्लिक इश्यू में अनियमितता के एक मामले में जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड को 31 मार्च, 2025 तक डेट सिक्योरिटी इश्यू के लिए लीड मैनेजर के रूप में काम करने से रोक दिया है. हालांकि सेबी ने पुष्टिकरण आदेश में स्पष्ट किया है कि जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड (JMFL) पर यह प्रतिबंध केवल डेट सिक्योरिटी के सार्वजनिक निर्गमों पर लागू होता है और इक्विटी निर्गम सहित अन्य गतिविधियां इसके दायरे में नहीं आती हैं.
अगले साल 31 मार्च तक रोक
कंपनी ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि सेबी के द्वारा जारी लेटर में जो ऑर्डर दिया गया है, उसे हमने स्वीकार किया है. ऑर्डर के हिसाब से हम 31 मार्च 2025 तक किसी भी पब्लिक डेट सिक्योरिटी इश्यू में लीड मैनेजर के तौर पर काम नहीं कर सकते हैं. यह एक्शन पूरी तरह से सिर्फ पब्लिक डेट सिक्योरिटीज में हमारी भूमिका से जुड़ा हुआ है और इससे पब्लिक इक्विटी इश्यू को मैनेज करने की हमारी गतिविधियों पर कोई असर नहीं होगा.
इन गतिविधियों पर असर
डेट सिक्योरिटीज के पब्लिक इश्यू को मैनेज करने से रोक लगाए जाने के साथ-साथ जेएम फाइनेंशियल की आईपीओ बाजार से जुड़ी गतिविधियां भी प्रभावित होने वाली हैं. कंपनी ने खुद ही अपनी सब्सिडियरी जेएम फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स के जरिए आईपीओ फाइनेंसिंग बिजनेस को बंद करने का निर्णय लिया है. सेबी ने भी कंपनी के इस निर्णय को कंफर्म किया है.
इन गतिविधियों पर नहीं होगा असर
बाजार नियामक ने इस कार्रवाई को कंफर्म करते हुए बताया कि जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड को सिर्फ डेट सिक्योरिटीज के पब्लिक इश्यू को मैनेज करने से रोका गया है. कंपनी की अन्य गतिविधियों के ऊपर उसके इस एक्शन का कोई असर नहीं पड़ने वाला है. कंपनी अपने बाकी के काम पहले की तरह जारी रख सकती है. कंपनी पब्लिक इक्विटी इश्यू को मैनेज भी कर सकती है.
कंपनी के ऊपर लगा था ये आरोप
जेएम फाइनेंशियल के ऊपर आरोप लगा था कि वह कुछ निवेशकों को पब्लिक इश्यू में अप्लाई करने की प्रक्रिया में तरजीह दे रही है. सेबी के अनुसार, कंपनी इस तरीके से ट्रांजेक्शन को एक्जीक्यूट कर रही थी, जिनमें इश्यू के सब्सक्रिप्शन और उसकी बोलियों के सफल होने की संभावनाओं को पहले से निर्धारित किया गया होता था. सेबी ने इन गतिविधियों को फ्रॉडलेंट माना और कार्रवाई करने का निर्णय लिया.
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