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मेक इन इंडिया ड्रोन को बढ़ावा: भारतीय और इजरायली डिफेंस कंपनियों के बीच हुआ समझौता
पारस डिफेंस और इजरायली की हेवेन ड्रोन्स लिमिटेड के बीच एक समझौता हुआ है. ये दोनों कंपनियां मिलकर भारत में लॉजिस्टिक और कार्गो ड्रोन्स बनाएंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत का रक्षा क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा है और अब इस ग्रोथ को और गति मिलने जा रही है. शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (Paras Defence) ने जानकारी दी कि उन्होंने इजरायल की हेवेन ड्रोन्स लिमिटेड के साथ एक ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) के लिए समझौता किया है. इस साझेदारी के तहत भारत में एक नई सब्सिडियरी कंपनी बनाई जाएगी जो डिफेंस और सिविल इस्तेमाल के लिए लॉजिस्टिक और कार्गो ड्रोन का निर्माण करेगी
नए ज्वाइंट वेंचर का ढांचा
इस प्रस्तावित कंपनी का नाम Paras Heven Advanced Drones Private Limited होगा, जिसे 1 लाख रुपये की अधिकृत पूंजी के साथ शामिल किया जाएगा. इसमें 51 प्रतिशत हिस्सेदारी पारस डिफेंस के पास होगी, जबकि 49 प्रतिशत हिस्सेदारी हेवेन ड्रोन्स के पास रहेगी. दोनों कंपनियों के बोर्ड में बराबरी की भागीदारी होगी, जिसमें दो-दो डायरेक्टर नियुक्त किए जाएंगे. पारस डिफेंस ने स्पष्ट किया है कि उनका हेवेन ड्रोन्स लिमिटेड में कोई इक्विटी हिस्सा नहीं होगा.
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बढ़ावा
इस साझेदारी से भारत में स्वदेशी ड्रोन निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और 'मेक इन इंडिया' अभियान को मजबूती मिलेगी. लॉजिस्टिक और कार्गो जैसे डोमेस्टिक ड्रोन्स की मांग को पूरा करने में यह वेंचर अहम भूमिका निभाएगा.
शेयर बाजार में पारस डिफेंस का प्रदर्शन
शुक्रवार को पारस डिफेंस के शेयर बीएसई पर 1.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1637.10 रुपये पर बंद हुए. बीते 3 महीनों में कंपनी के शेयरों में 62 प्रतिशत की तेजी आई है. पिछले एक साल में इस डिफेंस स्टॉक ने 110 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. कंपनी का 52-वीक हाई 1943.60 रुपये और 52-वीक लो 743.45 रुपये रहा है. फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप 6534.22 करोड़ रुपये है. बीते तीन वर्षों में निवेशकों को 165 प्रतिशत रिटर्न मिला है.
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