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SEBI ने IndusInd बैंक के पूर्व CEO समेत 5 अधिकारियों पर शेयर ट्रेडिंग से लगाई रोक, शेयर में आई तेजी
भारतीय पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने स्पष्ट किया है कि वह शेयर बाजार की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारतीय पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के पूर्व सीईओ सुमंत कठपालिया समेत पांच अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है. इन सभी पर भेदिया कारोबार (Insider Trading) करने का आरोप है. सेबी ने इन अधिकारियों को शेयर बाजार में किसी भी तरह के व्यापार से प्रतिबंधित कर दिया है. साथ ही, इन पर कुल 19.78 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. इस खबर के बाद से बैंक से शेयर में भी तेजी देखने को मिली है. गुरुवार को खबर लिखे जाने तक इंडस्इंड बैंक का शेयर 1.74 प्रतिशत की तेजी के साथ819.15 के भाव पर कारोबार करता दिखा.
किन अधिकारियों पर गिरी गाज?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सेबी की जांच के बाद जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें ये सुमंत कठपालिया (पूर्व सीईओ, इंडसइंड बैंक), अरुण खुराना, सुशांत सौरव, रोहन जथन्ना अनिल मार्को राव का नाम शामिल है. इन सभी को प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया गया है और उनके ऊपर लगाए गए जुर्माने की राशि की वसूली का आदेश भी दिया गया है.
भेदिया कारोबार का आरोप
सेबी के अनुसार, इन अधिकारियों ने ऐसी गोपनीय जानकारी का लाभ उठाया जो उस समय तक सार्वजनिक नहीं थी. यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किए गए एक निर्देश से जुड़ी थी, जिसका इंडसइंड बैंक के कार्यों पर बड़ा प्रभाव पड़ा था. जब बैंक की आंतरिक टीम इस निर्देश के वित्तीय असर का विश्लेषण कर रही थी, उसी दौरान इन अधिकारियों के पास यह जानकारी उपलब्ध थी. जांच में सामने आया कि उन्होंने इस सूचना के सार्वजनिक होने से पहले ही शेयर बाजार में लेन-देन किया, जिससे उन्होंने निजी लाभ अर्जित किया.
सेबी ने अपने आदेश में क्या कहा?
सेबी के अंतरिम आदेश में कहा गया है, "नोटिस पाने वाले पांचों लोगों को अगले आदेश तक प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से प्रतिभूतियों की खरीद, बिक्री या अन्य किसी भी प्रकार के लेन-देन से रोका जाता है." इसका मतलब है कि ये अधिकारी शेयर बाजार में किसी भी प्रकार की गतिविधि नहीं कर पाएंगे, जब तक कि अंतिम आदेश न आ जाए.
सेबी की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि बाजार नियामक भेदिया कारोबार को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है. इस कदम से अन्य कंपनियों के अधिकारियों को भी एक कड़ा संदेश मिला है कि गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग करने पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
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