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दालों की कीमतों में मिल सकती है महंगाई से राहत, रबी सीजन में बुवाई अच्छी होने की उम्मीद
हालांकि बारिश के लेट तक चलने की वजह से खरीफ सीजन में दालों की फसल पर भी असर पड़ा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः चालू वित्त वर्ष के खरीफ सीजन में फिलहाल दालों की कीमतों में काफी उछाल देखने को मिला है. हालांकि बारिश के लेट तक चलने की वजह से खरीफ सीजन में दालों की फसल पर भी असर पड़ा है. इसके बाद भी रबी सीजन में कृषि एक्सपर्ट अच्छी बुवाई की उम्मीद कर रहे हैं, जिसकी वजह से कीमतों में स्थिरता आने की संभावना है.
इन प्रमुख उत्पादक राज्यों में बारिश से फसल चौपट
खरीफ सीजन में महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में अनियमित वर्षा और कम फसल क्षेत्र के कारण पिछले वर्ष की तुलना में कम उत्पादन होने का अनुमान है, जिसकी वजह से दालों की कीमतों में वृद्धि हुई है. जून 2022 से अरहर दाल की कीमतों में लगभग 25 फीसदी की वृद्धि हुई है. जबकि मुख्य मंडियों में इसी अवधि के दौरान उड़द की कीमतों में 21 फीसदी और मूंग की कीमतों में लगभग 13 फीसदी की वृद्धि हुई है. हालांकि चना दाल की कीमतों पर ज्यादा असर नही पड़ा है.
इतना है दालों का स्टॉक
नेफेड के पास चना स्टॉक लगभग 30.5 लाख मीट्रिक टन है, जिसमें से 15 लाख मीट्रिक टन राज्यों के लिए बफर में जाएगा नेफेड द्वारा चना खरीद 25.92 लाख मीट्रिक टन थी। राज्यवार नेफेड ने महाराष् से 7.60 लाख मीट्रिक टन, गुजरात से 5.59 लाख मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश से 8.02 लाख मीट्रिक टन, कर्नाटक से 74 KMT, आंध्र प्रदेश से 72 KMT, राजस्थान से 2.99 लाख मीट्रिक टन और उत्तर प्रदेश से 26.45 KMT चना दाल खरीदी गई है. उपरोक्त सभी राज्यों में खरीद कार्यक्रम पूरा हो गया है. 2022-23 के लिए सरकारी चना खरीद लक्ष्य 29 लाख मीट्रिक टन है, जिसके मुकाबले 25.92 लाख मीट्रिक टन की खरीद पूरी हो चुकी है, जो लक्ष्य के 89 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
तुअर दाल का रकबा और उत्पादन घटा
ओरिगो दलहन फसल उत्पादन अनुमान (फसल वर्ष 2022-23 के लिए) 2022-23 के लिए अरहर का उत्पादन 2021-22 में 3.84 एमएमटी के मुकाबले 3.66 एमएमटी पर 4.64 प्रतिशत घटने का अनुमान है. तुअर का रकबा सालाना आधार पर 4.78 प्रतिशत कम है, जबकि उपज पिछले साल की तुलना में कम रहने का अनुमान है.
उड़द का राज्य-वार उत्पादन ब्रेकअप
महाराष्ट्र का उत्पादन सालाना 12.89 प्रतिशत कम होकर 1.02 एमएमटी और कर्नाटक में 8.08% की गिरावट के साथ 0.86 एमएमटी होने का अनुमान है, जबकि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में उत्पादन में वृद्धि होगी.
2022-23 के लिए उड़द का उत्पादन वर्ष 2021-22 में 1.74 एमएमटी के मुकाबले 1.60 एमएमटी पर 7.92 प्रतिशत घटने का अनुमान है. उड़द के रकबे में सालाना आधार पर 6.27 फीसदी की गिरावट आई है जबकि पिछले साल की तुलना में उपज में 1.77 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है. मध्य प्रदेश में बारिश से उपज प्रभावित होने के कारण उड़द की फसल को अधिक नुकसान होने का खतरा है.
मूंग का राज्यवार उत्पादन ब्रेकअप
मध्य प्रदेश में उत्पादन 10.15 प्रतिशत बढ़कर 0.51 एमएमटी होने का अनुमान है, जबकि उत्तर प्रदेश में उत्पादन 4.23 प्रतिशत घटकर 0.36 एमएमटी और महाराष्ट्र में 22.14 प्रतिशत घटकर 0.22 एमएमटी रहने का अनुमान है. 2022-23 के लिए मूंग का उत्पादन 2021-22 में 1.48 एमएमटी के मुकाबले 3.49 प्रतिशत सालाना 1.53 एमएमटी से अधिक होने का अनुमान है.
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