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SEBI ने Reliance Power की फॉरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया, शेयरों में गिरावट
Reliance Power पर SEBI की फॉरेंसिक ऑडिट और वरिष्ठ पद से इस्तीफे के बाद कंपनी और उसके शेयरों पर नियामक और निवेशक नजरें टिकी हुई हैं. बाजार में बढ़ती सावधानी और नियामक जांच निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
अनिल अंबानी की कंपनी Reliance Power ने बताया कि मार्केट रेग्युलेटर सेक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने कंपनी की फॉरेंसिक ऑडिट शुरू की है. यह ऑडिट कंपनी में कथित नियमों के उल्लंघनों की जांच के लिए की जा रही है.
SEBI फॉरेंसिक ऑडिट का उद्देश्य
Reliance Power ने स्टॉक एक्सचेंजों को दिए गए फाइलिंग में बताया कि यह फॉरेंसिक ऑडिट SEBI एक्ट, 1992, Securities Contracts (Regulation) Act, 1956, और Companies Act, 2013 के संभावित उल्लंघनों की जांच करेगा. यह कदम SEBI की प्रवर्तन कार्रवाई का हिस्सा है, ताकि यह आंका जा सके कि कंपनी ने सिक्युरिटीज और कॉर्पोरेट गवर्नेंस नियमों का पालन किया है या नहीं. Reliance Power, अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप का हिस्सा, भारत में कोयला, गैस, जलविद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में पावर जनरेशन प्रोजेक्ट्स के विकास में सक्रिय है.
कंपनी में बदलाव
कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि मनोज पोंगड़े ने 14 जनवरी से हेड ऑफ बिजनेस और लीगल के पद से इस्तीफा दे दिया है. यह इस्तीफा SEBI लिस्टिंग रेगुलेशन्स के Regulation 30 के तहत दर्ज किया गया है. कंपनी ने इस्तीफे का कारण स्पष्ट नहीं किया है.
शेयरों में गिरावट
इस खुलासे के बाद Reliance Power के शेयर दबाव में आ गए. शुक्रवार को कंपनी के शेयर 3.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 31.96 रुपये पर बंद हुए, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि कंपनी पर नियामक निगरानी बढ़ गई है.
रिलायंस होम फाइनेंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश
इसी बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को जॉइ अन्मोल अंबानी को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी शो-कॉज़ नोटिस में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. जॉइ अन्मोल अंबानी, जो Reliance Home Finance के डायरेक्टर भी हैं, को बैंक को 10 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया. कोर्ट ने बैंक से कहा कि वह जवाब पर विचार करने के बाद एक “स्पीकिंग ऑर्डर” पारित करे और उसे कोर्ट में पेश करे.
कोर्ट ने कहा, “मैं शो-कॉज नोटिस में हस्तक्षेप नहीं करूंगा. आप नोटिस में तर्क दें… मैं रिट याचिका को पेंडिंग रखूंगा. देखेंगे आदेश क्या होता है.”
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