✕

होम / बिजनेस / गिरते रुपये को थामने के लिए RBI का बड़ा दांव, अक्टूबर में बेचे करीब 12 अरब डॉलर

गिरते रुपये को थामने के लिए RBI का बड़ा दांव, अक्टूबर में बेचे करीब 12 अरब डॉलर

डॉलर की भारी बिक्री, फॉरवर्ड पोजीशन और फ्यूचर्स मार्केट में संतुलन बनाकर RBI ने यह स्पष्ट किया है कि वह रुपये को तेज गिरावट से बचाने के लिए हर जरूरी उपाय करने को तैयार है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये में तेज गिरावट को रोकने के लिए अक्टूबर 2025 में बड़ा हस्तक्षेप किया है. केंद्रीय बैंक ने करीब 11.9 अरब डॉलर की शुद्ध बिक्री कर मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश की. RBI के दिसंबर बुलेटिन से यह साफ होता है कि रुपये को अत्यधिक कमजोर होने से बचाने के लिए बैंक ने स्पॉट, फॉरवर्ड और फ्यूचर्स, तीनों ही सेगमेंट में सक्रिय भूमिका निभाई.

रुपये को सहारा देने के लिए आक्रामक हस्तक्षेप

RBI के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा बाजार में शुद्ध रूप से 11.9 अरब डॉलर बेचे. यह सितंबर के मुकाबले करीब 50% ज्यादा है. इससे संकेत मिलता है कि रुपये पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए RBI ने अपने हस्तक्षेप को तेज किया.

पूरे वित्तीय वर्ष 2025 (FY25) में अक्टूबर तक RBI की कुल शुद्ध डॉलर बिक्री 34.5 अरब डॉलर रही, जो कॉन्ट्रैक्ट रेट पर करीब 2.91 लाख करोड़ रुपये के बराबर है.

स्पॉट मार्केट में डॉलर की भारी बिक्री

स्पॉट या ओवर-द-काउंटर (OTC) मार्केट में RBI ने डॉलर की बिक्री को तेज कर दिया. अक्टूबर में डॉलर की कुल खरीद बढ़कर 17.7 अरब डॉलर रही, जो सितंबर में 2.2 अरब डॉलर थी. वहीं, डॉलर की कुल बिक्री 29.6 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जो सितंबर की तुलना में 192% अधिक है.

इस तरह अक्टूबर में शुद्ध डॉलर बिक्री 11.9 अरब डॉलर रही, जो यह दर्शाती है कि रुपये को गिरने से रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ने बाजार में मजबूती से दखल दिया.

फॉरवर्ड मार्केट से भी दिया भरोसा

स्पॉट मार्केट के साथ-साथ RBI ने फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए भी बाजार को संकेत दिया. अक्टूबर के अंत तक शुद्ध फॉरवर्ड बिक्री 63.6 अरब डॉलर रही, जो सितंबर के 59.4 अरब डॉलर से 7.1% ज्यादा है.

यह फॉरवर्ड पोजीशन एक तरह का सुरक्षा कवच मानी जाती है, जिससे बाजार को यह भरोसा मिलता है कि जरूरत पड़ने पर भविष्य में डॉलर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, बिना तत्काल विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डाले.

फ्यूचर्स मार्केट में पोजीशन रही न्यूट्रल

एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स मार्केट में RBI ने अपनी शुद्ध पोजीशन को न्यूट्रल रखा. अक्टूबर में RBI ने 2.3 अरब डॉलर की खरीद और उतनी ही बिक्री की. हालांकि, इस दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम में 73.5% की तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई.

अक्टूबर के अंत तक शुद्ध फ्यूचर्स बिक्री घटकर 1.4 अरब डॉलर रह गई, जो सितंबर की तुलना में 9.8% कम है.

89 के स्तर से नीचे जाने से बचाया रुपया

आंकड़ों से यह भी संकेत मिलता है कि RBI रुपये को 89 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे गिरने से बचाने की कोशिश कर रहा था. अक्टूबर में प्रभावी हस्तक्षेप मूल्य लगभग 88.25 रुपये प्रति डॉलर रहा, जो सितंबर के 88.35 से थोड़ा कम है. डॉलर की बिक्री में भारी बढ़ोतरी के बावजूद रुपये को इस दायरे में बनाए रखना यह दर्शाता है कि केंद्रीय बैंक अस्थिर वैश्विक माहौल में मुद्रा को नियंत्रित रखने के लिए सक्रिय रहा.

डॉलर के मुकाबले रुपये की मौजूदा स्थिति

सोमवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ. पिछले तीन दिनों की मजबूती के बाद रुपया 90 के स्तर को पार नहीं कर पाया. स्थानीय कंपनियों की डॉलर मांग और नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड (NDF) मार्केट के दबाव के चलते रुपये पर फिर से दबाव बढ़ा. शुक्रवार को रुपया 89.27 पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार को 0.4% की गिरावट के साथ 89.65 पर पहुंच गया. दिन के कारोबार में रुपये की चाल 89.45 से 89.72 के बीच रही.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

फेस्टिव सीजन से पहले खाद्य तेल पर राहत, क्रूड सोयाबीन-पाम ऑयल पर ड्यूटी 10% से घटकर 5%

क्रूड सोयाबीन और पाम ऑयल पर ड्यूटी 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है, जबकि क्रूड सूरजमुखी तेल पर इसे 10 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया गया है.

12 hours ago

बॉम्बे रेयॉन: SBI के बार-बार किए गए कर्ज बचाव की जांच जरूरी

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने प्रशांत अग्रवाल परिवार को बार-बार एक और मौका क्यों दिया? ₹4,000 करोड़ का CDR. ₹934 करोड़ का डेट-फॉर-शेयर्स स्वैप. फिर ₹5,600 करोड़ का S4A, जिसमें ₹2,249.74 करोड़ को "असस्टेनेबल" घोषित कर शेयरों और डिबेंचर्स में बदल दिया गया. पांच साल बाद दिवालिया प्रक्रिया.

16 hours ago

बजट 2027-28 की तैयारियां शुरू, 12 अक्टूबर से मंत्रालयों के साथ प्री-बजट बैठकें; 6 अक्टूबर तक मांगे प्रस्ताव

वित्त मंत्रालय के बजट विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्री-बजट बैठकें 12 अक्टूबर से शुरू होकर 13 नवंबर तक चलेंगी. इन बैठकों में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ उनके खर्च और आगामी वित्त वर्ष के लिए आवश्यक बजट आवंटन पर चर्चा की जाएगी.

19 hours ago

ओला इलेक्ट्रिक का बड़ा फंड जुटाने का प्लान, 28 सितंबर को राइट्स इश्यू पर बोर्ड की बैठक

बैठक में राइट्स इश्यू के आकार, शर्तों और इससे जुड़े अन्य पहलुओं पर चर्चा की जा सकती है.

19 hours ago

कल 300 अंक चढ़ा सेंसेक्स, आज बाजार पर दबाव के संकेत; कच्चा तेल, US यील्ड और NSE लिस्टिंग पर नजर

बुधवार को सेंसेक्स 299.17 अंक यानी 0.40 फीसदी बढ़कर 74,828.25 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 117.80 अंक यानी 0.50 फीसदी की बढ़त के साथ 23,446.80 पर बंद हुआ.

19 hours ago


बड़ी खबरें

FD कराने वालों के लिए जरूरी खबर, 1 अक्टूबर से बदलेंगे नियम; जानें आपकी जमा पर क्या होगा असर

नए नियमों में 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की जमा राशि वाली बल्क डिपॉजिट को भी शामिल किया गया है. ऐसे डिपॉजिट के लिए बैंक को हर दिन अपनी वेबसाइट पर लागू ब्याज दर अपडेट करनी होगी.

15 hours ago

फेस्टिव सीजन से पहले खाद्य तेल पर राहत, क्रूड सोयाबीन-पाम ऑयल पर ड्यूटी 10% से घटकर 5%

क्रूड सोयाबीन और पाम ऑयल पर ड्यूटी 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है, जबकि क्रूड सूरजमुखी तेल पर इसे 10 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया गया है.

12 hours ago

बॉम्बे रेयॉन: SBI के बार-बार किए गए कर्ज बचाव की जांच जरूरी

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने प्रशांत अग्रवाल परिवार को बार-बार एक और मौका क्यों दिया? ₹4,000 करोड़ का CDR. ₹934 करोड़ का डेट-फॉर-शेयर्स स्वैप. फिर ₹5,600 करोड़ का S4A, जिसमें ₹2,249.74 करोड़ को "असस्टेनेबल" घोषित कर शेयरों और डिबेंचर्स में बदल दिया गया. पांच साल बाद दिवालिया प्रक्रिया.

16 hours ago

3BHK और प्रीमियम घरों की बढ़ी मांग, क्या बदल रही है होमबायर्स की पसंद? डेवलपर्स ने बताया नया ट्रेंड

एनारॉक के एक सर्वे के अनुसार, सिर्फ घर का आकार ही नहीं, खरीदारों का बजट भी ऊपर जा रहा है. सर्वे में 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये का प्राइस बैंड सबसे लोकप्रिय रहा. वहीं 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की ओर भी खरीदारों का झुकाव बढ़ा है.

16 hours ago

बजट 2027-28 की तैयारियां शुरू, 12 अक्टूबर से मंत्रालयों के साथ प्री-बजट बैठकें; 6 अक्टूबर तक मांगे प्रस्ताव

वित्त मंत्रालय के बजट विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्री-बजट बैठकें 12 अक्टूबर से शुरू होकर 13 नवंबर तक चलेंगी. इन बैठकों में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ उनके खर्च और आगामी वित्त वर्ष के लिए आवश्यक बजट आवंटन पर चर्चा की जाएगी.

19 hours ago