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नीति निर्माण और बजट 2047 की दृष्टि से जुड़ा होना चाहिए: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश है कि भारत की नीति और बजटिंग 2047 की दृष्टि से जुड़ी रहनी चाहिए, जिससे विकसित और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सके.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
भारत की नीति निर्माण और बजट 2047 की दृष्टि से जुड़ा रहना चाहिए. यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी में नीति आयोग में शीर्ष अर्थशास्त्रियों के साथ एक संवाद के दौरान कही. पीआईबी विज्ञप्ति के अनुसार यह चर्चा ‘आत्मनिर्भरता और संरचनात्मक परिवर्तन: विकसित भारत के लिए एजेंडा’ के विषय पर आधारित थी.
चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का विज़न अब केवल सरकारी नीति नहीं रह गया है, बल्कि यह जनता की साझा आकांक्षा बन चुका है. पीआईबी विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि पीएम ने बताया कि यह परिवर्तन “शिक्षा, उपभोग और वैश्विक गतिशीलता के बदलते पैटर्न में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जिससे संस्थागत क्षमता और सक्रिय बुनियादी ढांचा योजना की आवश्यकता बढ़ गई है.”
चर्चाओं के दौरान, जो “घराना बचत बढ़ाने, बुनियादी ढांचे के विकास और तकनीक, जिसमें एआई शामिल है, के अपनाने के माध्यम से संरचनात्मक परिवर्तन” पर केंद्रित थीं, पीएम मोदी ने वैश्विक क्षमता बनाने और वैश्विक एकीकरण प्राप्त करने के लिए मिशन-मोड सुधारों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया.
प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार अपने विकसित भारत के विजन की रूपरेखा 2021 में स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रस्तुत की थी.
इस बीच, पीएम मोदी ने लिंक्डइन पर “2025– सुधारों का वर्ष” शीर्षक से एक पोस्ट भी लिखा, जिसमें उन्होंने वर्ष 2025 में सरकार द्वारा लागू किए गए सुधार और नीति उपायों का उल्लेख किया. इनमें श्रम सुधार, जीएसटी सुधार, एफडीआई बीमा सुधार, सिक्योरिटी मार्केट सुधार, समुद्री और ब्लू इकॉनॉमी सुधार, मध्यम वर्ग के लिए उपाय, व्यवसाय करने में आसानी बढ़ाने के उपाय और एमएसएमई के लिए कदम शामिल हैं.
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