✕

होम / बिजनेस / पतंजलि समूह की नई पहल: बहुभाषी AI बैंकिंग सिस्टम से बैंकिंग सेक्टर में क्रांति की तैयारी

पतंजलि समूह की नई पहल: बहुभाषी AI बैंकिंग सिस्टम से बैंकिंग सेक्टर में क्रांति की तैयारी

पतंजलि की यह पहल न केवल तकनीकी दृष्टिकोण से अग्रणी है, बल्कि यह भारत में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो सकती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

पतंजलि समूह (Patanjali) ने अब तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है. समूह की तकनीकी शाखा भरुवा सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (BSPL) ने एक बहुभाषी, एआई-संचालित बैंकिंग ERP सिस्टम लॉन्च कर भारतीय बैंकिंग सेक्टर में अपनी औपचारिक एंट्री की घोषणा की है. इस नई तकनीक का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को अधिक समावेशी, सुलभ और सुरक्षित बनाना है.

आचार्य बालकृष्ण ने जताई तकनीकी बदलाव की प्रतिबद्धता

पतंजलि समूह के संस्थापक और प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने इस पहल को भारत के तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा, "भारत कई भाषाओं का देश है, लेकिन बैंकिंग सेवाएं अब तक मुख्यतः अंग्रेज़ी तक सीमित रहीं. इससे बड़ी आबादी तकनीकी सेवाओं से दूर रह जाती है." उन्होंने कहा है कि ये भारत को हर स्तर पर सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है.

AI-संचालित 'बी-बैंकिंग' से बहुभाषी बैंकिंग का विस्तार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार BSPL द्वारा विकसित 'बी-बैंकिंग' नामक कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) विशेष रूप से क्षेत्रीय, सहकारी और छोटे वित्तीय संस्थानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यह सिस्टम अंग्रेजी के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं में भी सेवाएं देने में सक्षम है. उदाहरण के लिए, गुजरात में ग्राहक गुजराती में और पंजाब में पंजाबी में सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं.

सुरक्षित और स्मार्ट डिजिटल बैंकिंग का वादा

बी-बैंकिंग में अत्याधुनिक AI और साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल को शामिल किया गया है, जो डेटा सुरक्षा, लेन-देन और डिजिटल इंटरैक्शन को पूर्ण सुरक्षित बनाते हैं। इस ERP सिस्टम में API बैंकिंग, MIS, HRMS, AML टूल, और वर्कफ्लो ऑटोमेशन जैसे मॉड्यूल शामिल हैं, जो एंड-टू-एंड बैंकिंग ट्रांसफॉर्मेशन की सुविधा प्रदान करते हैं. सिस्टम को आधिकारिक भाषा अधिनियम 1963 और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे यह सरकारी आदेशों के अनुपालन को भी सुनिश्चित करता है.

नेचुरल सपोर्ट के साथ साझेदारी

भरुवा सॉल्यूशंस ने इस प्रोजेक्ट को साकार करने के लिए नेचुरल सपोर्ट कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी की है. यह कंपनी 1999 से बैंकिंग सेक्टर में LOS, MIS, ALM जैसे सॉफ़्टवेयर समाधान प्रदान कर रही है और 5,000 से अधिक बैंक शाखाओं को स्वचालित कर चुकी है.

'बैंक इन ए बॉक्स': एकीकृत और व्यापक समाधान

नई तकनीक ‘बैंक इन ए बॉक्स’ समाधान प्रदान करती है जो CBS के साथ सहजता से एकीकृत हो जाती है. यह इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग, eKYC, CKYC, PFMS, AML, HRMS, SMS बैंकिंग और अन्य सेवाओं का समर्थन करती है. इस तकनीक का लक्ष्य है सहकारी बैंकों, NBFCs और अन्य वित्तीय संस्थानों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाना, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बहुभाषी बैंकिंग की जरूरत अधिक है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

अल नीनो की आशंका के बीच सरकार ने तय किया 37.39 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य

2025-26 के वास्तविक उत्पादन से करीब 26 लाख टन कम है लक्ष्य; धान, मक्का, सोयाबीन और कपास के रकबे में कमी, दालों और तिलहनों की बोआई बढ़ी

16 minutes ago

पाकिस्तान एयरस्पेस प्रतिबंध के बीच चीन के रास्ते नया एयर कॉरिडोर तलाश रहा भारत

होटन के रास्ते वैकल्पिक रूट पर चीन से बातचीत जारी, भारतीय एयरलाइंस की उड़ानों का समय और परिचालन लागत घटाने की कोशिश

38 minutes ago

AI स्टार्टअप Viven AI ने भारत में लॉन्च किया TwinCafe, अब 24x7 उपलब्ध होंगे डिजिटल एक्सपर्ट्स

प्लेटफॉर्म पर विशेषज्ञ अपनी जानकारी, अनुभव और कंटेंट के आधार पर बना सकेंगे एआई डिजिटल ट्विन; मोबाइल ऐप आने वाले हफ्तों में लॉन्च होने की योजना

1 hour ago

कच्चे माल की ऊंची कीमतों से FY27 की दूसरी तिमाही में कंज्यूमर कंपनियों के मार्जिन पर दबाव: नोमुरा

ब्रेंट और एचडीपीई की कीमतों में सालाना आधार पर तेज बढ़ोतरी, चीनी, पाम ऑयल और लिक्विड पैराफिन भी महंगे.

1 hour ago

2049 तक बदल जाएगी भारत की जनसांख्यिकी, ‘वृद्ध समाज’ बनने से बढ़ेंगी आर्थिक चुनौतियां: मूडीज

प्रजनन दर में गिरावट और तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी से पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी वित्त पर बढ़ सकता है दबाव; उत्पादकता बढ़ाना और श्रमबल का विस्तार होगा अहम

3 hours ago


बड़ी खबरें

अल नीनो की आशंका के बीच सरकार ने तय किया 37.39 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य

2025-26 के वास्तविक उत्पादन से करीब 26 लाख टन कम है लक्ष्य; धान, मक्का, सोयाबीन और कपास के रकबे में कमी, दालों और तिलहनों की बोआई बढ़ी

16 minutes ago

पाकिस्तान एयरस्पेस प्रतिबंध के बीच चीन के रास्ते नया एयर कॉरिडोर तलाश रहा भारत

होटन के रास्ते वैकल्पिक रूट पर चीन से बातचीत जारी, भारतीय एयरलाइंस की उड़ानों का समय और परिचालन लागत घटाने की कोशिश

38 minutes ago

कच्चे माल की ऊंची कीमतों से FY27 की दूसरी तिमाही में कंज्यूमर कंपनियों के मार्जिन पर दबाव: नोमुरा

ब्रेंट और एचडीपीई की कीमतों में सालाना आधार पर तेज बढ़ोतरी, चीनी, पाम ऑयल और लिक्विड पैराफिन भी महंगे.

1 hour ago

AI स्टार्टअप Viven AI ने भारत में लॉन्च किया TwinCafe, अब 24x7 उपलब्ध होंगे डिजिटल एक्सपर्ट्स

प्लेटफॉर्म पर विशेषज्ञ अपनी जानकारी, अनुभव और कंटेंट के आधार पर बना सकेंगे एआई डिजिटल ट्विन; मोबाइल ऐप आने वाले हफ्तों में लॉन्च होने की योजना

1 hour ago

बॉम्बे रेयॉन की दिवाला जांच: बिना बही-खातों के ₹483 करोड़ के सप्लायर बिल

भाग 2: बॉम्बे रेयॉन की दिवाला प्रक्रिया में उसके सप्लायर्स द्वारा किए गए कुल दावों में से आधे से अधिक का कंपनी के अपने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो सका, इनमें से ₹317 करोड़ चार ट्रेडिंग कंपनियों के थे, जिनके पास कोई मिल नहीं है. संबंधित पक्ष के तौर पर चिन्हित किए गए केवल दो दावे प्रमोटर्स से जुड़े थे, और दोनों का पूरा भुगतान किया गया, जबकि 2,027 कर्मचारियों को प्रति रुपये पर 14 पैसे की वसूली हुई. यह वही कंपनी है, जिसकी खरीद के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कर्ज दिया, तीन बार पुनर्गठन किया और अंततः ₹1,300 करोड़ से अधिक की रकम को बट्टे खाते में डाल दिया.

19 hours ago