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SEBI ने रेटिंग एजेंसी को दी राहत, टाइमलाइन के नियमों में किया बदलाव, जानें पूरी डिटेल्स

सेबी ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए कारोबार आसान बनाने के लिए अपने नियमों बदलाव किया है. इस संबंध में सेबी ने एक सर्कुलर जारी किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारतीय इक्विटी बाजार नियामक SEBI ने एक सर्कुलर जारी किया है. इसमें क्रेडिट रेटिंग एजेसियों के लिए कारोबार को सुगम बनाने के लिए सेबी ने अपने नियमों में कुछ बदलाव किए हैं. इस सर्कुलर में सेबी ने इन बदलावों के बारे में बताते हुए बदलावों के लागू होने की टाइमलाइन के बारे में बताया है. सेबी के सर्कुलर के मुताबिक इन बदलावों से रेटिंग प्रोसेस और पब्लिकेशन प्रोटोकॉल के लिए मानक तय होंगे.

SEBI ने क्या कहा?

एक सर्कुलर जारी करते हुए सेबी ने इसे मौजूदा "Days" से बदलकर "Working Days" कर दिया है. सेबी ने यह निर्णय वर्किंग ग्रुप के साथ परामर्श के बाद लिया है. सर्कुलर में कहा गया है, "वर्किंग ग्रुप (WG) ने मौजूदा टाइमलाइन के भीतर संबंधित जरूरतों को पूरा करने में शामिल प्रक्रिया का विवरण प्रस्तुत किया. इसके अलावा, क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां बाहरी संस्थाओं जैसे बैंकों और डिबेंचर ट्रस्टीज पर निर्भर करती हैं, खासकर तब जब कर्ज की सर्विस में देरी और डिफॉल्ट को सही तरीके से स्थापित और साबित करना होता है. इस दौरान हॉलिडे या नॉन-वर्किंग हॉलिडेज (वीकेंड्स) पर लिखित पुष्टि प्राप्त करना कठिन होता है."

सेबी ने टाइमलाइन में इस तरह बदलाव किया है: 

1. वर्तमान टाइमलाइन: क्लॉज 9.2.2 के मुताबिक क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां (CRAs) अगर जरूरी हो, तो रेटिंग एक्शन के बारे में अपने वेबसाइट पर प्रेस रिलीज जारी करेंगी, और यह रिलीज़ घटना के घटित होने के 7 दिनों के भीतर किया जाएगा.

रिवाइज्ड टाइमलाइनः अब इसे 7 वर्किंग डेज में किया जाएगा. 

2. वर्तमान में क्लॉज 9.3.3 के अनुसार अगर जारीकर्ता (Issuer) द्वारा इंटरेस्ट/प्रिंसिपल के भुगतान में देरी होती है, तो जारीकर्ता को इस देरी को अपने बयान में स्पष्ट करना होगा, और क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (CRA) को तुरंत रेटिंग रिव्यू करनी होगी और रेटिंग एक्शन को प्रेस रिलीज़ के माध्यम से 2 दिनों के भीतर प्रसारित करना होगा. 

रिवाइज्ड टाइमलाइनः अब यह प्रक्रिया 2 वर्किंग डेज के भीतर पूरी की जाएगी.

3. वर्तमान में धारा 11.3 के अनुसार क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां (CRAs) एक यूनिफॉर्म प्रैक्टिस का पालन करेंगी, जिसमें अगर तीन लगातार महीनों तक नो डिफॉल्ट स्टेटमेंट (NDS) प्रस्तुत नहीं किया जाता है (या अन्य स्रोतों के माध्यम से समय पर ऋण सेवा की पुष्टि में नहीं हो पाती है), तो इसे रेटिंग को INC में स्थानांतरित करने का आधार माना जाएगा. इसके बाद, CRAs को तीन लगातार महीनों तक NDS की गैर-प्रस्तुति के 7 दिनों के भीतर रेटिंग को INC के रूप में टैग करना होगा. CRA अपनी जजमेंट के आधार पर तीन लगातार महीनों तक NDS प्राप्त नहीं होने से पहले ही किसी रेटिंग को INC कैटेगरी में माइग्रेट कर सकती है.

रिवाइज्ड टाइमलाइन: 5 वर्किंग डेज

4. क्लॉज 28.2.1 के मुताबिक अगर जारीकर्ता (Issuer) से डिबेंचर ट्रस्टी के माध्यम से डेट ऑब्लिगेशन की सर्विस की पुष्टि तय तारीख के एक दिन बाद तक CRA को नहीं मिलती है, तो CRA को तुरंत जारीकर्ता से भुगतान की पुष्टि के लिए संपर्क करना होगा. अगर ऐसे संपर्क के 2 दिनों के भीतर जारीकर्ता से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती, तो CRA को पैरा 28.4.3 के तहत प्रेस रिलीज़ जारी करनी होगी और इसे अपनी वेबसाइट पर और उन सभी स्टॉक एक्सचेंजों पर प्रकाशित करना होगा, जहां सिक्योरिटी लिस्टेड है.

रिवाइज्ड टाइमलाइनः क्रमशः 1 वर्किंग ड और 2 वर्किंग डेज.
 


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