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भारत के प्रत्यक्ष बिक्री कारोबार में रिकॉर्ड वृद्धि, 2023-24 में 4.4% की बढ़ोतरी, बिक्री 22 हजार करोड़ के पार
भारत के प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग की निरंतर वृद्धि और विस्तार ने इसे एक महत्वपूर्ण स्वरोजगार क्षेत्र बना दिया है. इसमें सभी श्रेणियों में वैलनेस एंड न्यूट्रस्यूटिकल्लस उत्पादों का कुल बिक्री मे दबदबा बरकरार रखा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत का प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है. वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान 4.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ इसका कारोबार 22,142 करोड़ रुपये तक पहुँच गया, जो 2022-23 में 21,282 करोड़ रुपये था. इस सफलता के बारे में जानकारी इंडियन डायरेक्ट सैलिंग एसोसिएशन (IDSA) की एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में दी है. मंगलवार को दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आईडीएसए द्वारा आयोजित डायरेक्ट सेलिंग ग्रोथ समिट 2025 में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने इस रिपोर्ट का अनावरण किया. इस मौके पर आईडीएसए से जुड़कर डायरेक्ट सेलिंग कर रही कुछ महिला उद्यमियों को अवॉर्ड देकर सम्मानित भी किया गया. तो आइए इस वित्तीय रिपोर्ट पर एक नजर डालते हैं.
सर्वेक्षण रिपोर्ट: उद्योग में सुधार और विकास की दिशा
आईडीएसए के नॉलेज पार्टनर आईपीएसओएस द्वारा संकलित इस सर्वेक्षण रिपोर्ट को केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने एक कार्यक्रम में जारी किया. रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग के सभी क्षेत्रों में व्यापक सुधार देखा गया है। 2022-23 के मुकाबले कुल बिक्री में लगभग 860 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है, और 2019-20 के 16,800 करोड़ रुपये से बढ़ते हुए 2023-24 में इस उद्योग की औसत विकास दर (CAGR) 7.15 प्रतिशत रही है.
उत्तरी क्षेत्र सबसे आगे
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कुल बिक्री में उत्तरी क्षेत्र की 29.8 प्रतिशत की हिस्सेदारी सबसे अधिक है. इसके बाद पूर्वी (24.2%), पश्चिमी (22.4%), दक्षिणी (15.3%) और पूर्वोत्तर क्षेत्र (8.3%) का योगदान रहा. राज्यों के लिहाज से, महाराष्ट्र की कुल बिक्री में 13 प्रतिशत हिस्सेदारी है, इसके बाद पश्चिम बंगाल (11.3%), उत्तर प्रदेश (10%), बिहार (6.2%) और कर्नाटक (6.7%) का स्थान है.
प्रमुख उत्पाद श्रेणियां
वेलनेस और न्यूट्रास्युटिकल उत्पाद लगातार उपभोक्ताओं की प्राथमिकता बने हुए हैं, जो कुल कारोबार का 64.15 प्रतिशत हैं. सौंदर्य प्रसाधन और व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद दूसरे स्थान पर हैं, और घरेलू उत्पाद तीसरे स्थान पर हैं. इन तीनों श्रेणियों का कुल कारोबार में 91 प्रतिशत हिस्सा है, जो प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग की प्रमुख दिशा को दर्शाता है.
विक्रेताओं की संख्या में वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान दो लाख नए प्रत्यक्ष विक्रेता इस कारोबार से जुड़े, जिससे कुल संख्या 86 लाख से बढ़कर 88 लाख हो गई है. महिला विक्रेताओं की हिस्सेदारी भी 37 प्रतिशत से बढ़कर 44 प्रतिशत हो गई है, जो इस उद्योग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को प्रदर्शित करता है.
सरकार की प्रतिबद्धता और रणनीतिक पहलें
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग की सराहना की, खासकर स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए. उन्होंने कहा कि डायरेक्ट सेलिंग में मुझे लगता है, कमोबेश हर घर परिवार में किसी न किसी का एक रिश्तेदार रहता ही है और यह आंकड़ा बहुत बड़ा है, 8 मिलियन लोग डायरेक्ट सेलिंग से जुड़ चुके हैं. उन्होंने आगे कहा कि यह गौरव की बात है कि महिलाएं, जो शायद कभी बिजनेस के बारे में नहीं जानती थीं, आज बिजनेस वुमन बनकर सम्मानित हो रही हैं. उन्होंने कहा कोविड महामारी के समय जब व्यापारों में गिरावट आई थी, लेकिन डायरेक्ट सेलिंग ने उसे चुनौती के रूप में लिया. यह वह समय था जब महामारी के दौरान कई व्यवसाय बंद हो गए थे, लेकिन डायरेक्ट सेलिंग के माध्यम से महिलाएं अपने परिवार का भरण-पोषण करने में सक्षम हुईं और इस कठिन समय में भी वे अपने घरों को संभालने में सफल रही.
मोदी सरकार इस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध
चिराग पासवान ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सोच है कि इस तरह के उद्योगों को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि जितना ये उद्योग बढ़ेंगे, उतना हमारा देश आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि सरकार पीएमएफएमई योजना के तहत, जो खासतौर पर महिला उद्यमियों के लिए बनाई गई है, छोटे स्तर पर काम कर रही महिलाओं को समर्थन देती है ताकि वे अपने उत्पादों को सही तरीके से तैयार, पैकेज और मार्केट कर सकें. हमारी सरकार की सोच यह है कि कैसे इस सेक्टर को और मजबूती से खड़ा किया जाए ताकि यह सिर्फ घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना सके. चिराग पासवान ने अंत में इस उद्योग के सभी सक्रिय लोगों को प्रोत्साहित किया और कहा, "आपका परिश्रम और मेहनत ही इस उद्योग को इस स्तर तक लाए हैं. मैं इस बात से पूरी तरह संतुष्ट हूं कि हमारी सरकार इस उद्योग को और बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वे इस उद्योग से जुड़ी नीतियों में समय-समय पर बदलाव करेंगे और हर सुझाव को प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे.
आईडीएसए के अध्यक्ष का बयान
आईडीएसए के अध्यक्ष विवेक कटोच ने कहा, "यह रिपोर्ट प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग के लिए एक उत्साहजनक प्रवृत्ति को दर्शाती है. पिछले कुछ वर्षों में उद्योग में तेज वृद्धि देखी गई है. 7.15 प्रतिशत का सीएजीआर इस बात का प्रमाण है कि प्रत्यक्ष बिक्री व्यवसाय लगातार विकास कर रहा है. सरकार द्वारा प्रदान किए गए आशाजनक नियामक ढांचे के कारण आने वाले वर्षों में यह उद्योग और मजबूत होने के लिए तैयार है."आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र और अधिक सशक्त हो सकता है, जो पूरे देश में आर्थिक अवसरों का सृजन करेगा.
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