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SBI ने CPI 2024 में राज्य-स्तरीय असंतुलन पर उठाया सवाल
SBI ने चेतावनी दी है कि नए बाजारों का चयन कुछ राज्यों और शहरों पर केंद्रित होने के कारण सीरीज में भौगोलिक असंतुलन है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) रिसर्च ने नए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) 2024 सीरीज में शामिल किए गए बाजारों में राज्य-स्तरीय असंतुलन को लेकर चिंता व्यक्त की है. SBI के अनुसार, 565 नए बाजारों में से केवल दो राज्य उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र का योगदान कुल 43 प्रतिशत है, जो दर्शाता है कि नए बाजारों का चयन कुछ राज्यों की ओर झुका हुआ है.
नए बाजार और वस्तुएं शामिल, कुछ पुरानी हटाई गई
CPI 2024 सीरीज में कुल 358 वेटेड आइटम शामिल हैं, जो पहले की 299 आइटम्स से बढ़ गए हैं. इनमें वस्तुएं 259 से 314 और सेवाएं 40 से 50 हो गई हैं.
नई शामिल की गई वस्तुओं में ग्रामीण आवास, ऑनलाइन मीडिया सेवा प्रदाता, स्ट्रीमिंग सेवाएं, वैल्यू एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स, जौ और इसके उत्पाद, पेनड्राइव और एक्सटर्नल हार्ड डिस्क, अटेंडेंट, बेबीसिटर और एक्सरसाइज उपकरण शामिल हैं.
वहीं, कुछ वस्तुएं जैसे VCR, VCD, DVD प्लेयर और हायरिंग चार्जेज, रेडियो, टेप रिकॉर्डर, सेकंड-हैंड कपड़े, CD/DVD ऑडियो, वीडियो कासेट और कोयर/रस्सी आदि हटाई गई हैं, क्योंकि ये अब प्रचलन में नहीं हैं.
ऑनलाइन बाजारों को भी जोड़ा गया
CPI 2024 में 12 शहरों के 12 ऑनलाइन बाजारों को शामिल किया गया है, जिनकी जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 25 लाख से अधिक है. इसका उद्देश्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर वस्तुओं की साप्ताहिक कीमतों में बदलाव को कैप्चर करना है.
हालांकि, 2011 की जनगणना के आधार पर शहरों का चयन होने के कारण इंदौर, पटना, नागपुर, भोपाल, ठाणे जैसे तेजी से बढ़ते शहर सूची से बाहर रह गए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल मार्केटप्लेस में मूल्य शामिल किया गया है, लेकिन भौगोलिक कवरेज केवल कुछ ही शहरों तक सीमित है.
CPI 2024 सीरीज में मुद्रास्फीति दर
नई सीरीज में जनवरी 2026 में भारत की CPI मुद्रास्फीति 2.75 प्रतिशत रही, जबकि पुरानी सीरीज के लिंकिंग फैक्टर के अनुसार यह 2.55 प्रतिशत थी. ग्रामीण मुद्रास्फीति 2.73 प्रतिशत और शहरी मुद्रास्फीति 2.77 प्रतिशत रही. खाद्य मुद्रास्फीति 2.13 प्रतिशत रही.
कोर CPI (Core CPI) नई सीरीज में जनवरी 2026 में 3.4 प्रतिशत पर है, जबकि पुरानी सीरीज के अनुसार यह लगभग 4.15 प्रतिशत थी. यह आंकड़े हेडलाइन रिटेल मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी और ग्रामीण-शहरी अंतर को दर्शाते हैं.
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