होम / बिजनेस / PhonePe ला रहा ₹13,000 करोड़ का IPO, सेबी के पास जमा किए कागजात
PhonePe ला रहा ₹13,000 करोड़ का IPO, सेबी के पास जमा किए कागजात
PhonePe के इस संभावित IPO से न केवल कंपनी को पूंजी मिलेगी, बल्कि बाजार में उसकी स्थिति भी और मजबूत होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
पेटीएम और मोबिक्विक के बाद अब फोनपे (PhonePe) भी शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में है. कंपनी का लक्ष्य है कि वह इस आईपीओ के जरिए करीब 1.5 बिलियन डॉलर (करीब ₹13,000 करोड़) जुटाए. इससे कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 15 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है. फोनपे ने अपने आईपीओ के लिए सेबी (SEBI), बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) के पास जरूरी कागजात जमा कर दिए हैं.
कंपनी का बयान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने एक बयान में कहा कि उन्होंने यह कदम सेबी के नियमों का पालन करते हुए उठाया है. कागजात जमा करने का मतलब यह नहीं है कि आईपीओ निश्चित रूप से आएगा ही. फोनपे से पहले पेटीएम और मोबिक्विक जैसी डिजिटल पेमेंट कंपनियां भी शेयर बाजार में एंट्री कर चुकी हैं. अब फोनपे भी इसी राह पर आगे बढ़ रही है.
2024-25 में घाटा घटा, कमाई में जबरदस्त उछाल
फोनपे ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में अपने घाटे को घटाने में सफलता पाई है. कंपनी का घाटा 13.4 प्रतिशत घटकर ₹1,727.4 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹1,996.1 करोड़ था. साथ ही कंपनी की कमाई में भी तेजी देखी गई.
- ऑपरेटिंग रेवेन्यू 40.4 प्रतिशत बढ़कर ₹7,114.8 करोड़ पहुंच गया.
- पिछले साल यह आंकड़ा ₹5,064.1 करोड़ था.
खर्च भी बढ़े, पर राजस्व के सामने रहा नियंत्रित
जहां कमाई में तेजी आई, वहीं खर्च में भी बढ़ोतरी हुई.
- कुल खर्च 21.1 प्रतिशत बढ़कर ₹9,394 करोड़ हो गया.
- पेमेंट प्रोसेसिंग फीस 44.7 प्रतिशत बढ़कर ₹1,688.1 करोड़ तक पहुंच गई.
- कर्मचारियों पर होने वाला खर्च 13.6 प्रतिशत बढ़ा.
हालांकि, कंपनी के राजस्व में उछाल ने बढ़े हुए खर्च के असर को काफी हद तक संतुलित किया.
पेमेंट से आगे बढ़ते हुए नए सेक्टर में एंट्री
फोनपे अब सिर्फ पेमेंट ऐप नहीं रहा. कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में क्रेडिट, इंश्योरेंस, स्टॉक ब्रोकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार किया है. हाल ही में, कंपनी को रिजर्व बैंक से पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस भी मिला है, जिससे अब वह ऑनलाइन मर्चेंट्स को पेमेंट सेवाएं भी दे सकेगी.
भारत में हो रही है विस्तार की रणनीति
फोनपे ने साल 2022 में अपना मुख्यालय सिंगापुर से भारत में शिफ्ट किया था. इसके साथ ही, उसने IndusOS Appstore का अधिग्रहण भी भारत में कर लिया था. यह सब कुछ भारत में घरेलू लिस्टिंग की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
वॉलमार्ट का साथ और बढ़ता कद
फोनपे को 2018 से वॉलमार्ट का समर्थन प्राप्त है. यह कंपनी आज गूगल पे और पेटीएम जैसी कंपनियों को कड़ी टक्कर देती है. अगर फोनपे का IPO सफल रहता है, तो यह भारत के अब तक के सबसे बड़े फिनटेक आईपीओ में से एक होगा. यह भी देखना दिलचस्प होगा कि निवेशक उन कंपनियों में कितना भरोसा दिखाते हैं जो अभी घाटे में हैं लेकिन तेजी से बढ़ रही हैं.
टैग्स