होम / बिजनेस / NDTV अधिग्रहण को लेकर सेबी ने उठाए सवाल, प्रणव अडानी पर इनसाइडर ट्रेडिंग का आरोप
NDTV अधिग्रहण को लेकर सेबी ने उठाए सवाल, प्रणव अडानी पर इनसाइडर ट्रेडिंग का आरोप
NDTV अधिग्रहण से जुड़ा यह मामला अडानी ग्रुप के लिए एक बार फिर नियामकीय चुनौती बनकर सामने आया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
अडानी ग्रुप (Adani Group) के लिए एक बार फिर नियामकीय मोर्चे पर मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अडानी एंटरप्राइजेज के डायरेक्टर प्रणव अडानी पर इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप लगाए हैं. यह मामला वर्ष 2022 में NDTV के अधिग्रहण से जुड़ा है, जब कथित तौर पर कीमत-संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक होने से पहले कुछ लोगों तक पहुंचाई गई.
NDTV ओपन ऑफर से पहले जानकारी साझा करने का आरोप
सेबी के अनुसार, प्रणव अडानी ने NDTV के अधिग्रहण के लिए लाए जाने वाले ओपन ऑफर से जुड़ी महत्वपूर्ण और गोपनीय जानकारी अपने कुछ करीबी रिश्तेदारों के साथ साझा की थी. यह जानकारी उस समय सार्वजनिक नहीं थी और इसे Unpublished Price Sensitive Information (UPSI) माना गया. नियामक का कहना है कि इस तरह की जानकारी साझा करना सेबी के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का उल्लंघन है.
कारण बताओ नोटिस जारी, कई लोग जांच के दायरे में
सेबी द्वारा जारी दस्तावेजों के अनुसार, 15 अक्टूबर 2025 को प्रणव अडानी के अलावा उनके साले कुणाल शाह और नृपल शाह तथा ससुर धनपाल शाह को भी कारण बताओ नोटिस भेजा गया है. नोटिस में आरोप है कि अगस्त 2022 के दौरान इन लोगों के बीच कई बार फोन कॉल्स हुई थीं, ठीक उसी समय जब NDTV अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही थी. इस मामले में सेबी, अडानी ग्रुप और संबंधित व्यक्तियों को भेजे गए ईमेल्स का रिपोर्ट प्रकाशित होने तक कोई जवाब नहीं मिला था.
क्या है पूरा मामला
23 अगस्त 2022 को NDTV के लिए ओपन ऑफर की सार्वजनिक घोषणा की गई थी. ओपन ऑफर मैनेजर JM Financial ने बाजार बंद होने के बाद स्टॉक एक्सचेंजों को जानकारी दी थी कि विश्वप्रधान कमर्शियल, AMG मीडिया नेटवर्क्स और अडानी एंटरप्राइजेज मिलकर NDTV की 26 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदेंगे. इस ओपन ऑफर के तहत 294 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर करीब 1.676 करोड़ शेयर खरीदे जाने थे, जिसकी कुल वैल्यू लगभग 492.81 करोड़ रुपये बैठती है.
घोषणा के बाद NDTV शेयरों में तेज उछाल
सेबी के मुताबिक, यह घोषणा बाजार समय के बाद की गई थी और जब तक यह एक्सचेंजों के जरिए सार्वजनिक नहीं हुई, तब तक इसे UPSI माना गया. 24 अगस्त 2022 को जब बाजार खुले, तो NDTV के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला. NSE पर शेयर लगभग 2.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ खुले और दिन के अंत तक करीब 5 प्रतिशत ऊपर बंद हुए.
सेबी की जांच और ट्रेडिंग पैटर्न
सेबी ने 2 मई 2022 से 15 सितंबर 2022 की अवधि के दौरान NDTV शेयरों में हुए कारोबार की जांच की. इस दौरान प्री-UPSI, UPSI और घोषणा के बाद के सभी चरणों को शामिल किया गया. जांच में पाया गया कि कुणाल शाह ने कथित तौर पर UPSI अवधि के दौरान NDTV के शेयरों की खरीदारी की थी, जिसमें घोषणा से ठीक पहले के दिन और हफ्ते भी शामिल हैं.
पहले भी बंद हो चुका है एक मामला
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले सप्ताह ही सेबी ने सबूतों की कमी का हवाला देते हुए प्रणव अडानी और उनके साले नृपल व कुणाल शाह के खिलाफ एक अन्य इनसाइडर ट्रेडिंग केस को बंद कर दिया था. वह मामला SB Energy Holdings के अधिग्रहण से जुड़ा हुआ था.
टैग्स