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RBI करीबी रूप से कर रहा है बैंकों की देख-रेख, मजबूत हुआ भारतीय बैंकिंग सिस्टम!
भारतीय बैंक बहुत काबिल हैं और गंभीर संकट के मामले में भी कैपिटल की पर्याप्त मात्रा को बनाकर रख सकते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
फाइनेंशियल रिजिलिएंस पर आयोजित ग्लोबल कांफ्रेंस में अपने संबोधन के दौरान भारत के केंद्रीय बैंक RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि RBI द्वारा विभिन्न बैंकों के बिजनेस मॉडलों की ज्यादा करीबी रूप से देख-रेख की शुरु की गई है.
कितने काबिल हैं भारतीय बैंक
अपने संबोधन के दौरान जोर देते हुए गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि हाल ही में किए गए स्ट्रेस टेस्ट के नतीजों में यह बात सामने आई थी कि भारतीय बैंक बहुत काबिल हैं और गंभीर संकट के मामले में भी कैपिटल की पर्याप्त मात्रा को बनाकर रख सकते हैं. RBI द्वारा बैंकों की मॉनिटरिंग के लिए विभिन्न तंत्र तय किये गए हैं और सिस्टम में पैदा होने वाले खतरों की जांच के लिए Macroprudential पैमाने भी तय कर दिए गए हैं.
संकट से खुद को बचाएं बैंक
पिछले कुछ समय के दौरान अमेरिका और यूरोप में बैंकिंग के क्षेत्र में हुई घटनाओं के बारे में बात करते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों को एक संस्था के तौर पर लचीला होना होगा. संस्थानों में इतनी क्षमता होनी चाहिए कि वह खुद को विपरीत हालातों में बचा सकें. हमें उम्मीद है कि बैंकों और मैनेजमेंट के द्वारा वित्तीय खतरों की जांच की जायेगी और न्यूनतम जरूरत से ज्यादा पैसों का बफर बनाकर रखा जाएगा.
स्टेकहोल्डर्स रखें ज्यादा ध्यान
अपनी स्पीच के दौरान RBI गवर्नर ने यह भी कहा कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम लचीला बना हुआ है और ग्लोबल स्तर पर हुई घटनाओं से इस पर किसी प्रकार का कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा है. लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एक ऐसे समय पर जब दुनिया भर के प्रतिभागियों के द्वारा अपरम्परागत तरीके इस्तेमाल करने की वजह से वित्तीय क्षेत्र में कहीं से भी सरप्राइज आ सकता है. इसीलिए उन्होंने स्टेकहोल्डर्स को ज्यादा से ज्यादा ध्यान रखने को कहा.
भारत में मजबूत हुआ बैंकिंग सुपरविजन
वित्त मंत्रालय ने भी हर महीने आने वाली अपनी रिव्यु रिपोर्ट में कहा था कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम को अमेरिका और यूरोप में ही मौजूद कुछ अन्य बैंकों की तरह गिरने का कम खतरा है. बैंकों के पास मौजूद संपत्ति पर ध्यान दिए बगैर RBI द्वारा विभिन्न संस्थानों को तेजी से कवर करने और समय समय पर स्ट्रेस टेस्ट्स करने की बदौलत भारत में बैंकिंग सुपरविजन बहुत ही मजबूत हो गया है. RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि RBI का वादा है कि भारतीय वित्तीय सिस्टम को भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा और इसकी वृद्धि के लिए समर्थन भी प्रदान किया जाएगा.
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