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इन्फ्लेशन में आई गिरावट, अनुमान से काफी कम रहा आंकड़ा!

सब्जी के दामों में आई भारी गिरावट की वजह से सितंबर के महिने में भारत का रिटेल इन्फ्लेशन कम होकर 5.02% पर पहुंच गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

कोविड के बाद से ही जहां पूरी दुनिया में अनिश्चितता बनी हुई है वहीं दूसरी तरफ भारतीय इकॉनमी लगातार काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही है. अब रिटेल इन्फ्लेशन को लेकर एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. माना जा रहा है कि सितंबर 2023 के दौरान भारत का रिटेल इन्फ्लेशन कम होकर मात्र 5.02% पर पहुंच गया है.

इन्फ्लेशन में आई गिरावट
स्टेटिस्टिक्स मंत्रालय द्वारा जारी किये गए डेटा की मानें तो सब्जी के दामों में आई भारी गिरावट की वजह से सितंबर के महिने में भारत का रिटेल इन्फ्लेशन कम होकर 5.02% पर पहुंच गया है. डेटा के अनुसार एक तरफ जहां रिटेल इन्फ्लेशन में कम्मी आई है, वहीं दूसरी तरफ सितंबर के दौरान CPI (कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) इन्फ्लेशन में 181 बेसिस पॉइंट्स की कमी देखने को मिली है जबकि अगस्त में यह 6.83% हुआ करता था. आपको बता दें कि यहां एक बेसिस पॉइंट्स का मतलब 1 प्रतिशत पॉइंट का सौंवा हिस्सा होता है. 5.02% के स्तर पर CPI इन्फ्लेशन उम्मीदों से कहीं ज्यादा नीचे है. ज्यादातर इकोनॉमिस्ट का मानना था कि सालाना आधार पर सितंबर में CPI 5.4% जितना बढ़ सकता है. 

RBI के अनुमान से भी कम
दूसरी तरफ 6 अक्टूबर को भारत के केंद्रीय बैंक RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) द्वारा जारी किये गए लेटेस्ट फोरकास्ट की मानें तो पिछले महीने इन्फ्लेशन के 4.8 से 5% रहने के आसार जताए गए थे. हालांकि इन्फ्लेशन केंद्रीय बैंक द्वारा सुझाए गए 2-6% के स्तर पर वापस पहुंच गए हैं लेकिन आपको बता दें कि पिछले लगातार 4 सालों से यह अपने मीडियम-टर्म टारगेट से ज्यादा ऊपर है. आपको बता दें कि बैंक द्वारा मीडियम-टर्म टारगेट के तौर पर 4% के स्तर को तय किया गया है.  

अभी कम नहीं हुई हैं चुनौतियां
जहां एक तरफ भारतीय इकॉनमी काफी अनिश्चितताओं के बाद भी काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही है वहीँ दूसरी तरफ इजराइल और हमास के बीच लड़ा जा रहा युद्ध (Israel-Hamas War) भारतीय इकॉनमी के लिए एक नयी चुनौती के रूप में सामने आया है. साथ ही, रूस और यूक्रेन के बीच भी अभी युद्ध जारी है और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है जिसकी वजह से इन्फ्लेशन का खतरा अभी दूर होता दिखाई नहीं दे रहा है. 
 

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