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RBI ने PPI के जरिए UPI पेमेंट की दी अनुमति, जानिए क्या होगा इसका फायदा?

PPI में यूजर्स अपने डिजिटल वॉलेट या कार्ड में धन संग्रहीत कर सकते हैं. इससे गिफ्ट कार्ड, मेट्रो रेल कार्ड और डिजिटल वॉलेट धारकों को सुविधा होगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार यानी 27 दिसंबर, 2024 को प्रीपेड भुगतान उपकरणों (PPI) को थर्ड पार्टी वाले मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पेमेंट करने और प्राप्त करने की अनुमति दी है. यह कदम डिजिटल भुगतान प्रणाली में एक नई क्रांति का संकेत है, जो उपयोगकर्ताओं को अधिक सुविधा और व्यापक विकल्प प्रदान करेगा. आरबीआई के इस निर्णय से गिफ्ट कार्ड, मेट्रो रेल कार्ड और डिजिटल वॉलेट जैसे पीपीआई (प्रीपेड उत्पाद) धारकों को अधिक सुविधा होगी.

PPI और UPI का एकीकरण
आरबीआई ने एक परिपत्र में कहा कि तीसरे पक्ष वाले यूपीआई ऐप के जरिये पूर्ण-केवाईसी वाले पीपीआई से एकीकृत भुगतान प्रणाली (UPI) भुगतान को सक्षम करने का निर्णय लिया गया है. इसी तरह पीपीआई को यूपीआई भुगतान पाने की भी मंजूरी होगी. बता दें, पीपीआई एक वित्तीय उपकरण है, जिसमें उपयोगकर्ता अपने डिजिटल वॉलेट या कार्ड में धन संग्रहीत कर सकते हैं. वहीं, यूजर्स यूपीआआ एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो तुरंत बैंक खाते से भुगतान करने की सुविधा देता है. अब तक पीपीआई से यूपीआई भुगतान केवल पीपीआई जारीकर्ता के मोबाइल एप्लिकेशन तक सीमित था. नए नियम के तहत, पूर्ण-केवाईसी पीपीआई धारक थर्ड पार्टी यूपीआई एप्स (जैसे PhonePe, Google Pay) के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे.

ये होगा फायदा

1. थर्ड पार्टी ऐप्स का उपयोग- पीपीआई धारक अब यूपीआई के माध्यम से थर्ड पार्टी एप्स का इस्तेमाल करके लेनदेन कर सकते हैं. यह सुविधा पूर्ण-केवाईसी पीपीआई उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगी.

2. सुरक्षा और प्रमाणीकरण- पीपीआई को यूपीआई हैंडल से जोड़ा जाएगा और सभी लेनदेन पीपीआई क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके प्रमाणित किए जाएंगे. यह प्रणाली लेनदेन को सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगी. इस नए बदलाव के साथ सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करना प्राथमिकता होगी. साथ ही, PPI और UPI के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना भी आवश्यक है.

3. डिजिटल भुगतान होगा सशक्त- RBI का यह कदम भारत में डिजिटल भुगतान को और सशक्त बनाएगा. यह न केवल उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करेगा, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी नई ऊचाई पर ले जाएगा. सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए यह पहल भारत को कैशलेस इकोनॉमी की ओर एक और कदम बढ़ाने में मदद करेगी.

PPI जारीकर्ताओं की भूमिका
पीपीआई जारीकर्ता PSP (पेमेन्ट सर्विस प्रोवाइडर) के रूप में कार्य करेंगे और केवल अपने पूर्ण-केवाईसी ग्राहकों को शामिल करेंगे. उपयोगकर्ता अपनी पसंद के यूपीआई एप का इस्तेमाल कर सकते हैं. विभिन्न UPI एप्स के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होगी, जिससे नई सुविधाओं का विकास होगा. छोटे व्यापारियों और ग्राहकों के लिए डिजिटल भुगतान को अपनाना आसान होगा. 


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