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शेयर मार्केट में गड़बड़ी को लेकर SEBI सख्त! शेयर ब्रोकर्स को दिए ये निर्देश
सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने ब्रोकर्स को बाजार में किसी तरह की गड़बड़ी का पता लगाने और उसे रोकने के लिए नया सिस्टम बनाने का निर्देश दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
शेयर मार्केट में लगातार सामने आ रही गड़बड़ी पर सख्त रुख अपनाते हुए मार्केट रेगुलेरटर SEBI ने एक अधिसूचना जारी की है. इसमें सेबी ने शेयर ब्रोकर्स को मार्केट में हो रही गड़बड़ी का पता लगाने और उसे रोकने की जिम्मेदारी दी है. आपको बता दें, इससे पहले शेयर ब्रोकर को इस काम के लिए जवाबदेह बनाने के लिए कोई विशेष रेगुलेटरी प्रोविजन नहीं था. तो चलिए जानते हैं सेबी ने शेयर ब्रोकर को क्या निर्देश दिए हैं?
ब्रोकिंग फर्म के साथ उसका टॉप मैनेजमेंट होगा जवाबदेह
सेबी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इंस्टीटट्यूशनल मैकनिजम (संस्थागत व्यवस्था) के तहत ब्रोकिंग फर्म के साथ इसके टॉप मैनेजमेंट को फ्रॉड या मार्केट एब्यूज का पता लगाने और इसे रोकने के लिए जवाबदेह बनाया जाएगा. इसके लिए ब्रोकर्स को मजबूत निगरानी और नियंत्रण सिस्टम बनाना होगा.
इन मामलों की करेंगे निगरानी
सेबी ने फ्रॉड या मार्केट एब्यूज के कुछ संभावित मामलों की जानकारी भी दी है, जिनकी निगरानी के लिए ब्रोकर सिस्टम को उपाए करने के निर्देश दिए गए हैं. इन मामलों में ट्रेडिंग की गलत तस्वीर पेश करना, भाव में हेराफेरी, फ्रंट रनिंग (संवेदनशील जानकारी के आधार पर लाभ उठाना), इनसाइडर ट्रेडिंग, मिस-सेलिंग और अनऑथराइज्ड ट्रेडिंग आदि शामिल हैं.
इस नीति पर करना होगा काम
अधिसूचना के अनुसार शेयर ब्रोकिंग कंपनी को कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के लिए संदिग्ध धोखाधड़ी, अनुचित या अनैतिक गतिविधियों के बारे में चिंता जताने के लिए एक गोपनीय व्हिसलब्लोअर पॉलिसी (Whistleblower Policy) बनाकर उसे लागू करना होगा. व्हिसलब्लोअर की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी प्रक्रियाएं होंगी. इन बदलावों को प्रभावी बनाने के लिए सेबी ने प्रोबेशन ऑफ फ्राउडलेंट एंड अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस (Prohibition of Fraudulent and Unfair Trade Practices) के मानकों में बदलाव किया है.
इतने घंटों में देनी होगी जानकारी
सेबी ने कहा है कि शेयर ब्रोकर को किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगने के 48 घंटे के भीतर उसकी जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को देनी होगी. इसके अलावा हर 6 महीने पर संदिग्ध गतिविधि, फ्रॉड और मार्केट एब्यूज के मामलों पर एक संक्षिप्त एनालिसिस, कार्रवाई रिपोर्ट या ऐसी कोई घटना न होने पर 'शून्य रिपोर्ट' भी स्टॉक एक्सचेंजेज को देनी होगी.
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