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आखिर ऐसा क्या हुआ कि इन 2 दिग्गज चीनी कंपनियों ने Bharat में TV बेचने से कर ली तौबा?

भारत के स्मार्ट टीवी के बाजार में चीनी कंपनियों की अच्छी-खासी हिस्सेदारी है. शाओमी ने सबसे ज्यादा मार्केट पर कब्जा किया हुआ है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

फेस्टिवल सीजन में इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की डिमांड काफी बढ़ जाती है. इस डिमांड को पूरा करने के लिए कंपनियां काफी पहले से ही तैयारी शुरू कर देती हैं और इस अवसर पर कई आकर्षक ऑफर भी पेश करती हैं. लेकिन भारतीय बाजार में मौजूद चीन की दो दिग्गज कंपनियों ने जो कदम उठाया है, वो इससे एकदम विपरीत है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वनप्लस (OnePlus) और रियलमी (RealMe) ने भारत में टेलीविजन का प्रोडक्शन और सेल बंद कर दी है. ऐसा नहीं है कि इन कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा था. दोनों कंपनियों ने भारत के स्मार्ट TV मार्केट में अच्छा-खासा बिजनेस हासिल किया है. इसके बावजूद उनका अचानक बाजार से बाहर निकलने का फैसला किसी की समझ में नहीं आ रहा है.  

लगातार बढ़ रहा है बाजार
इंटरनेट के सस्ता होने के बाद से भारत में स्मार्ट TV का मार्केट लगातार बड़ा होता जा रहा है. इसके अलावा, नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम जैसे  स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले कंटेंट ने भी स्मार्ट टीवी की डिमांड में इजाफा किया है. मौजूदा समय में टेलीविजन सेगमेंट से जुड़ी लगभग हर कंपनी स्मार्ट टीवी बना रही है. आमतौर पर फेस्टिवल सीजन में टीवी सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की बिक्री बढ़ जाती है. इस बार ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप की वजह से खुशी दोगुनी हो गई है. लिहाजा, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की सेल में भी अच्छा-खासा जम्प देखने को मिल रहा है. RealMe और OnePlus के सेल्स फिगर भी अच्छे ही रहे हैं. फिर भी उनका बाजार छोड़ने का फैसला करना सभी के लिए चौंकाने वाला है.   

ये तो नहीं है फैसले की वजह?
चीनी कंपनियों की रणनीति सस्ते प्रोडक्ट्स पेश करके बाजार पर कब्जा जमाने की रही है. शाओमी ने स्मार्टफोन सेगमेंट में इसी के बूते काफी समय तक राज किया है. TV मार्केट की बात करें, तो आज भी चीनी कंपनियों के उत्पाद सैमसंग, LG जैसी कंपनियों के मुकाबले सस्ते मिलते हैं. सस्ते के साथ शाओमी जैसी कंपनियां फीचर्स देने में भी कोई कंजूसी नहीं करतीं, इसलिए ग्राहक उनकी तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं. शाओमी बाजार में  नंबर वन मानी जाती है. हालांकि, बीते कुछ समय, खासकर गलवान हिंसा के बाद से चीनी कंपनियों के प्रति भारत के रवैये में बदलाव आया है. ये कंपनियां भारतीय एजेंसियों के रडार पर आ गई हैं. संभव है कि इसी वजह से वनप्लस और रियलमी ने स्मार्टTV के बाजार को अलविदा कहा हो. 
 


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