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कम इन्वेस्टमेंट में अच्छे रिटर्न वाले इस बिज़नेस आईडिया के बारे में जानते हैं आप? 

मोती की खेती (Pearl farming) ऐसा बिज़नेस है, जिसमें कम निवेश में मोटा मुनाफा कमाया जा सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

कोई भी बिज़नेस शुरू करने के लिए ज़रूरत होती है, एक घांसू प्लान और उस पर खर्च होने वाला पैसा. कई बार प्लान कमजोर होता है, तो कई बार पैसों का इंतजाम नहीं हो पाता. लेकिन यदि कोई ऐसा प्लान हो, जिसके सफल होने की गारंटी हो, मुनाफा भी मोटा हो और पैसा भी ज्यादा न लगाना पड़े, तो? आज हम आपको ऐसे ही एक बिज़नेस आईडिया के बारे में बताने जा रहे हैं, जो महज चंद हजार के इन्वेस्टमेंट पर अच्छा-खासा रिटर्न दे सकता है.

बढ़ रहा रुझान
मोती की खेती (Pearl farming) ऐसा बिज़नेस है, जिसमें कम निवेश में मोटा मुनाफा कमाया जा सकता है. पिछले कुछ सालों में मोती की खेती की तरफ लोगों का रुझान बढ़ा है. गुजरात, ओडिशा और बंगलुरु में इस बिज़नेस आईडिया पर काफी काम हो रहा है. इस व्यवसाय को सिर्फ कुछ हजार रुपए से शुरू किया जा सकता है. अगर आप मोती की खेती को बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार 50 फीसदी सब्सिडी भी देती है.

खेली के लिए क्या चाहिए?
अब सवाल आता है कि मोती की खेती के लिए क्या साजो-सामान होना चाहिए? इसके लिए ज़रूरत होती है एक तालाब की. इस खेती में सीप की भूमिका अहम होती है. खास बात ये है कि इसके लिए राज्य स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाता है और यदि आप तालाब की व्यवस्था नहीं कर सकते, तो इसका इंतजाम भी करवाया जा सकता है. अगर आप बड़े पैमाने पर बिज़नेस करना चाहते हैं, तो सरकार इन्वेस्टमेंट पर 50 फीसदी तक सब्सिडी भी देती है. वैसे, मोती की खेती के लिए लोग खुद तालाब खुदवा भी लेते हैं.

कैसे होती है खेती?
मोती की खेती के लिए वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण ज़रूरी है. कहीं-कहीं सरकार खुद फ्री में ट्रेनिंग करावाती है. इस खेती के लिए सीप चाहिए, जिन्हें सरकारी संस्थान या मछुआरों से खरीदा का सकता है. सीप को तालाब के पानी में कुछ दिनों के लिए रखा जाता है. इसके बाद उनमें धूप और हवा लगाई जाती है, ताकि उनका कवच और मांसपेशियां ढीली हो जाएं. मांशपेशियां ढीली होने पर सीप की सर्जरी कर इसके अंदर एक सांचा डाल जाता है. जैसे ही सांचा सीप को चुभता है, उसके अंदर से एक पदार्थ निकलता है. थोड़ी देर के बाद सांचा मोती की शक्ल में तैयार हो जाता है. आप सांचे में कोई भी आकृति डालकर उस डिजाइन का मोती तैयार कर सकते हैं. बता दें कि डिजाइनर मोती की आजकल बहुत मांग है.

निवेश और मुनाफा
अब बात आती है निवेश और मुनाफे की. दक्षिण भारत के राज्यों में सीप की क्वालिटी काफी अच्छी होती है. लिहाजा यदि आप इसे वहां से मंगवाते हैं तो अच्छे रहेगा. इस काम पर होने वाले खर्च के अलावा, बाकी छोटे-मोटे खर्च मिलाकर 50 से 60 रुपए में यह काम शुरू हो सकता है. एक सीप से दो से 3 मोती मिल जाते हैं, जिन्हें 125 से 200 रुपए में बेचा जा सकता है. एक मीडियम तालाब में 1,000 से अधिक सीप डाले जा सकते हैं. ऐसे में आप कमाई का अंदाजा लगा सकते हैं.
 


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