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डॉलर में कमजोरी से रुपया मजबूत, 17 पैसे चढ़कर 95.56 प्रति डॉलर पर पहुंचा
अमेरिकी मुद्रा के मई के बाद के सबसे निचले स्तर पर आने और घरेलू शेयर बाजार में मजबूती से रुपये को मिला सहारा, अमेरिकी मौद्रिक नीति और ट्रेजरी के नए कदमों पर बाजार की नजर
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और घरेलू शेयर बाजार में तेजी के बीच भारतीय रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में 17 पैसे मजबूत होकर 95.56 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया. डॉलर मई के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है, जिससे भारतीय मुद्रा को मजबूती मिली. इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी के लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की पुनर्खरीद बढ़ाने के फैसले ने भी डॉलर पर दबाव बनाया.
95.57 पर खुला रुपया
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.57 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान 95.56 के स्तर तक पहुंच गया. यह पिछले बंद भाव के मुकाबले 17 पैसे की बढ़त है. बुधवार को रुपया मामूली रूप से मजबूत हुआ था और एक पैसे की बढ़त के साथ 95.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. हाल के कारोबारी सत्रों में रुपये पर दबाव बना हुआ था और इसकी विनिमय दर 95 रुपये प्रति डॉलर के आसपास बनी हुई थी.
डॉलर में गिरावट से रुपये को फायदा
गुरुवार को रुपये की मजबूती की प्रमुख वजह अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट रही. अमेरिकी ट्रेजरी ने लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की पुनर्खरीद बढ़ाने का फैसला किया है. इससे डॉलर पर दबाव बढ़ा है. इसके साथ ही निवेशक अमेरिकी मौद्रिक नीति के अगले कदमों का भी आकलन कर रहे हैं. फेडरल रिजर्व की ओर से आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद कम होने से भी डॉलर कमजोर हुआ है.
हालांकि, फेडरल रिजर्व की जुलाई में हुई बैठक के विवरण से पता चला है कि नीति निर्माता अभी भी महंगाई को लेकर चिंतित हैं. ऐसे में आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है.
घरेलू शेयर बाजार से भी मिला सहारा
भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार में आई तेजी ने भी रुपये को समर्थन दिया. घरेलू शेयर बाजार में मजबूती से भारतीय परिसंपत्तियों के प्रति निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है और स्थानीय मुद्रा की मांग को सहारा मिल सकता है. आने वाले कारोबार में रुपये की दिशा पर वैश्विक स्तर पर डॉलर की चाल, अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर उम्मीदें और घरेलू वित्तीय बाजारों की स्थिति का असर रहेगा.
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