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Adani के पोर्टफोलियो में शामिल हो गई एक और सीमेंट कंपनी, ऐसे मिलेगा फायदा
हिंडनबर्ग के प्रभाव से बाहर निकल चुके गौतम अडानी अब अपने सीमेंट कारोबार के विस्तार पर फोकस कर रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
गौतम अडानी (Gautam Adani) अपना सीमेंट कारोबार बढ़ाने की योजना पर तेजी से काम कर रहे हैं. उनके नेतृत्व वाले अडानी समूह (Adani Group) ने एक और सीमेंट कंपनी को अपना बना लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अडानी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट्स (Ambuja Cements) ने सांघी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Sanghi Industries Ltd) का अधिग्रहण पूरा कर लिया है. अंबुजा सीमेंट्स ने एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी है. इस खबर के बाद सांघी इंडस्ट्रीज और अंबुजा सीमेंट्स, दोनों के शेयरों में उछाल देखा गया.
छोटी कंपनियों पर है नजर
सांघी इंडस्ट्री के शेयर 5% के अपर सर्किट के साथ 129.25 रुपए पर बंद हुए. बीते पांच कारोबारी दिनों में इस शेयर ने 10.00% का रिटर्न दिया है. वहीं, Ambuja Cements की बात करें, तो ये शेयर 6.94% के उछाल के साथ 507.50 रुपए पर बंद हुआ था. पिछले 5 दिनों में इसने 17.34% का रिटर्न दिया है. गौरतलब है कि अंबुजा सीमेंट अडानी ग्रुप का ही हिस्सा है. कुछ वक्त पहले अडानी समूह ने अंबुजा और ACC को खरीदा था. अब समूह दूसरी छोटी सीमेंट एजेंसियों के अधिग्रहण की योजना पर काम कर रहा है, ताकि अपनी कुल क्षमता को बढ़ाया जा सकते. सांघी इंडस्ट्रीज के साथ डील इसी का हिस्सा है.
इतने करोड़ में हुई डील
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह डील 5185 करोड़ रुपए की एंटरप्राइज वैल्यू पर हुई है. इसके तहत अंबुजा सीमेंट्स ने सांघी इंडस्ट्रीज के 14 करोड़ शेयर खरीदे हैं. इसके साथ ही कंपनी में अंबुजा सीमेंट्स की हिस्सेदारी 54.51 प्रतिशत हो गई है. इससे पहले सांघी इंडस्ट्रीज की कमान रवि सांघी एंड फैमिली के पास थी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस अधिग्रहण के जरिए अडानी समूह 2028 तक 140 एमटीपीए सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी के लक्ष्य को समय से पहले हासिल कर सकता है. डील पर सहमति बनने पर अंबुजा सीमेंट्स के निदेशक करण अडानी (Karan Adani) ने कहा था कि सांघी इंडस्ट्रीज के वर्तमान उत्पादन को अगले दो सालों में बढ़कर 15 मिलियन टन सालाना किया जाएगा.
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यहां भी लगाया है दांव
हाल ही में खबर आई थी कि अडानी की नजर कर्ज के बोझ में दबी वदराज सीमेंट (Vadraj Cement) पर भी है. हालांकि, इस दौड़ में सज्जन जिंदल की कंपनी JSW सीमेंट और Arcelor Mittal Group भी शामिल हैं. इस कंपनी को इन्सॉलवेंसी और बैंकरप्सी कोड (IBC) की प्रक्रिया के तहत बेचा जाएगा. वदराज सीमेंट (Vadraj Cement) का इतिहास मुश्किलों से भरा रहा है. 2018 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने Beumer Technology India के बाकाया का भुगतान नहीं करने के लिए कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी. बताया जाता है कि अदालत वदराज सीमेंट की एसेट बेचने की प्रक्रिया से काफी निराश हो गई थी, इसलिए उसने कंपनी के कर्ज समाधान प्रक्रिया को आईबीसी को ट्रांसफर करने पर सहमति जताई. 4 सितंबर को हाई कोर्ट ने इस मामले को NCLT यानी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल को भेज दिया था. वदराज सीमेंट के ऊपर कुल 7000 करोड़ रुपए का कर्ज है.
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