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SBI Q3 Results: दिसंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन, मुनाफा 13% बढ़कर ₹21,317 करोड़
दिसंबर तिमाही के नतीजे साफ तौर पर दिखाते हैं कि SBI ने FY26 में मजबूती के साथ कदम रखा है. मुनाफे में बढ़ोतरी, घटता एनपीए और मजबूत पूंजी स्थिति बैंक के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 की दिसंबर तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं. बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 13% से अधिक बढ़ा है. आय, एसेट क्वालिटी और पूंजी पर्याप्तता जैसे प्रमुख मोर्चों पर भी सुधार दर्ज किया गया है.
कंसोलिडेटेड स्तर पर मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी
SBI ने दिसंबर तिमाही FY26 में कंसोलिडेटेड आधार पर ₹21,317 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है. यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹18,853 करोड़ की तुलना में 13.06% अधिक है. सितंबर 2025 की तिमाही में बैंक का मुनाफा ₹21,137 करोड़ रहा था.
स्टैंडअलोन आधार पर 24% से ज्यादा की छलांग
स्टैंडअलोन आधार पर SBI का प्रदर्शन और भी मजबूत रहा. दिसंबर तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 24.48% बढ़कर ₹21,028 करोड़ पहुंच गया. पिछले साल इसी अवधि में यह ₹16,891 करोड़ था. यह आंकड़ा बैंक की कोर बैंकिंग मजबूती को दर्शाता है.
कुल आय और खर्च दोनों में इजाफा
स्टैंडअलोन आधार पर बैंक की कुल आय बढ़कर ₹1,40,915 करोड़ हो गई, जो एक साल पहले ₹1,28,467 करोड़ थी. वहीं कुल खर्च भी बढ़कर ₹1,08,052 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹1,04,917 करोड़ था. बढ़ती आय ने खर्च में हुई वृद्धि के असर को संतुलित किया.
एसेट क्वालिटी में सुधार, NPA घटा
SBI की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला. दिसंबर 2025 में सकल एनपीए अनुपात घटकर 1.57% रह गया, जो सितंबर तिमाही में 1.73% था. यह बैंक के बेहतर क्रेडिट मैनेजमेंट और रिकवरी प्रयासों को दिखाता है.
प्रावधान और पूंजी स्थिति मजबूत
दिसंबर तिमाही में बैंक के कुल प्रावधान ₹4,507 करोड़ रहे, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹911 करोड़ से काफी अधिक हैं. इसके अलावा 31 दिसंबर 2025 तक बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 14.04% रहा, जबकि कोर बफर 10.99% पर कायम रहा.
विश्लेषकों के मुताबिक SBI का यह प्रदर्शन बैंकिंग सेक्टर में स्थिरता और निरंतर लाभ वृद्धि का संकेत देता है. मजबूत बैलेंस शीट और बेहतर एसेट क्वालिटी आने वाली तिमाहियों में भी बैंक को सहारा दे सकती है.
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