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Reliance-Disney समझौते का असर टेलीकॉम सेक्‍टर तक जा सकता है: रिपोर्ट 

Diet की रिपोर्ट में कई पहलुओं पर रोशनी डाली गई है. इसमें बताया गया है कि एक ओर जहां आने वाले समय में ओटीटी कंटेट फ्री हो सकता है वहीं टीवी पर भी इस डील का असर पड़ सकता है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अमेरिका की बड़ी मनोरंजन कंपनी वॉल्‍ट डिज्‍नी और रिलायंस के बीच डिज्‍नी की भारत की हिस्‍सेदारी खरीदने को लेकर समझौता होने वाला है. माना जा रहा है कि ये डील 10 बिलियन डॉलर की हो सकती है. लेकिन इसे लेकर सामने आई Diet की एक रिपोर्ट बता रही है कि अगर ये समझौता होता है तो इसका पूरी ओटीटी इंडस्‍ट्री पर क्‍या असर पड़ सकता है. इससे जहां भारत में ओटीटी बाजार के एकीकरण का खतरा पैदा हो जाएगा वहीं ग्‍लोबल ओटीटी के लिए भी चिंता बढ़ सकती है. रिपोर्ट ये भी कहती है कि ये जी सोनी मर्जर के लिए भी फायदे की स्थिति होगी. रिपोर्ट में इस डील के होने से अलग-अलग क्षेत्रों पर पड़ने वाले 6 असर को लेकर बताया गया है. 

वीडियो ओटीटी का एकीकरण
रिपोर्ट कहती है कि हमारे मूल्यांकन के अनुसार, जियो सिनेमा/हॉटस्टार का एवीओडी (एडवरटाइजिंग वीडियो ऑन डिमांड) बाजार में शेयर लगभग 37 प्रतिशत हो जाएगा. इसमें जियो की भागीदारी 28 प्रतिशत है जबकि हॉटस्‍टार की भागीदारी 9 प्रतिशत है. वहीं दूसरी ओर अगले महीने होने वाले जी सोनी मर्जर के बाद उनकी बाजार की भागीदारी 12 प्रतिशत से कम है तो ऐसे में दो बड़े प्‍लेयरों की हिस्‍सेदारी कोई 45 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी.  इसमें आईपीएल भी शामिल है. Zee-Sony के विलय के बाद, विलिन ओटीटी व्यवसायों के संयुक्त एवीओडी बाजार में हिस्सेदारी लगभग 12% तक पहुंच सकती है.

इसका मतलब हो सकता है कि दो एवीओडी बाजार में लगभग 45% से अधिक हिस्सेदारी रख सकते हैं. ओटीटी बाजार के 60 प्रतिशत हिस्‍सेदारी के साथ ये बाजार और तेजी से आगे बढ़ सकता है. आगे चलकर जियो सिनेमा प्रीमियम सामाग्री फ्री में प्रदान कर सकता है.  इससे दूसरे ओटीटी प्‍लेयरों पर दबाव पड़ सकता है जिससे वो अधिग्रहण/साझेदारी का सहारा ले सकते हैं. इस तरह भारत का ओटीटी बाजार एकीकरण की तरफ आगे बढ़ सकता है. 

टीवी पर भी हो सकता है एकीककरण 
अभी अगर देखा जाए तो डिज्‍नी और टीवी 18 की हिस्‍सेदारी 34% / 11 % है. ये आंकड़े 2022 के हैं. अगर अगले महीने जी सोनी मर्जर हो जाता है तो दोनों का संयुक्‍त मार्केट शेयर 23 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा. इससे टीवी इंडस्‍ट्री में भी एकीकरण हो सकता है. यही नहीं विज्ञापन मूल्‍य निर्धारण में भी इसका असर पड़ सकता है. नए टैरिफ ऑर्डर के बाद डिज्‍नी स्‍टार प्‍लस, टीवी 18 कलर्स, मार्केट लीडर हैं. इनकी हिस्‍सेदारी देखें तो ये 25%/18% है. 

जी सोनी मर्जर के लिए होगी विन-विन सिचुएशन
जी सोनी मर्जर के बाद दोनों की मार्केट वैल्‍यू 7.2 बिलियन डॉलर तक जा पहुंचेगी. इसमें दोनों का टीवी और ओटीटी दोनों तरह का बिजनेस शामिल है. वहीं डिज्‍नी के टीवी और ओटीटी की ज्‍वॉइंट संपत्ति की वैल्‍यू 10 अरब डॉलर वैल्‍यू होती है तो बड़ी संभावना है कि जी सोनी की वैल्‍यू भी 7.2 अरब डॉलर हो सकती है. Zee/Sony की टीवी/ओटीटी बाजार में हिस्सेदारी 25%/15% है, जो कि Disney की हिस्सेदारी से काफी कम है, जिसमें आईपीएल के बाद 33%/12% होता है.

लेकिन Zee-Sony को Disney के संबंध में मूल्यमान की तुलना में प्रीमियम कमांड कर सकता है - पिछले चार सालों में दोनों कंपनियों की औसत EBITDA मार्जिन के रूप में Zee-Sony के पास प्रीमियम EBITDA मार्जिन है, जिसमें ~21% है, जबकि डिज़्नी इंडिया के लिए धीमा मार्जिन है (~4% EBITDA मार्जिन, हॉटस्टार की हानियों को छोड़ दिया जाए). यह और भी हमारे दृष्टिकोण के साथ मेल खाएगा कि Zee-Sony मर्जर यूनिट INR 340 की वैल्‍यू प्राप्त कर सकती है. 

टेलीकॉम में भी बढ़ सकता है दबदबा
2016 से टेलीकॉम और ओटीटी प्‍लेटफॉर्म की एक दूसरे पर निर्भरता बढ़ गई है. टेलीकॉम कंपनियों ने ग्राहकों को बनाए रखने के लिए ओटीटी का सहारा लिया है. ओटीटी कंपनियां टेलीकॉम प्‍लेटफॉर्म के साथ मिलकर अपना ग्राहक बेस बढ़ाने में लगी हुई हैं. रिलायंस डिज्‍नी समझौते के बाद जियो के कंटेट को और बेहतर बनाया जा सकता है. जबकि डिज्‍नी की ओटीटी पेशकश में विदेशी फिल्‍में वेब सीरिज खेल सामाग्री और टीवी सामाग्री जैसी चीजें उसके कंटेट में शामिल हैं. इस सौदे से भारती एयरटेल भी प्रभावित हो सकता है. 

टेलीविजन/डिजिटल की कॉस्‍ट में हो सकती है कमी

टेलीविजन की कॉस्‍ट में प्रति वर्ष 7-15% की वृद्धि हुई है, जबकि सामग्री की प्रकृति के आधार पर यह तब भी हुआ है, जबकि टीवी उद्योग की CAGR FY19-23  ~1% की धीमी हो रही है. खेलों के मामले में भी, टीवी के लिए सामग्री लागत कम हो सकती है, क्योंकि बोली में भाग लेने वाले कम प्लेटफार्म हो सकते हैं. डिज्‍नी-जियो के साथ मिलकर, डिजिटल में सामग्री कॉस्‍ट की वृद्धि कम हो सकती है, जो ओटीटी व्यापार को बेहतर बना सकता है. 

ओटीटी उद्योग की विकास दर में अभिसरण
जियो सिनेमा आने वाले समय में प्रीमियम सामग्री मुफ्त प्रदान कर सकता है. इससे ओटीटी में एसवीओडी रेवेन्‍यू ग्रोथ के रूप में कम वृद्धि देखी जा सकती है. जियो सिनेमा-डिज्नी की बड़ी सामग्री विविधता है. इससे ग्‍लोबल ओटीटी दिग्गजों पर दबाव पड़ सकता है. इसके अलावा, Jio पर उनकी अत्यधिक निर्भरता पूरे इकोसिस्‍टम से जुड़ी सौदेबाजी की शक्ति को प्रभावित कर सकती है. 
 


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