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RBI ने बदले FD और बैंक जमा के नियम, ग्राहकों की ब्याज गणना में बड़ा बदलाव
एफडी और सेविंग अकाउंट पर ब्याज से जुड़ी नई व्यवस्था जहां ग्राहकों को स्पष्ट जानकारी देगी, वहीं बैंकों के लिए भी नियमों का पालन आसान होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एफडी, सेविंग अकाउंट और अन्य जमा खातों पर ब्याज से जुड़े नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं. आरबीआई ने निर्देश दिया है कि सेविंग अकाउंट में 1 लाख रुपये तक की राशि पर सभी बैंक एक जैसी ब्याज दर देंगे. 1 लाख से अधिक राशि पर बैंक अलग-अलग ब्याज दरें तय कर सकेंगे. नए नियमों के तहत ब्याज की गणना हर दिन के अंत में खाते में मौजूद राशि के आधार पर होगी और बैंक को तीन महीने में एक बार ब्याज जमा करना होगा. इन नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य ग्राहकों को स्पष्ट जानकारी देना और बैंकिंग व्यवस्था में एक समान ढांचा लागू करना है. आइए इन नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
एफडी समय से पहले तोड़ने पर नहीं मिलेगा ब्याज
सावधि जमा यानी एफडी से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है. आरबीआई के अनुसार, बैंक द्वारा तय न्यूनतम अवधि से पहले एफडी तोड़ने पर कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा. आरबीआई ने एफडी की न्यूनतम अवधि 7 दिन तय की है, हालांकि बैंक चाहें तो इसे बढ़ा सकते हैं. अगर एफडी न्यूनतम अवधि पूरी होने के बाद तोड़ी जाती है तो ब्याज उसी अवधि की दर के अनुसार मिलेगा, न कि पहले से तय ऊंची ब्याज दर के अनुसार.
गैर-कारोबारी दिन पर मैच्योर होने वाली एफडी पर मिलेगा अतिरिक्त दिन का ब्याज
अगर एफडी की मेच्योरिटी किसी बैंक हॉलिडे या गैर-कारोबारी दिन पर पड़ती है तो ग्राहक को उस दिन का भी ब्याज मिलेगा. बैंक भुगतान अगले कार्यदिवस को करेगा. नए निर्देशों के मुताबिक, बैंक अब ग्राहकों को एफडी से जुड़े सभी शर्तें पहले से स्पष्ट रूप से बताएंगे. जैसे एफडी की न्यूनतम अवधि क्या है, समय से पहले तोड़ने पर कितना जुर्माना लगेगा, बैंक कितना पेनाल्टी चार्ज करेंगे,. पेनाल्टी की राशि बैंक अपनी नीति के अनुसार तय कर सकेंगे.
सभी शाखाओं में एक जैसी एफडी दरें, मोलभाव नहीं
आरबीआई ने कहा है कि सभी शाखाओं में एफडी की दरें एक समान होंगी और ग्राहक और बैंक के बीच ब्याज पर कोई मोलभाव नहीं होगा. हालांकि, 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की बड़ी एफडी पर अलग ब्याज दरें लागू हो सकती हैं.
बैंक क्या नहीं कर सकेंगे
1. नए नियमों के तहत बैंक अब जमा पर लॉटरी, इनाम या विदेश यात्रा जैसी स्कीमें नहीं दे सकेंगे.
2. किसी एजेंट को अवैध कमीशन नहीं दे पाएंगे.
3. कंपाउंड ब्याज दिखाकर भ्रामक विज्ञापन नहीं कर सकेंगे.
4. कुछ संस्थाओं और राजनीतिक पार्टियों को सेविंग अकाउंट खोलने की अनुमति नहीं होगी.
वरिष्ठ नागरिकों और स्टाफ को छूट जारी
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि बैंक कर्मचारी, रिटायर्ड स्टाफ और उनके कुछ परिजन बचत खाते व एफडी पर 1% अतिरिक्त ब्याज पा सकते हैं. वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक अलग और अधिक ब्याज दर वाली स्कीम चला सकते हैं.
टाइम डिपॉजिट पर ब्याज की नई व्यवस्था
अगर टाइम डिपॉजिट मैच्योर होने के बाद ग्राहक पैसे नहीं निकालता है तो उसे बचत खाते वाली दर या टीडी की मूल दर में से कम ब्याज मिलेगा. चालू खाते पर सामान्य स्थिति में ब्याज नहीं दिया जाएगा, लेकिन खाता धारक की मृत्यु पर भुगतान तक सेविंग अकाउंट की दर से ब्याज दिया जाएगा.
एनआरआई खातों पर भी बदले नियम
आरबीआई ने एनआरई और एनआरओ जमा पर भी नए निर्देश लागू किए हैं.
1. एनआरई जमा पर ब्याज दर घरेलू सावधि जमा से अधिक नहीं होगी.
2. एनआरई की न्यूनतम अवधि 1 वर्ष और एनआरओ की 7 दिन होगी.
3. एनआरआई/एनआरओ जमाओं पर वरिष्ठ नागरिक या बैंक स्टाफ जैसी अतिरिक्त ब्याज छूट नहीं मिलेगी.
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