होम / बिजनेस / भू-राजनीतिक तनाव से बाजारों पर दबाव, सेबी प्रमुख ने निवेशकों को दिया धैर्य का संदेश

भू-राजनीतिक तनाव से बाजारों पर दबाव, सेबी प्रमुख ने निवेशकों को दिया धैर्य का संदेश

सेबी प्रमुख के अनुसार भारत के पूंजी बाजार अब केवल आर्थिक विकास का समर्थन करने तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि वे खुद आर्थिक गतिविधियों को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने कहा है कि मौजूदा वैश्विक भूराजनीतिक परिस्थितियों का भारत के पूंजी बाजारों पर गंभीर असर पड़ा है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बाजारों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव के दौर आमतौर पर लंबे समय तक नहीं चलते और निवेशकों को धैर्य बनाए रखना चाहिए.

वैश्विक हालात का बाजारों पर असर

सेबी प्रमुख ने बाजार की मौजूदा स्थिति पर बोलते हुए कहा कि दुनिया भर में वित्तीय बाजारों को स्थिर करने के प्रयास जारी हैं. उन्होंने खुदरा निवेशकों से अपील की कि वे मौजूदा अनिश्चितता के दौर में घबराने के बजाय धैर्य रखें. उन्होंने कहा, “बाजार की असली परीक्षा तब होती है जब अस्थिरता के दौर में भी पूरी प्रणाली सुचारू और प्रभावी तरीके से काम करती रहे.”

वैश्विक घटनाओं के प्रति बढ़ी संवेदनशीलता

पांडेय ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत के पूंजी बाजारों का तेजी से विस्तार हुआ है और अब वे वैश्विक वित्तीय प्रणाली से अधिक जुड़ चुके हैं. इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर घरेलू बाजारों पर पहले की तुलना में ज्यादा तेजी से दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे बाजार बड़े होते हैं, वे वैश्विक घटनाओं से अधिक प्रभावित होने लगते हैं. आज खबरें और राय बहुत तेजी से फैलती हैं और बाजार भी उसी तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं.

पूंजी बाजार तक पहुंच आसान बनाने की कोशिश

सेबी प्रमुख ने हाल ही में सरकार द्वारा Securities Contracts (Regulation) Rules में किए गए संशोधन का भी जिक्र किया. इन बदलावों के तहत बड़ी कंपनियों के लिए स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग के दौरान न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग के लिए एक चरणबद्ध ढांचा पेश किया गया है. पांडेय के मुताबिक इन बदलावों का उद्देश्य पूंजी बाजार तक कंपनियों की पहुंच को अधिक सरल और प्रभावी बनाना है.

मजबूत बाजार के लिए सामूहिक जिम्मेदारी

उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत और कुशल बाजार केवल नियमन से नहीं बनते. इसके लिए बाजार से जुड़े सभी पक्षों की साझा जिम्मेदारी जरूरी है. पांडेय ने कहा, “कुशल बाजार सिर्फ नियमों से नहीं बनते. इसके लिए सभी हितधारकों का सहयोग जरूरी है.”

अर्थव्यवस्था में बढ़ती भूमिका

सेबी प्रमुख के अनुसार भारत के पूंजी बाजार अब केवल आर्थिक विकास का समर्थन करने तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि वे खुद आर्थिक गतिविधियों को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत के वित्तीय बाजारों का लगातार विकास निवेश, नवाचार और दीर्घकालिक आर्थिक विस्तार को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

Nifty 500 में DII का दबदबा रिकॉर्ड स्तर पर, FII हिस्सेदारी घटी: मोतीलाल ओसवाल

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 भारतीय इक्विटी बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. इस दौरान वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, खासकर ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने बाजार में अस्थिरता बढ़ाई.

4 hours ago

RBI की कटौती का असर सीमित, लोन सस्ते होने की रफ्तार धीमी: BoB रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, RBI की दर कटौती से कर्ज जरूर सस्ता हुआ, लेकिन इसका पूरा फायदा अभी तक ग्राहकों तक नहीं पहुंच पाया है. बैंकिंग सिस्टम में असमान ट्रांसमिशन इस अंतर की बड़ी वजह बना हुआ है.

5 hours ago

PNB Q4 रिपोर्ट: मुनाफा 14% उछला, निवेशकों के लिए ₹3 डिविडेंड का ऐलान

मार्च तिमाही में पीएनबी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.4 प्रतिशत बढ़कर 5,225 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी अवधि में बैंक ने 4,567 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था.

5 hours ago

BW The Future Finance Office में मुख्य अतिथि होंगे यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक

एक ओर जहाँ फाइनेंस लीडरशिप और एंटरप्राइज लीडरशिप के बीच की सीमा पूरी तरह समाप्त हो रही है. वहीं, CFO की भूमिका के भविष्य को नए सिरे से परिभाषित करने के उद्देश्य से भारत के टॉप फाइनेंस लीडर्स 8 से 10 मई तक लखनऊ में एकत्र होंगे.

9 hours ago

2026 में ऊर्जा संक्रमण से आगे निकला भू-राजनीतिक संकट: GlobalData

रिपोर्ट के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और रोबोटिक्स जैसी तकनीकें अब ऊर्जा उद्योग की कार्यक्षमता को तेजी से बदल रही हैं.

10 hours ago


बड़ी खबरें

BW The Future Finance Office में मुख्य अतिथि होंगे यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक

एक ओर जहाँ फाइनेंस लीडरशिप और एंटरप्राइज लीडरशिप के बीच की सीमा पूरी तरह समाप्त हो रही है. वहीं, CFO की भूमिका के भविष्य को नए सिरे से परिभाषित करने के उद्देश्य से भारत के टॉप फाइनेंस लीडर्स 8 से 10 मई तक लखनऊ में एकत्र होंगे.

9 hours ago

Nifty 500 में DII का दबदबा रिकॉर्ड स्तर पर, FII हिस्सेदारी घटी: मोतीलाल ओसवाल

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 भारतीय इक्विटी बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. इस दौरान वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, खासकर ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने बाजार में अस्थिरता बढ़ाई.

4 hours ago

RBI की कटौती का असर सीमित, लोन सस्ते होने की रफ्तार धीमी: BoB रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, RBI की दर कटौती से कर्ज जरूर सस्ता हुआ, लेकिन इसका पूरा फायदा अभी तक ग्राहकों तक नहीं पहुंच पाया है. बैंकिंग सिस्टम में असमान ट्रांसमिशन इस अंतर की बड़ी वजह बना हुआ है.

5 hours ago

PNB Q4 रिपोर्ट: मुनाफा 14% उछला, निवेशकों के लिए ₹3 डिविडेंड का ऐलान

मार्च तिमाही में पीएनबी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.4 प्रतिशत बढ़कर 5,225 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी अवधि में बैंक ने 4,567 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था.

5 hours ago

मलेशिया और भारत में नए सीईओ की नियुक्ति के साथ Lockton ने एशिया में नेतृत्व को किया मजबूत

यह नियुक्तियां लॉकटन की एशिया में बढ़ती उपस्थिति और भविष्य की विकास योजनाओं को और मजबूती प्रदान करेंगी.

8 hours ago