होम / बिजनेस / OMC Power बनी भारत की पहली PAT सकारात्मक विकेन्द्रीकृत स्वच्छ ऊर्जा कंपनी
OMC Power बनी भारत की पहली PAT सकारात्मक विकेन्द्रीकृत स्वच्छ ऊर्जा कंपनी
OMC Power का यह मॉडल भारत को 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर कर रहा है. यह सफलता न केवल वित्तीय लाभ बल्कि जलवायु परिवर्तन की दिशा में कार्रवाई और सामाजिक समावेशन का आदर्श उदाहरण भी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, OMC Power देश की पहली विकेन्द्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा (DRE) कंपनी बन गई है, जिसने कर पश्चात लाभ (PAT) सकारात्मक परिणाम दर्ज किए हैं. यह उपलब्धि विकेन्द्रीकृत ऊर्जा समाधानों की आर्थिक व्यवहार्यता को प्रमाणित करती है और भारत को जमीनी स्तर से हरित विकास की दिशा में अग्रणी बनाती है.
जापान की Mitsui & Co. और Chubu Electric Power जैसी वैश्विक कंपनियों के निवेश से समर्थित OMC Power उत्तर व मध्य भारत में 1 GWp स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो के निर्माण की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है. कंपनी फिलहाल 100 MWp के उभरते पोर्टफोलियो के साथ PAT सकारात्मकता प्राप्त करने में सफल रही है.
कंपनी के MD और CEO रोहित चंद्रा ने कहा, “भारत अपनी स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का नया अध्याय लिख रहा है और OMC Power को गर्व है कि हम इस बदलाव का नेतृत्व कर रहे हैं. हम अस्पतालों, MSMEs, कृषि संरचनाओं और दूरदराज़ गांवों तक सौर ऊर्जा पहुंचा रहे हैं, जिससे एक डिजिटल और जलवायु-लचीला भारत उभर रहा है.”
प्रमुख परियोजनाएं और योगदान:
- उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए RESCO मॉडल के तहत 200 से अधिक अस्पतालों को सौर ऊर्जा से जोड़ना.
- हर साल 1,25,000 मीट्रिक टन CO₂ उत्सर्जन में कमी का अनुमान.
- टेलीकॉम टावरों को बिजली देकर दूरदराज़ इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाना.
- 400 से अधिक गांवों में स्मार्ट मिनी-ग्रिड, 1 लाख से अधिक जीवन प्रभावित.
कंपनी AI और IoT आधारित ऊर्जा प्रणालियों का उपयोग करती है और 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत स्थानीय MSMEs को समर्थन देकर ग्रामीण भारत में रोजगार को बढ़ावा देती है.
भविष्य की योजनाएं
OMC Power ने FY 2025–26 में 40–50% की सालाना वृद्धि दर के साथ PAT सकारात्मकता दर्ज की है. अब कंपनी FY 2026–27 तक अपने ऊर्जा पदचिह्न को तीन गुना बढ़ाने की योजना बना रही है और दक्षिण-पूर्व एशिया व उप-सहारा अफ्रीका जैसे नए बाजारों में विस्तार की संभावना तलाश रही है.निष्कर्ष:
टैग्स