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रायबरेली नहीं, वायनाड से प्रियंका गांधी को लॉन्च करेगी कांग्रेस, बस ऐलान बाकी!
प्रियंका गांधी को संसद भेजने की कांग्रेस ने पूरी तैयारी कर ली है. उन्हें केरल से मैदान में उतारा जा सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
लोकसभा चुनाव में पहले से बेहतर प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस अब प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) को संसद भेजने वाली है. माना जा रहा है कि उन्हें वायनाड सीट से मैदान में उतारा जा सकता है. पहले कयास लगाए जा रहे थे कि प्रियंका को कांग्रेस रायबरेली से उपचुनाव लड़ाएगी, क्योंकि यह उनके लिए सबसे सुरक्षित सीट हो सकती है. लेकिन अब वायनाड का नाम सामने आ रहा है. दरअसल, राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश की रायबरेली के साथ-साथ केरल की वायनाड सीट पर भी जीत हासिल की है. नियम अनुसार अब उन्हें एक सीट से इस्तीफा देना होगा. राहुल जो सीट छोड़ेंगे, वहां चुनाव कराये जाएंगे.
दुविधा में हैं राहुल
राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वो रायबरेली चुनें या वायनाड. माना जा रहा है कि कांग्रेस लीडर केरल की वायनाड सीट से इस्तीफा देकर अपनी बहन को संसद भेजने का रास्ता साफ कर सकते हैं. एक मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अगर राहुल गांधी वायनाड सीट छोड़ते हैं तो वहां से प्रियंका गांधी को कांग्रेस अपना उम्मीदवार बना सकती है. राहुल ने हाल ही में यह कहकर अपनी बहन के चुनाव मैदान में उतरने का संकेत दिया था कि अगर उनकी बहन वाराणसी से चुनाव लड़ी होती, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2-3 लाख वोटों से चुनाव हार जाते.
पहले से चल रही चर्चा
प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की चर्चा पिछले काफी समय से चल रही है. 2019 के लोकसभा चुनाव में अटकलें लगाई गईं कि वह वाराणसी सीट से पीएम मोदी के खिलाफ मैदान में उतर सकती हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके बाद 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी उनके चुनाव लड़ने की चर्चा थी. इस बार के लोकसभा चुनाव में यह उम्मीद की जा रही थी कि कांग्रेस प्रियंका को रायबरेली सीट से उतार सकती है और राहुल अमेठी से स्मृति का सामना कर सकते हैं, लेकिन आखिरी वक्त पर रायबरेली से राहुल की उम्मीदवारी पर मुहर लग गई.
प्रियंका का योगदान
यूपी में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन में प्रियंका गांधी का काफी योगदान है. उन्होंने अपना अधिकांश समय रायबरेली और अमेठी में प्रचार में बिताया था. दोनों ही सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों ने बड़े अंतर से जीत हासिल की. समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन को उत्तर प्रदेश की 80 में से 43 सीटें मिली हैं. कांग्रेस प्रियंका की मेहनत का तोहफा उन्हें संसद भेजकर देना चाहती है. इसलिए यदि राहुल वायनाड से इस्तीफ़ा देते हैं, तो पार्टी उपचुनाव में प्रियंका को अपना उम्मीदवार बना सकती है. राहुल को इस सीट से 2019 में भी जीत मिली थी. तब वह अमेठी सीट हार गए थे.
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