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रेटिंग एजेंसी Fitch ने सुनाई सस्ते कर्ज की खबर… जानते हैं कब मिल सकती है खुशखबरी?
रेटिंग एजेंसी का ये अनुमान इसलिए सामने आया है क्योंकि उसे उम्मीद है कि सामान्य रहने वाले मानसून के बाद चीजें और बेहतर हो सकती हैं. हालांकि इन दिनों पड़ रही गर्मी ने थोड़ा चिंता जरूर पैदा की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
रेटिंग एजेंसी Fitch ने जीडीपी से लेकर सस्ते कर्ज को लेकर खुश खबरी सुनाई है. Fitch ने भारत के जीडीपी अनुमान को बढ़ाते हुए 7 से अब 7.2 कर दिया है. वहीं Fitch का कहना है कि आरबीआई (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) आने वाले महीनों में होने वाली अपनी समीक्षा बैठक में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कमी कर सकता है. इससे पहले मूडी से लेकर दूसरी कई रेटिंग एजेंसियां भारत की जीडीपी को लेकर सकारात्मक ग्रोथ की बात कर चुकी हैं. सबसे विशेष बात ये है कि अगर कर्ज सस्ता होता है तो आपको ईएमआई में राहत मिल सकती है.
Fitch ने कही क्या बात?
रेटिंग एजेंसी Fitch का कहना है कि उसकी आने वाले साल यानी वित्त वर्ष 26 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.5 प्रतिशत रह सकती है. जबकि उसके अगले साल वित्त वर्ष 27 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.2 प्रतिशत रह सकती है. वहीं हाल ही में एमपीसी बैठक के बाद आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ की स्पीड 7 फीसदी से बढ़ाकर 7.2 फीसदी किया था. Fitch से पहले मूडीज और दूसरी रेटिंग एजेंसिया भी जीडीपी के बढ़ने की बात कर चुके हैं.
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कर्ज भी हो सकता है सस्ता?
Fitch ने इस बार अपने अनुमान में जीडीपी ग्रोथ रेट के साथ रेपो रेट को भी जोड़ा है. Fitch का कहना है कि भारत की रेपो रेट में आरबीआई इसी साल यानी 2024 में 0.25 प्रतिशत की कमी कर सकता है. Fitch ने ये भी कहा है कि 2025 और 2026 में भी इसमें होने वाली कमी जारी रह सकती है. अभी रेपो रेट 6.5 प्रतिशत बनी हुई है. इस बार भी आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया. ऐसा करने के साथ ही ये आठवां मौका था जब रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है. उसका नतीजा ये हो रहा है कि कर्ज की ईएमआई महंगी बनी हुई है.
आखिर क्या है इस कमी की वजह?
Fitch ने अपनी इस रिपोर्ट में रेपो रेट और जीडीपी अनुमान के बढ़ोतरी की वजह के बारे में भी विस्तार से बताया है. Fitch का कहना है कि आने वाले दिनों में आगे जो मानसून आ रहा है उसके अधिक सामान्य होने के संकेतों से ग्रोथ के संकेत मिल रहे हैं. इससे महंगाई के कम अस्थिर होने की उम्मीद है. रिपोर्ट में ये भी कहा है कि जिस स्तर पर गर्मी पड़ी है उसने थोड़ा चिंता को बढ़ाया है. हम उम्मीद करते हैं कि बाद के वर्षों में विकास धीमा हो जाएगा और हमारे अनुमान मध्यम अवधि के नजदीक पहुंच जाएंगे.
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