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रेपो रेट में कटौती से रियल एस्टेट सेक्टर करेगा बूम, होम बायर्स को होगा लाभ

RBI ने 5 साल बाद रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कमी कर इसे 6.25% कर दिया है. इससे होम लोन सस्ते होंगे, जिससे लाखों लोगों की EMI कम होगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

बजट 2025 की घोषणआ के बाद, अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे न केवल होम बायर्स, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर को भी बड़ी राहत मिलने की संभावना है. दरअसल, आरबीआई ने 5 साल बाद रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कमी कर इसे 6.25% कर दिया है. इससे होम लोन सस्ते होंगे, जिससे लाखों लोगों की ईएमआई कम होगी और रियल एस्टेट बाजार में मांग को बढ़ावा मिलेगा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस निर्णय से बाजार में स्थिरता आएगी और रियल एस्टेट क्षेत्र में गति आएगी. तो आइए जानते हैं इस फैसले को लेकर रियल एस्टेट सेक्टर से क्या प्रतिक्रिया आई है?

रेपो रेट में कमी का हाउसिंग सेक्टर पर सकारात्मक असर 

आरबीआई के 25 बेसिस प्वाइंट्स द्वारा रेपो रेट में की गई कमी का हाउसिंग सेक्टर पर प्रभाव, हाल ही में घोषित यूनियन बजट के तहत टैक्स लाभों के साथ जुड़ा हुआ है. इस प्रकार, यह निस्संदेह घर खरीदारों, विशेष रूप से किफायती आवास खरीदारों के लिए एक बड़ा कदम है. कई पहले बार घर खरीदने वाले, जो संकोच कर रहे थे, अब इस कदम को उठाने की संभावना रखते हैं क्योंकि होम लोन रेट्स में कमी आएगी - बशर्ते बैंक खरीदारों को प्रमुख लाभ समय पर पास करें. कम होम लोन दरें समग्र सकारात्मक उपभोक्ता भावना को सहायता प्रदान कर सकती हैं. पिछले एक साल में टॉप 7 शहरों में आवास कीमतों में वृद्धि को देखते हुए, यह राहत समय पर और स्वागत योग्य है. ANAROCK रिसर्च के अनुसार, 2024 में टॉप 7 शहरों में औसत आवास कीमतों में 13-30% तक वृद्धि हुई, जिसमें NCR ने 30% की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की. 2023 के अंत में टॉप 7 शहरों में औसत कीमतें लगभग INR 7,080 प्रति वर्ग फीट थीं, जबकि 2024 के अंत में यह बढ़कर लगभग INR 8,590 प्रति वर्ग फीट हो गईं - यानी सालाना औसतन 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. कमर्शियल रियल एस्टेट, विशेष रूप से ऑफिस स्पेस, व्यवसायों के लिए कम उधारी लागत से भी लाभान्वित हो सकता है, और कम दरें REITs को भी आकर्षक बनाती हैं, क्योंकि निवेशक गिरती ब्याज दरों के माहौल में स्थिर रिटर्न की तलाश करते हैं. हालांकि, महंगाई अभी जैसी बनी रहती है, तो बढ़ती संपत्ति कीमतों के कारण दर में कमी उतनी प्रभावी नहीं हो सकती. साथ ही, यह देखा जाना बाकी है कि क्या बैंक समय पर और निर्बाध तरीके से उधारकर्ताओं को पूरा लाभ प्रदान करेंगे.

-अनुज पुरी, चेयरमैन,  ANAROCK ग्रुप

कटौती से मिला सकारात्‍मक संकेत
आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कटौती बहुत ही सकारात्मक कदम है. आम जनता के अनुकूल बजट के बाद यह 25 बीपीएस की कटौती अर्थव्यवस्था में अच्छा प्रभाव डालेगी. इनकम टैक्स में छूट, दूसरे घर और किराये की आमदनी पर कर रियायत के साथ, यह न केवल बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ाएगी बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश की संभावनाओं को भी मजबूत करेगी. इस फैसले से आने वाली तिमाही में भी यह रुझान जारी रहने की उम्मीद है. उधर, काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर, अमित मोदी का कहना है कि आरबीआई द्वारा रेपो रेट को 25 बीपीएस घटाकर 6.25% करने का फैसला रियल एस्टेट सेक्टर के लिए राहत देने वाला है. इस फैसले की असली अहमियत सिर्फ दर घटाने में नहीं, बल्कि केंद्रीय बैंक के रुख में बदलाव में है. यह पिछले पांच सालों में पहली बार हुआ है. यह न केवल आरबीआई के दृष्टिकोण में नरमी को दर्शाता है, बल्कि बाजार में सकारात्मक विश्वास पैदा करता है. इससे हमें उम्मीद है कि भविष्य में और भी ऐसी कटौतियां देखने को मिल सकती हैं.

-मनोज गौड़, चेयरमैन  क्रेडाई नेशनल और सीएमडी गौड़ ग्रुप  

अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम 
रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती करके इसे 6.25% करना अर्थव्यवस्था खासकर रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक कदम है. नीति दर में इस बदलाव से उधार लेने की लागत कम होने की उम्मीद है, जिससे डेवलपर्स और घर खरीदने वाले दोनों को लाभ होगा. डेवलपर्स को कम उधार दरों के माध्यम से वित्तीय राहत मिलेगी, जिससे परियोजना निष्पादन में आसानी होगी और निर्माण लागत को प्रबंधनीय बनाए रखा जा सकेगा. घर खरीदने वालों के लिए, रेपो दर में यह कमी घर के लोन की ईएमआई में कमी लाएगी, जिससे घर खरीदना आसान हो जाएगा. इससे खरीदारों की भावना फिर से जागृत हो सकती है और रेजिडेंशियल और कमर्शियल  रियल एस्टेट दोनों बाजारों में मांग बढ़ सकती है. कुल मिलाकर, समय पर किया गया यह हस्तक्षेप रियल एस्टेट क्षेत्र में वृद्धि का समर्थन करेगा, निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगा और प्रॉपर्टी के मूल्यों में स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा. यह कदम राजकोषीय अनुशासन सुनिश्चित करते हुए आर्थिक गतिविधि को प्रोत्साहित करने के सरकार के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है, और यह कंजूमर और इंडस्ट्री दोनों के लिए अनुकूल दृष्टिकोण प्रदान करता है.

-मानिक मलिक, सीएफओ, बीपीटीपी 

बाजार में बढ़ेगी हाई-एंड आवास की मांग
आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 25 बीपीएस की कटौती करके इसे 6.25% करने का फैसला प्रीमियम रियल एस्टेट सेगमेंट के लिए एक स्वागत योग्य कदम है. लगातार 11 बार रेट होल्ड करने के बाद, इस कटौती से होम लोन को और अधिक किफायती बनाकर आवास की मांग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. कम उधारी लागत से लग्जरी घर खरीदने वालों और निवेशकों के लिए अफोर्डिबिलिटी बढ़ेगी, जिससे हाई-एंड आवास की बाजारों में मांग बढ़ेगी. यह रेट कटौती, एमपीसी के तटस्थ रुख के साथ मिलकर स्थिरता का संकेत देती है, जिससे एचएनआई और एनआरआई रणनीतिक निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं. हम एक डेवलपर के रूप में कम वित्तपोषण लागत से भी लाभान्वित हो सकते हैं, जिससे परियोजना का तेजी से निष्पादन संभव होगा. हम लग्जरी हाउसिंग सेक्टर में, खासकर मेट्रो शहरों में, नए सिरे से गति की उम्मीद करते हैं, क्योंकि कम ईएमआई और आकर्षक वित्तपोषण विकल्प खरीदार का विश्वास बढ़ाते हैं. 
-मोहित अग्रवाल, बिजनेस हेड, कॉन्शिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड

प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगे लोग
आरबीआई द्वारा पॉलिसी रेपो रेट को 25 आधार अंकों से घटाकर 6.25% करने का फैसला रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बेहद सकारात्मक कदम है. लगातार 11 बार रेट होल्ड करने के बाद, यह कटौती होम लोन को और अधिक किफायती बनाकर हाउसिंग डिमांड को बहुत जरूरी बढ़ावा देगी. कम ब्याज दरों का मतलब है कि ईएमआई कम होगी, घर खरीदने वालों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और अधिक लोग प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगे. आवास और आय समूहों के सभी क्षेत्रों में होम लोन अधिक किफायती होंगे। इसके अतिरिक्त, यह लिक्विडिटी संबंधी चिंताओं को कम करेगा, जिससे डेवलपर्स को बेहतर शर्तों पर वित्तपोषण प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जिससे प्रोजेक्ट पूरा होने और नए लॉन्च में और तेजी आएगी. 
-सुदीप भट्ट, स्ट्रैटेजी डायरेक्टर, व्हाइटलैंड कॉरपोरेशन 

आरबीआई का कदम बेहद सराहनीय
केंद्रीय बैंक का यह कदम बेहद सराहनीय है. मुद्रास्फिति को नियंत्रित करने के साथ ही बाजार को बढ़ावा देने की पहल आरबीआई की ओर से की गई है. फरवरी का पहला हफ्ता मार्केट खास तौर पर रियल एस्‍टेट के लिए बेहद सकारात्‍मक संकेत लेकर आया है. ग्रुप 108 के एमडी डॉ. अमिष भूटानी ने कहा कि बीते लंबे समय से यह उम्‍मीद जताई जा रही थी कि आरबीआई रेपो रेट में कटौती करेगा. बजट के बाद अब आरबीआई ने 25 बेसिस प्‍वाइंट्स की जो कटौती की है, यह न केवल डेवलपर्स बल्कि निवेशकों के लिए भी बेहद सकारात्‍मक है. इससे मार्केट सेंटीमेंट्स और बेहतर होंगे और आने वाले समय में कमर्शियल और रेजीडेंशियल दोनों रियल एस्‍टेट मार्केट में तेजी देखी जाएगी.

-संजय शर्मा, डायरेक्‍टर, एसकेए ग्रुप

पांच साल बाद हुई इस प्रकार की कटौती
कहा कि पांच साल बाद आरबीआई की ओर से रेपो रेट में कटौती का निर्णय लिया बेहद सकारात्‍मक कदम है. यह न सिर्फ होम बायर्स को राहत देगा बल्कि रियल एस्‍टेट मार्केट के साथ ही इकोनॉमी को बूस्‍ट करने का भी काम करेगा. 25 बेसिस प्‍वाइंट्स की कटौती से साफ है कि आरबीआई देश की इकोनॉमी को बूस्‍ट देना चाहता है. रॉयल एस्‍टेट ग्रुप के एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर पियूष कंसल का कहना है कि आरबीआई द्वारा की गई दर कटौती और केंद्रीय बजट 2025 में किए गए संरचनात्मक सुधार, रियल एस्टेट सेक्टर के आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों को प्रोत्साहित करेंगे. जैसे-जैसे सरकार और आरबीआई निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल होंगे और वित्तपोषण लागत कम होगी, हम रियल एस्टेट में घरेलू और विदेशी निवेश में वृद्धि की उम्मीद करते हैं, जिससे यह क्षेत्र और अधिक सशक्त होगा.

-अजेंद्र सिंह, वाइस प्रेजीडेंट सेल्‍स व मार्केटिंग स्‍पेक्‍ट्रम मेट्रो

सस्‍ता कर्ज सभी के लिए बेहतर
पांच साल बाद रेपो रेट में कटौती से साफ है कि RBI अब आर्थिक बढ़त और वित्तीय स्थिरता चाहता है. इस फैसले से कर्ज सस्ता होगा, जिससे खरीदारी और निवेश बढ़ेगा. बजट में किए गए उपायों के साथ मिलकर यह कदम बाजार में मांग बढ़ाने, बिजनेस को आगे बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगा. ओकस ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रकाश मेहता कहते हैं, आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती कर इसे 6.25% करने का निर्णय, जो कि जन-हितैषी बजट के तुरंत बाद लिया गया है, इससे बोररोवर को राहत मिलने और नए इन्वेस्टमेंट को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है.

-सौरभ सहारण, ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर, एचसीबीएस डेवलपमेंट्स

निवेश को मिलेगा बढ़ावा
25 आधार अंकों की दर में कटौती के साथ, आरबीआई ने अधिक अनुकूल ऋण माहौल सुनिश्चित करते हुए आर्थिक समर्थन का एक मजबूत संदेश दिया है. यह कदम हालिया बजटीय उपायों के साथ ही पूंजी प्रवाह को बढ़ाने, खरीदार की भावना को मजबूत करने और प्रमुख क्षेत्रों में विकास को उत्प्रेरित करने के लिए तैयार है. सनड्रीम ग्रुप के सीईओ, हर्ष गुप्ता कहते हैं कि रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती एक अच्छा कदम है, जो बाजार में भरोसा बढ़ाएगा. छोटी सी कमी भी उपभोक्ताओं के आत्मविश्वास को मजबूत कर सकती है, घर खरीदने के फैसले को बढ़ावा दे सकती है और रियल एस्टेट में निवेश को प्रोत्साहित कर सकती है. 

-यश मिगलानी, एमडी, मिग्‍सन ग्रुप

छोटे शहरों के लोगों को भी मिलेगा लाभ
रेपो रेट में 25 बीपीएस की कटौती का रियल एस्टेट सेक्टर पर बड़ा असर पड़ेगा. इससे न सिर्फ डेवलपर्स के लिए लोन सस्ता होगा, बल्कि खरीदारों की दिलचस्पी भी बनी रहेगी. खासतौर पर, इससे प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त में तेजी आ सकती है, खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में, जहां किफायती दाम और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के मुख्य कारक हैं. लैंडमार्क ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन,संदीप छिल्लर का कहना है कि आरबीआई की यह सक्रिय दर कटौती और बजट 2025 में किए गए ऐलान रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक माहौल बना रहे हैं. कम ब्याज दरों से पहली बार घर खरीदने वालों की ईएमआई घटेगी, जिससे घर खरीदना और आसान हो जाएगा.

-मानित सेठी, डायरेक्टर, एक्सेंशिया इंफ्रा

घर खरीदारों और निवेशकों को होगा फायदा

आरबीआई एमपीसी ने 25 आधार अंकों की कटौती के साथ रेपो दर को 6.25% कर दिया है. इस निर्णय से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे उधार लेने की लागत और कम होगी. होम लोन और ईएमआई भी कम हो जाएंगे, जिससे संभावित घर खरीदारों और निवेशकों के लिए लोन अधिक आकर्षक हो जाएंगे. रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए, यह एक स्वागत योग्य कदम है, जो पूरे बाजार में एक स्थिर विकास को बढ़ावा देगा.

-गौरव के सिंह, फाउंडर एंड चेयरमैन, वोमेकी ग्रुप


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