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RBI ने फिर एक बार रेपो रेट में नहीं किया बदलाव, कम नहीं होगा EMI का बोझ
RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीसरी मीटिंग के नतीजे आ चुके हैं. इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज क्रेडिट पॉलिसी में लिए गए फैसलों का एलान कर दिया है. इस बार भी नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. MPC के 6 में से 4 सदस्यों ने दरों में बदलाव नहीं करने के पक्ष में फैसला लिया दिया. इस एलान के साथ ही रेपो रेट 6.50%, SDF 6.25%, MSF 6.75% और रिवर्स रेपो रेट 3.35% पर बरकरार रखा है. कैश रिजर्व रेश्यो 4.50% और SLR 18% पर बरकरार रखा है. इस फैसले का ऐलान करते हुए RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि ये पॉलिसी महंगाई दर 4% पर लाने के आधार पर है. हम महंगाई दर के लक्ष्य पर बने हुए हैं.
बैठक के बाद RBI गवर्नर ने दिया अपडेट
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक के लिए महंगाई अभी भी सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है. यही कारण है कि मौद्रिक नीति समिति ने एक बार फिर से रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर स्थिर रखने का फैसला लिया. ब्याज दरों को कम करने के लिए रिजर्व बैंक अभी और इंतजार करने के पक्ष में है. आरबीआई की अगस्त एमपीसी बैठक 6 अगस्त को शुरू हुई थी और आज संपन्न हुई. उसके बाद आरबीआई गवर्नर ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एमपीसी के 6 में से 4 सदस्यों ने रेपो रेट को स्थिर रखने का पक्ष लिया. एमपीसी की अगली बैठक अक्टूबर महीने में होगी.
आर्थिक ग्रोथ पर शक्तिकांत दास ने क्या कहा?
क्रेडिट पॉलिसी के एलान के दौरान अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि FY25 रियल GDP ग्रोथ अनुमान 7.2% पर बरकरार है. FY25 की पहली तिमाही के लिए GDP अनुमान 7.3% से घटाकर 7.1% कर दिया है. दूसरी तिमाही के लिए यह 7.2%, तीसरी तिमाही के लिए 7.3% और चौथी तिमाही के लिए 7.2% पर बरकरार रखा है. साथ ही कारोबारी साल 2026 की पहली तिमाही के लिए रियल GDP ग्रोथ 7.2% रहने का अनुमान है.
महंगाई पर क्या है RBI का रुख?
कारोबारी साल 2025 के लिए खुदरा महंगाई दर (CPI) 4.5% पर बरकरार है. चालू कारोबारी साल की दूसरी तिमाही के लिए खुदरा महंगाई दर अनुमान 3.8% से बढ़ाकर 4.4% कर दिया है. साथ ही, तीसरी तिमाही के लिए यह 4.6% से बढ़ाकर 4.7% कर दी है. हालांकि, चौथी तिमाही के लिए महंगाई दर अनुमान 4.5% से घटाकर 4.4% कर दिया गया है. कारोबारी साल 2026 के लिए खुदरा महंगाई दर 4.4% पर रखा गया है.
आखिरी बार 18 महीने पहले हुआ बदलाव
आरबीआई के इस फैसले से उन लोगों को निराशा हाथ लगने वाली है, जो लंबे समय से कर्ज सस्ता होने और ईएमआई के बोझ में नरमी आने की उम्मीद कर रहे हैं. रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में आखिरी बार पिछले साल फरवरी में बदलाव किया था. यानी डेढ़ साल से नीतिगत ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है. फरवरी 2023 में हुई एमपीसी की बैठक में आरबीआई ने रेपो रेट को बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया था.
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