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जिन 'जानलेवा' कफ सिरप पर उठे सवाल, उसे बनाने वाली कंपनी का रिएक्शन आया; जानें क्या कहा
WHO का कहना है कि इन दवाओं में निर्धारित सीमा से अधिक डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
पश्चिम अफ्रीकी देश गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत को लेकर सवालों के घेरे में आई भारतीय दवा कंपनी मेडिन फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड सरकार के निर्देशों का इंतजार कर रही है. इस बीच, यह भी सामने आया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कंपनी के जिन 4 काफ सिरप को लेकर अलर्ट जारी किया है, वो भारत में नहीं बिकते. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी आगे की कार्रवाई के लिए भारत सरकार के निर्देशों का इंतजार कर रही है और उसने संकेत दिया है कि सरकार के कहने पर वह अपने उत्पादों को वापस बुला सकती है.
दावा - नहीं है मौत का जिक्र
एक रिपोर्ट में मेडिन फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के निदेशक विवेक गोयल के हवाले से बताया गया है कि कंपनी को सरकार की तरफ से अभी कोई निर्देश नहीं मिला है. हम सरकार के विश्लेषण परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. WHO की रिपोर्ट में किसी मौत की जानकारी नहीं है. वहीं, भारतीय दवा नियामक भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने भी WHO से मामले की विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है. गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कंपनी के 4 कफ सिरप को लेकर अलर्ट जारी किया है. WHO का कहना है कि खांसी दूर करने वाले इन कफ सिरप से किडनी में जख्म हो जाते हैं. उसने आशंका जताई है कि गाम्बिया में हुई 66 बच्चों की मौत के लिए भी ये कफ सिरप जिम्मेदार हो सकते हैं.
केवल गाम्बिया गए थे सिरप
वहीं, एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि फार्मा कंपनी मेडिन के जिन कफ सिरप पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वो भारत में नहीं मिलते. उन्हें केवल विदेशों में एक्सपोर्ट किया जाता है. रिपोर्ट में ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स का भी जिक्र है. जिसका कहना है कि ये दवाएं भारत में कहीं भी नहीं बेची जा रहीं. इंडियन ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि मेडिन उनके एसोसिएशन की सदस्य नहीं है. रिपोर्ट में कुछ अधिकारियों के हवाले से बताया गया है अब तक दवाओं का एक्सपोर्ट केवल पश्चिम अफ्रीका में गाम्बिया को किया गया था. ऐसे मामलों में, आयात करने वाले देश को बाजार में बिक्री की इजाजत देने से पहले दवाओं का क्वालिटी चेक कराना जरूरी होता है. यह देखने वाली बात होगी कि क्या ऐसा किया गया था?
क्या हैं WHO के आरोप?
WHO की तरफ से बताया गया है कि कफ सिरप Promethazine Oral Solution, Kofexmalin Baby Cough Syrup, Makoff Baby Cough Syrup और Magrip N Cold Syrup में घातक केमिकल शामिल हैं. इन दवाओं की शिकायत सितंबर में की गई थी. जांच में पता चला है कि इन दवाइयों में निर्धारित सीमा से अधिक डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल हैं. यह दोनों रसायन मानव शरीर के लिए घातक और जानलेवा साबित हो सकते हैं. WHO की मेडिकल प्रोडक्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रयोगशाला में हुई जांच के दौरान मेडिन फार्मास्यूटिकल्स के कफ और कोल्ड सिरप में जरूरत से ज्यादा डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा पाई गई है, जो अस्वीकार्य है.
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