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रत्न एवं आभूषण निर्यात को मजबूत करने के लिए फेडएक्स और जीजेईपीसी के बीच साझेदारी
यह साझेदारी न केवल भारतीय निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगी, बल्कि दीर्घकालिक व्यापार वृद्धि, रोजगार सृजन और भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति को भी मजबूती देगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
फेडएक्स–जीजेईपीसी की साझेदारी से भारतीय रत्न एवं आभूषण निर्यात को मिलेगी वैश्विक रफ्तारभारत के रत्न एवं आभूषण निर्यात को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, फेडरल एक्सप्रेस कॉर्पोरेशन (फेडएक्स) ने जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस साझेदारी का उद्देश्य भारतीय निर्यातकों को सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स सपोर्ट उपलब्ध कराना है, जिससे वे वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी बन सकें.
रत्न एवं आभूषण उद्योग को मिलेगा लॉजिस्टिक्स सपोर्ट का मजबूत आधार
GJEPC भारत के रत्न एवं आभूषण उद्योग के निर्यात संवर्धन में अहम भूमिका निभाता है. यह क्षेत्र देश की GDP में लगभग 7 प्रतिशत और कुल व्यापार निर्यात में 10 से 12 प्रतिशत तक का योगदान देता है, साथ ही लाखों लोगों को रोजगार प्रदान करता है. वैश्विक मांग में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए, काउंसिल अपने सदस्यों को विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक्स समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है. इसी क्रम में फेडएक्स के साथ यह रणनीतिक समझौता किया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट और अनुपालन प्रक्रियाएं और अधिक सरल बन सकें.
भारतीय कारीगरी को दुनिया तक पहुंचाने पर फोकस: फेडएक्स
फेडएक्स के वाइस प्रेसिडेंट मार्केटिंग, कस्टमर एक्सपीरियंस और एयर नेटवर्क (मिडिल ईस्ट, भारतीय उपमहाद्वीप और अफ्रीका), नितिन नवनीत टाटीवाला ने कहा कि भारतीय कारीगरी की वैश्विक स्तर पर विशेष पहचान है. उन्होंने कहा, “निर्यात के अगले चरण की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उत्पाद कितनी कुशलता से स्थानीय निर्माताओं से अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों तक पहुंचते हैं. फेडएक्स भारतीय व्यवसायों को तेज, स्मार्ट और सुरक्षित लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. यह एमओयू हमारे दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है.”
निर्यातकों को मिलेंगे कस्टमाइज्ड इंटरनेशनल शिपिंग सॉल्यूशंस
इस समझौते के तहत फेडएक्स, GJEPC के सदस्यों को रत्न एवं आभूषण उद्योग की विशेष आवश्यकताओं के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय शिपिंग समाधान उपलब्ध कराएगा. इसमें समयबद्ध डिलीवरी, सरल कस्टम क्लीयरेंस, एंड-टू-एंड ट्रैकिंग और उच्च सुरक्षा मानक शामिल हैं. इसके साथ ही, निर्यातकों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सेमिनार और वेबिनार के माध्यम से जानकारी और विशेषज्ञता भी साझा की जाएगी.
एमएसएमई और नए निर्यातकों के लिए बड़ा अवसर: जीजेईपीसी
GJEPC के चेयरमैन किरीट भंसाली ने इस साझेदारी को उद्योग के लिए मील का पत्थर बताया. उन्होंने कहा, “फेडएक्स के साथ यह सहयोग भारत के रत्न एवं आभूषण निर्यात की लॉजिस्टिक्स रीढ़ को मजबूत करेगा, खासकर एमएसएमई और उन नए निर्यातकों के लिए जो ई-कॉमर्स और नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अवसर तलाश रहे हैं. भरोसेमंद डोर-टू-डोर शिपिंग, पारदर्शिता और ज्ञान साझा करने से हमारे सदस्य वैश्विक खरीदारों तक अधिक गति और भरोसे के साथ पहुंच सकेंगे.”
भारत में फेडएक्स का मजबूत नेटवर्क निर्यातकों को देगा बढ़त
फेडएक्स का भारत में व्यापक परिचालन नेटवर्क है, जिसमें मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु से हर सप्ताह 36 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित होती हैं. यह नेटवर्क भारतीय निर्यातकों को दुनिया की लगभग 99 प्रतिशत GDP वाले बाजारों से जोड़ता है. फेडएक्स इंटरनेशनल प्रायोरिटी जैसी सेवाएं कीमती और संवेदनशील शिपमेंट्स को सुरक्षित रूप से पहुंचाने में सहायक हैं. इसके अलावा, बेंगलुरु स्थित AI SATS इंटीग्रेटेड हब सहित उन्नत डिजिटल और एनालिटिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के जरिए कंपनी अपनी सप्लाई चेन क्षमताओं को और सशक्त बना रही है.
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