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वैश्विक संकट से निपटने की तैयारी: सरकार बनाएगी 1 लाख करोड़ का ‘आर्थिक स्थिरीकरण कोष’
वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026 के लिए आर्थिक स्थिरीकरण कोष का आवंटन बढ़ाकर 1 लाख करोड़ रुपये कर दिया है. यह फैसला संसद में पेश अनुदानों की दूसरी अनुपूरक मांग के तहत लिया गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
केंद्र सरकार ने वैश्विक आर्थिक झटकों और आपूर्ति श्रृंखला में संभावित व्यवधान से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि 1 लाख करोड़ रुपये का ‘आर्थिक स्थिरीकरण कोष’ देश को पश्चिम एशिया में जारी तनाव जैसे अंतरराष्ट्रीय संकटों से निपटने के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा. सरकार का कहना है कि इस कोष के जरिए अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने वाले अचानक झटकों को संभालने में मदद मिलेगी, वह भी राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए.
वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए बनेगा सुरक्षा कवच
लोकसभा में अनुदानों की दूसरी अनुपूरक मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित आर्थिक स्थिरीकरण कोष भारत को वैश्विक स्तर पर पैदा होने वाले आर्थिक संकटों से निपटने के लिए अतिरिक्त वित्तीय गुंजाइश देगा. उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति बन सकती है. ऐसे हालात में यह कोष अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को सहारा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
मौजूदा बजट और अतिरिक्त आवंटन से बनेगा कोष
वित्त मंत्री के अनुसार इस कोष की स्थापना मौजूदा विनियोग और अतिरिक्त बजटीय आवंटन के जरिए की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम संसद में तय किए गए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य के दायरे में ही रहेगा. सीतारमण ने स्पष्ट किया कि सरकार राजकोषीय मजबूती से समझौता किए बिना अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी.
1 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया आवंटन
वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026 के लिए आर्थिक स्थिरीकरण कोष का आवंटन बढ़ाकर 1 लाख करोड़ रुपये कर दिया है. यह फैसला संसद में पेश अनुदानों की दूसरी अनुपूरक मांग के तहत लिया गया. सरकार का कहना है कि इस फंड का उद्देश्य अचानक आने वाले आर्थिक झटकों से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना है. लोकसभा ने अनुदानों की दूसरी अनुपूरक मांगों को मंजूरी भी दे दी है.
उर्वरक और खाद्य सब्सिडी के लिए भी अतिरिक्त बजट
सरकार ने किसानों और खाद्य सुरक्षा से जुड़े खर्चों के लिए भी अतिरिक्त आवंटन किया है. वित्त वर्ष 2026 के लिए उर्वरक सब्सिडी के तहत 19,230 करोड़ रुपये और खाद्य सब्सिडी के लिए 23,640 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है. इस कदम का मकसद कृषि क्षेत्र को समर्थन देना और खाद्य आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना है.
किसानों के लिए उर्वरक की कमी नहीं होगी
वित्त मंत्री ने संसद को भरोसा दिलाया कि किसानों को उर्वरक की आपूर्ति में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. सरकार आने वाली रबी फसल को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि देश में यूरिया के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो और किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके.
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