होम / बिजनेस / डॉलर के मुकाबले रुपया 92.30 के पार, तेल और वैश्विक तनाव ने बढ़ाया दबाव

डॉलर के मुकाबले रुपया 92.30 के पार, तेल और वैश्विक तनाव ने बढ़ाया दबाव

रुपाए की गिरावट के पीछे वैश्विक तेल बाजार में आपूर्ति बाधाओं की चिंताएं थीं. ब्रेंट क्रूड 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago

भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गया, 92.30 के स्तर को पार करते हुए. यह गिरावट ब्रेंट क्रूड के 114 डॉलर प्रति बैरल पार जाने, मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार से पैसे निकालने के दबाव के कारण आई.

शुरुआती कारोबार में रुपाया कमजोर

शुरुआती कारोबार में रुपाया कमजोर रहा क्योंकि निवेशक मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल के चलते सतर्क हो गए. अमेरिकी डॉलर की मजबूती और भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी रुपये पर दबाव बढ़ाया.

वैश्विक तेल बाजार में उछाल

रुपाए की गिरावट के पीछे वैश्विक तेल बाजार में आपूर्ति बाधाओं की चिंताएं थीं. ब्रेंट क्रूड 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है. यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाड़ी क्षेत्रों में आपूर्ति में व्यवधान और महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों में जोखिम की वजह से आई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान सहित कई तेल उत्पादक देशों ने उत्पादन कम कर दिया क्योंकि ईरान के हमले के बाद स्ट्रेट ऑफ होरमुज बंद हो गया. इससे वैश्विक आपूर्ति में बड़े व्यवधान की आशंका बढ़ गई.

ब्रेंट क्रूड का मई फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 9:20 बजे इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर 115.77 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जो शुक्रवार के 92.69 डॉलर की बंद कीमत से लगभग 25% अधिक है. यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेल की बढ़ती कीमत "संयुक्त राज्य अमेरिका और दुनिया की सुरक्षा और शांति के लिए छोटा मूल्य" है.

तेल की कीमत बढ़ने से रुपये पर दबाव

तेल की कीमतें बढ़ने से रुपये पर दबाव बढ़ता है क्योंकि भारत अपनी जरूरत के 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है. तेल महंगा होने से आयात बिल बढ़ता है और डॉलर की मांग बढ़ती है. साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशक भी हाल के सत्रों में भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. विदेशी निवेशक जब स्थानीय संपत्ति बेचते हैं, तो वे रुपये को डॉलर में बदलते हैं, जिससे घरेलू मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है.

Geojit Investments Limited के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर के पार चला गया है, जिससे अर्थव्यवस्थाओं और बाजारों को बड़ा तेल झटका लगा है. भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को पश्चिम एशियाई संघर्ष लंबा चलता है और तेल की कीमतें ऊंची रहती हैं तो भारी नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि बाजार उच्च तेल कीमतों के मुद्रास्फीति प्रभाव को ध्यान में रखेंगे. चाहे तेल की बढ़ोतरी उपभोक्ताओं तक जाए या नहीं, मुद्रास्फीति निश्चित रूप से बढ़ेगी. उन्होंने यह भी बताया कि संघर्ष की अवधि सबसे बड़ा अनिश्चित कारक है, जो विदेशी निवेशक भावना को प्रभावित कर सकता है. FIIs ने थोड़े समय के खरीदारी के बाद फिर से भारत में आक्रामक बिक्री शुरू कर दी है.

कमजोर रुपये का असर

कमजोर रुपया भारत के लिए आयात की लागत बढ़ा देता है, खासकर कच्चे तेल जैसे वस्तुओं में. उच्च आयात लागत से मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ता है और उन सेक्टरों के लिए इनपुट लागत बढ़ती है जो आयातित कच्चे माल पर निर्भर हैं. हालांकि, घटती मुद्रा निर्यात-उन्मुख सेक्टरों के लिए लाभकारी हो सकती है, जैसे आईटी और फार्मास्यूटिकल कंपनियां, जो अपनी आय का बड़ा हिस्सा डॉलर में कमाती हैं.

विजयकुमार ने कहा कि इतिहास में भू-राजनीतिक झटके लंबी अवधि में बाजार पर सीमित असर डालते हैं. घरेलू उपभोक्ता आधारित सेक्टर जैसे बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम और सीमेंट अपेक्षाकृत सुरक्षित रह सकते हैं, जबकि रक्षा और फार्मा स्टॉक्स अस्थिरता के दौरान लचीले रह सकते हैं.

आगे का नजरिया

निवेशक आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और विदेशी निवेश प्रवाह पर करीब से नजर रखेंगे. अगर तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और विदेशी निवेशकों का पैसा बाहर जाता रहता है, तो रुपये पर दबाव जारी रह सकता है. हालांकि, यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है या तेल की कीमतें स्थिर होती हैं, तो रुपये को कुछ सहारा मिल सकता है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

S&P ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% किया, महंगाई बढ़ी तो RBI बढ़ा सकता है रेपो रेट

जून तिमाही में 7.8% की मजबूत GDP ग्रोथ के बाद रेटिंग एजेंसी ने बढ़ाया FY27 का अनुमान; मजबूत खपत, औद्योगिक गतिविधियों, निर्यात और सरकारी निवेश से अर्थव्यवस्था को मिला सहारा

56 minutes ago

PhonePe को UAE में दो पेमेंट लाइसेंस के लिए सैद्धांतिक मंजूरी, अंतरराष्ट्रीय विस्तार की ओर बढ़ी कंपनी

UAE के सेंट्रल बैंक ने रिटेल पेमेंट सर्विसेज और कार्ड स्कीम्स तथा स्टोर्ड वैल्यू फैसिलिटीज के लिए दी इन-प्रिंसिपल अप्रूवल; कारोबार शुरू करने से पहले लेनी होगी अंतिम मंजूरी

1 hour ago

सिर्फ कॉल-SMS चाहिए तो नहीं देना होगा डेटा का पैसा, TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को दिया नया निर्देश

30 दिन तक की वैधता वाले वॉइस और SMS-ओनली प्लान लाना होगा, कम डेटा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों और दूसरी सिम रखने वालों को मिल सकता है फायदा

2 hours ago

HDFC बैंक के मुनाफे की राह में फंडिंग कॉस्ट बनी चुनौती, CASA में Axis बैंक से 600 बेसिस पॉइंट पीछे

ICICI सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, डिपॉजिट जुटाने की लागत अब बैंकों के लिए बड़ा अंतर पैदा करने वाला कारक बन रही है. कम फंडिंग कॉस्ट से बैंकों को मार्जिन बनाए रखने और कर्ज कारोबार बढ़ाने में मदद मिलती है

2 hours ago

अडानी ग्रुप की 5 कंपनियों ने सेबी के साथ निपटाया मामला, चुकाए 1.5 करोड़ रुपये

सेबी के मौजूदा निपटान आदेश में जिन मामलों का निपटारा किया गया है, वे संबंधित पक्ष लेनदेन के खुलासे और ऑडिट रिपोर्ट से जुड़े कथित अनुपालन उल्लंघनों पर केंद्रित हैं.

4 hours ago


बड़ी खबरें

अडानी ग्रुप की 5 कंपनियों ने सेबी के साथ निपटाया मामला, चुकाए 1.5 करोड़ रुपये

सेबी के मौजूदा निपटान आदेश में जिन मामलों का निपटारा किया गया है, वे संबंधित पक्ष लेनदेन के खुलासे और ऑडिट रिपोर्ट से जुड़े कथित अनुपालन उल्लंघनों पर केंद्रित हैं.

4 hours ago

Tata Sierra Dark Edition की कीमत ₹13.99 लाख से शुरू, ब्लैक एक्सटीरियर के साथ मिलेंगे ये फीचर्स

Tata Sierra Dark Edition को छह वेरिएंट में पेश किया गया है, जबकि इंजन और गियरबॉक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

29 minutes ago

S&P ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% किया, महंगाई बढ़ी तो RBI बढ़ा सकता है रेपो रेट

जून तिमाही में 7.8% की मजबूत GDP ग्रोथ के बाद रेटिंग एजेंसी ने बढ़ाया FY27 का अनुमान; मजबूत खपत, औद्योगिक गतिविधियों, निर्यात और सरकारी निवेश से अर्थव्यवस्था को मिला सहारा

56 minutes ago

PhonePe को UAE में दो पेमेंट लाइसेंस के लिए सैद्धांतिक मंजूरी, अंतरराष्ट्रीय विस्तार की ओर बढ़ी कंपनी

UAE के सेंट्रल बैंक ने रिटेल पेमेंट सर्विसेज और कार्ड स्कीम्स तथा स्टोर्ड वैल्यू फैसिलिटीज के लिए दी इन-प्रिंसिपल अप्रूवल; कारोबार शुरू करने से पहले लेनी होगी अंतिम मंजूरी

1 hour ago

HDFC बैंक के मुनाफे की राह में फंडिंग कॉस्ट बनी चुनौती, CASA में Axis बैंक से 600 बेसिस पॉइंट पीछे

ICICI सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, डिपॉजिट जुटाने की लागत अब बैंकों के लिए बड़ा अंतर पैदा करने वाला कारक बन रही है. कम फंडिंग कॉस्ट से बैंकों को मार्जिन बनाए रखने और कर्ज कारोबार बढ़ाने में मदद मिलती है

2 hours ago