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पारस एंटी-ड्रोन को मिला ₹46.19 करोड़ का रक्षा मंत्रालय ऑर्डर, स्वदेशी रक्षा तकनीक को बड़ी बढ़त
पारस डिफेंस की यह उपलब्धि न केवल उसकी तकनीकी श्रेष्ठता को दर्शाती है, बल्कि भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य में भी सहायक सिद्ध होती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (Paras Defence) की सहायक कंपनी पारस एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय से लगभग 46.19 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण ऑर्डर प्राप्त हुआ है. यह ऑर्डर सशस्त्र बलों को उन्नत एंटी-ड्रोन सिस्टम्स जैसे ड्रोन जैमर की आपूर्ति के लिए दिया गया है. यह अनुबंध न केवल कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि तेजी से बढ़ रहे काउंटर-यूएवी (Unmanned Aerial Vehicle) क्षेत्र में पारस एंटी-ड्रोन की मौजूदगी को और मजबूत करता है. इस ऑर्डर का क्रियान्वयन मार्च 2026 तक पूरा किए जाने की उम्मीद है.
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और कदम
इस ऑर्डर के माध्यम से पारस डिफेंस ने अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीकों में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूती दी है. यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत **देश में ही रक्षा उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है.
ड्रोन से बढ़ते खतरे के बीच तकनीकी समाधान की जरूरत
सिविल और सैन्य क्षेत्रों में ड्रोन के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ ही गैर-कानूनी निगरानी, तस्करी और सुरक्षा उल्लंघनों की आशंका भी बढ़ गई है. ऐसे में नई पीढ़ी की एंटी-ड्रोन तकनीकों की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है, ताकि हवाई सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
देशी तकनीक से ड्रोन हमलों को रोकने की तैयारी
पारस एंटी-ड्रोन लंबे समय से स्वदेशी एंटी-ड्रोन समाधानों के विकास में अग्रणी रहा है. इसके द्वारा विकसित तकनीकें दुश्मन ड्रोन को वास्तविक समय में निष्क्रिय करने की क्षमता रखती हैं. ये सिस्टम रक्षा बलों को संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा, वायु क्षेत्र की रक्षा और संचालन में बढ़त सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी समाधान प्रदान करते हैं.
कंपनी की प्रतिक्रिया
पारस एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के सीईओ, अशुतोष बहेती ने कहा “रक्षा मंत्रालय से प्राप्त यह ऑर्डर हमारे स्वदेशी नवाचारों पर विश्वास का प्रतीक है. आज जब ड्रोन एक अवसर भी हैं और एक खतरा भी, ऐसे में उन्नत एंटी-ड्रोन सिस्टम्स की मांग लगातार बढ़ रही है. पारस एंटी-ड्रोन में हमारा लक्ष्य है कि हम भारतीय सेना को सशक्त बनाने के लिए प्रभावी और मेड-इन-इंडिया समाधान उपलब्ध कराएं और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करें.”
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