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आरबीआई ने रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखा, लोन लेने वालों को राहत

RBI ने पॉलिसी स्टांस ‘न्यूट्रल’ बनाए रखा है, जिसका मतलब है कि मौजूदा ब्याज दरें फिलहाल अपरिवर्तित रहेंगी और जरूरत पड़ने पर किसी भी दिशा में कदम उठाने की सुविधा बनी रहेगी.

रितु राणा 6 months ago

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने बुधवार को अपनी पहली द्विमासिक बैठक में नीति दरों में कोई बदलाव नहीं किया. समिति ने सर्वसम्मति से रीपो रेट 5.25% पर बनाए रखने का निर्णय लिया, जिससे आम आदमी के लिए कर्ज महंगा न होने का राहत भरा संदेश गया. स्टैंडिंग डिपॉज़िट फ़ैसिलिटी (SDF) दर 5% और मार्जिनल स्टैंडिंग फ़ैसिलिटी (MSF) एवं बैंक दर 5.5% पर स्थिर रखी गई. 

आरबीआई की MPC ने 6 से 8 अप्रैल तक हुई बैठक में पॉलिसी स्टांस ‘न्यूट्रल’ बनाए रखा है, जिसका मतलब है कि मौजूदा ब्याज दरें फिलहाल अपरिवर्तित रहेंगी और जरूरत पड़ने पर किसी भी दिशा में कदम उठाने की सुविधा बनी रहेगी. इससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन पर ईएमआई की बढ़ोतरी फिलहाल नहीं होगी, जो आम घरों और निवेशकों के लिए राहत की खबर है. 

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा 

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैठक के बाद कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रही है. उन्होंने बताया कि तेल की बढ़ती कीमतों और जियोपॉलिटिकल तनाव ने महंगाई पर दबाव बढ़ा दिया है. साथ ही, वैश्विक सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतें और वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव भारत के लिए संतुलन बनाकर आगे बढ़ने की चुनौती पेश कर रहे हैं.

गवर्नर ने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर 4.6% रहने का अनुमान है. प्रवासी भारतीयों से रेमिटेंस में मजबूती से चालू खाता घाटा नियंत्रित और टिकाऊ रहेगा. देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी 696.1 अरब डॉलर के स्वस्थ स्तर पर है.

ग्रोथ और महंगाई का अनुमान

RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए GDP वृद्धि दर 7.6% और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.9% तय की है. चालू वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही के लिए GDP वृद्धि क्रमशः 6.8% और 6.7% अनुमानित की गई है.समहंगाई दर के अनुमान के अनुसार, पहली तिमाही में 4% और दूसरी तिमाही में 4.4% रहने की संभावना है.

रीपो रेट का आपकी जेब पर असर

रीपो रेट वह दर है, जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है. जब रीपो रेट बढ़ती है, तो होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन महंगे हो जाते हैं. वहीं, घटने पर लोन सस्ते हो जाते हैं, लेकिन बचत और FD पर मिलने वाला ब्याज भी कम हो सकता है.

रियल एस्टेट सेक्टर के लिए RBI के फैसले को सकारात्मक माना जा रहा है. वोमेकी ग्रुप के चेयरमैन और फाउंडर, गौरव के सिंह ने कहा, "स्थिर ब्याज दरें घर खरीदारों के भरोसे को बनाए रखती हैं और डेवलपर्स के लिए बेहतर कैश फ्लो प्लानिंग में मदद करती हैं. NCR में मिड-इनकम और किफायती हाउसिंग में मजबूत तेजी देखी जा रही है."

रॉयल ग्रीन रियल्टी के मैनेजिंग डायरेक्टर यशंक वासन ने कहा, “रेपो रेट में कोई बदलाव न होने से घर खरीदारों की ईएमआई संतुलित रहेगी और डेवलपर्स नए प्रोजेक्ट लॉन्च करने में सक्षम होंगे."

व्हाइटलैंड कॉरपोरेशन के डायरेक्टर (स्ट्रैटेजी) सुदीप भट्ट ने कहा, “यह निर्णय होम लोन दरों में स्थिरता बनाए रखता है, जिससे खरीदारों का भरोसा मजबूत होता है और निवेश की रुचि बढ़ती है."

जिंदल रियल्टी के सीईओ और प्रेसिडेंट अभय मिश्रा ने कहा, "रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला निरंतरता का एहसास कराता है और उधार लेने की लागत स्थिर रहने से मांग की गति बनाए रखी जा सकती है."

डेवलपर्स और होमबायर्स दोनों को फायदा

रामा ग्रुप के डायरेक्टर प्रखर अग्रवाल के अनुसार, ब्याज दरों में स्थिरता से खरीदारों का भरोसा बना रहता है और होम लोन की ईएमआई भी नियंत्रित रहती है. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में यह फैसला डेवलपर्स और होमबायर्स दोनों को लंबी अवधि की योजना बनाने में मदद करेगा. साथ ही, मिड-इनकम और प्रीमियम सेगमेंट में हाउसिंग डिमांड को भी समर्थन मिलता रहेगा.

वहीं, एम3एम इंडिया के डायरेक्टर (फाइनेंस) यतीश वहाल ने भी इस फैसले को स्थिरता को मजबूत करने वाला कदम बताया. उनका कहना है कि इससे डेवलपर्स को अपनी परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाने और उन्हें समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी. उन्होंने यह भी कहा कि रेपो रेट में स्थिरता से खरीदारों के निर्णय लेने का भरोसा बढ़ेगा और लंबे समय में रियल एस्टेट सेक्टर की मांग और मजबूती दोनों को सहारा मिलेगा.

अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीएफओ संतोष अग्रवाल ने कहा कि यह फैसला मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच स्थिरता को मजबूत करने वाला है. उनके अनुसार, इससे सभी स्टेकहोल्डर्स के बीच विश्वास बढ़ेगा. खरीदारों को अपने खरीद निर्णयों में भरोसा मिलेगा, वहीं डेवलपर्स को नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने में अधिक निश्चितता मिलेगी. उन्होंने कहा कि इससे मांग की गति बनी रहेगी और सेक्टर की मजबूती को सहारा मिलेगा.

एसपीजे ग्रुप के फाउंडर और सीएमडी पंकज जैन ने कहा कि रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखना मौजूदा हालात में सही फैसला है. इससे होम लोन लेने वालों को स्थिरता मिलती है और ईएमआई में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. हालांकि, अगर दरों में थोड़ी कटौती होती तो खरीदारों को कुछ राहत मिलती. उन्होंने कहा कि फिलहाल यह फैसला होमबायर्स को अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग बेहतर तरीके से करने में मदद करेगा, भले ही सस्ते लोन के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़े.


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