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SEBI पहली बार किसी रेटिंग एजेंसी पर हुआ इतना सख्त, कार्रवाई बन जाएगी नजीर

सेबी ने नियमों के उल्लंघन के चलते ब्रिकवर्क रेटिंग्स इंडिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

रेटिंग एजेंसी ब्रिकवर्क रेटिंग्स इंडिया (Brickwork Ratings India) के खिलाफ सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने बड़ी कार्रवाई की है. सेबी ने रेटिंग एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने का आदेश दिया है. साथ ही उसने ब्रिकवर्क को 6 महीने के अंदर अपना कारोबार समेटने को भी कहा है. बता दें कि यह संभवत: पहला मौका है जब SEBI ने किसी रेटिंग एजेंसी पर ऐसी कार्रवाई की है. 

ये हैं एजेंसी पर आरोप
ब्रिकवर्क रेटिंग्स इंडिया पर विभिन्न नियमों के उल्लंघन का आरोप है. सेबी का कहना है कि एजेंसी ने उचित रेटिंग प्रक्रिया का पालन नहीं किया और रेटिंग देते समय सही तरीके से जांच भी नहीं की. इसके अलावा, एजेंसी अपनी रेटिंग के समर्थन में डॉक्यूमेंट्स और रिकॉर्ड्स का रखरखाव करने में भी विफल रही. उसने अपने आंतरिक नियमों के तहत समयसीमा का अनुपालन भी सुनिश्चित नहीं किया. इन सब कारणों के चलते उस पर कार्रवाई की गई है.

दायित्व पूरे नहीं किए
SEBI ने अपने आदेश में कहा है कि ब्रिकवर्क रेटिंग एजेंसी के रूप में अपने दायित्वों को पूरा करने में असफल रही है. यह निवेशकों की सुरक्षा और सिक्योरिटी मार्केट की सिस्टमैटिक ग्रोथ के लिए जोखिम है. सेबी की तरफ से गया है कि एजेंसी को निर्धारित छह महीने की अवधि में अपना कारोबार समेटना होगा. साथ ही उसे अपने क्लाइंट्स को इस बारे में सूचित करना होगा. एजेंसी अब भारत में कोई भी नया क्लाइंट में नहीं बनाएगी.

कर्मचारी हो जाएंगे बेरोजगार 
Brickwork Ratings India Pvt का कॉर्पोरेट ऑफिस बेंगलुरु में है. इसके अलावा, कंपनी ने दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, पुणे चेन्नई, हैदराबाद, चंडीगढ़ और अहमदाबाद में भी कार्यालय खोल रहे हैं. कंपनी की सीनियर लीडरशिप में दो महिलाओं के नाम भी शामिल हैं. SEBI के इस कदम से कंपनी के करीब 300 कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा. एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सेबी ने पहले भी रेटिंग एजेंसी को उसके कामकाज के सिलिसले में नोटिस जारी किया था.

हर बार सेबी को मिली गड़बड़ी! 
एक रिपोर्ट के अनुसार, सेबी ने ब्रिकवर्क रेटिंग्स इंडिया को 2008 में लाइसेंस दिया था. 2018 में जब सेबी ने पहला इंस्पेक्शन किया, तो उसमें गड़बड़ी पाई गई. जिसके बाद कंपनी पर 3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया. 2020 में तीसरी जांच के दौरान भी सेबी को नियमों के उल्लंघन का पता चला. तब एजेंसी पर 1 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया और अब एजेंसी का लाइसेंस ही रद्द कर दिया गया है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सेबी की इस कार्रवाई से उन सभी रेटिंग एजेंसियों को सबक मिलेगा, जिसका कामकाज नियमों के अनुरूप नहीं है.


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