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बैंकिंग फ्रॉड रोकने के लिए RBI ने जारी की नई गाइडलाइन, बैंक अब नए मोबाइल नंबर सीरीज से भेजेंगे Call और SMS
RBI ने बैंकिंग फ्रॉड को रोकने के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है. RBI की ओर से यह कदम डिजिटल लेन-देन में बढ़ोतरी को देखते हुए उठाया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग धोखाधड़ी रोकने के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है. दरअसल, आरबीआई ने बैंकों को एसएमएस और कॉल करने के लिए एक नई मोबाइल नंबर सीरीज का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं. इससे लोगों को बैंक से आने वाले कॉल और एसएमए की पहचान सुनिश्चित होगी. आरबीआई का मानना है कि इससे ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने में मदद मिलेगी. यह कदम डिजिटल लेन-देन में बढ़ोतरी को देखते हुए उठाया गया है. तो आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
बैंक इन नंबरों का करेंगे इस्तेमाल
आरबीआई ने बैंकिंग फ्रॉड से छुटकारा दिलाने के लिए बड़ा प्लान बनाया है. आरबीआई ने खास नंबर सीरीज से बैकिंग कॉल और मैसेज को भेजने की सलाह दी है. इसका उद्देश्य यूजर्स को आसानी से फ्रॉड कॉल और मैसेज की पहचान करना है. इसके लिए RBI ने बैंकों से कहा कि उनकी तरफ से ग्राहकों से लेन-देन के लिए केवल '1600xx' फोन नंबरिंग सीरीज का ही इस्तेमाल किया जाए, जिससे वित्तीय फ्रॉड को रोका जा सके. वहीं, आरबीआई का कहना है कि प्रमोशनल मैसेज या कॉल्स के लिए बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाओं को केवल 140xx' नंबरिंग सीरीज को इस्तेमाल में लाना चाहिए.
बैंकों को 31 मार्च से पहले करना होगा ये काम
RBI का कहना है कि डिजिटल लेन-देन के मामलों में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. ऐसे में बैंक धोखाधड़ी से निजात दिलाने के लिए RBI ने सर्कुलर जारी करके कुछ प्रस्ताव रखे हैं. आरबीआई ने कहा है कि आज के वक्त में ग्राहक का मोबाइल नंबर आईडी के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. मोबाइल नंबर को अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है, ऐसे में ऑनलाइन पेमेंट के लिए OTPs और लेन-देन अलर्ट और अकाउंट अपडेट मोबाइल नंबर से हासिल किये जाते हैं, जो फ्रॉड की वजह बनते हैं. बता दें. आरबीआई की नई गाइडलाइन को हर एक बैंक को 31 मार्च 2025 से पहले तक लागू करना होगा.
वित्तीय वर्ष 2024 में सबसे ज्यादा हुए बैंकिंग फ्रॉड
आरबीआई की सालाना रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2020 में करीब 8,703 बैंकिंग फ्रॉड को अंजाम दिया गया है, जो कि अगले एक साल में वित्तीय वर्ष 2021 में घटकर 7,338 हो गए. हालांकि वित्तीय वर्ष 2022 में बैकिंग फ्रॉड की घटनाएं बढ़कर 9,046 हो गई. इसी तरह वित्तीय वर्ष में 13,564 बैंकिंग घटनाओं को अंजाम दिया गया है. जबकि वित्तीय वर्ष 2024 में सबसे ज्यादा 36,073 बैंकिंग फ्रॉड की घटनाएं हुई हैं, हालांकि इन बैंकिंग फ्रॉड में फ्रॉड ज्यादा हुई है, लेकिन पैसे की कमी दर्ज की गई है. वित्तीय वर्ष 2020 में 1,85,468 रुपये का बैंकिंग फ्रॉड हुआ. वहीं, वित्तीय वर्ष 2021 में 1,32,389 रुपये का देश को बैंकिंग फ्रॉड के तौर पर नुकसान का सामना करना पड़ा है. वित्तीय वर्ष 2022 में यह आंकड़ा घटकर 45,458 रुपये रह जाता है. जबकि वित्तीय वर्ष 2023 में 26,127 रुपये और वित्तीय वर्ष 2024 में 13,930 रुपये रह जाता है.
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