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Bajaj Housing Finance IPO के प्राइस बैंड की घोषणा, इस तारीख से शुरू होगी बोली...

Bajaj Housing Finance IPO की घोषणा हो चुकी है. कंपनी ने अपने 6,560 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड भी फिक्स कर दिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

बजाज हाउसिंग फाइनेंस (Bajaj Housing Finance) आईपीओ (IPO) की घोषणा हो चुकी है. कंपनी ने अपने 6,560 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड भी फिक्स कर दिया है. बजाज हाउसिंग फाइनेंस के आईपीओ के लिए निवेशक 66 रुपये से लेकर 70 रुपये के प्राइस बैंड में पैसा लगा सकेंगे. तो आइए आपको आईपीओ खुलने से लेकर कंपनी की पूरी योजना तक की जानकारी देते हैं.

कब खुलेगा कंपनी का आईपीओ?
बजाज हाउसिंग फाइनेंस (Bajaj Housing Finance) ने अपने आईपीओ के लिए शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये, लोअर प्राइस बैंड 66 रुपये और अपर प्राइस बैंड 70 रुपये तय की है. बजाज हाउसिंग फाइनेंस का आईपीओ 9 सितंबर को खुलेगा और निवेशक 11 सितंबर तक इसमें बोली लगा पाएंगे. हालांकि बड़े निवेशक के लिए यह आईपीओ 6 सितंबर को खुलेगा. निवेशक कम से कम 214 इक्वेटी शेयर के लिए निवेश कर पाएंगे.

इस दिन होगी बाजार में एंट्री
बजाज हाउसिंग फाइनेंस केआईपीओ में आप 9-11 सितंबर के बीच 66-70 रुपये के प्राइस बैंड में पैसे लगा सकेंगे. आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 12 सितंबर को फाइनल होगा. फिर BSE और NSE पर 16 सितंबर को एंट्री होगी. इश्यू का रजिस्ट्रार केफिन टेक है. इस आईपीओ के तहत 3,560.00 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे. इसके अलावा ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 42,85,71,429 शेयरों की बिक्री होगी. ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा. वहीं, नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैपिटस बेस बढ़ाने में करेगी. बता दें, इसका आईपीओ आरबीआई के नियमों के तहत आया है, जिसमें प्रावधान है कि अपर लेयर एनबीएफसी की सूची में शामिल होने के तीन साल के भीतर मार्केट में लिस्ट होना अनिवार्य है और बजाज हाउसिंग फाइनेंस के लिए यह डेडलाइन सितंबर 2025 में खत्म होनी थी.

क्या सर्विस प्रोवाइड कराती है कंपनी? 
बजाज हाउसिंग फाइनेंस इस आईपीओ के जरिए 6,560 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. इसमें फ्रेश शेयर सेल 3,560 करोड़ रुपये और ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए कंपनी 3,000 करोड़ रुपये हासिल करेंगी. बता दें, वर्ष 2008 में बनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस डिपॉजिट नहीं लेने वाली हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) है. वर्ष 2015 से यह नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) के पास रजिस्टर्ड है और वित्त वर्ष 2018 से यह मॉर्गेज लोन मुहैया करा रही है. बजाज ग्रुप की यह कंपनी होम लोन, प्रॉपर्टी गिरवी रखकर लोन (LAP- लोन अगेन्स्ट प्रॉपर्टी), रेंट कंसेसन और डेवलपर फाइनेंस जैसी सर्विसेज देती है. 

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अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसरा मार्च 2024 तक इसके 3,08,693 एक्टिव कस्टमर थे, जिसमें 81.7 प्रतिशत तो होम लोन वाले थे. देश के 20 राज्यों और 3 यूनियन टेरिटरीज के 174 स्थानों पर 215 ब्रांचेज हैं. इसके छह सेंट्रलाइज्ड रिटेल लोन रिव्यू सेंटर और सात सेंट्रल लोन प्रोसेसिंग सेंटर हैं. वहीं, इस वित्त वर्ष 2024-25 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2024 में इसे 482.61 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 2,208.73 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हो चुका है.


 


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