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OLA इलेक्ट्रिक के शेयर में गिरावट, भाविश अग्रवाल ने नकद में चुकाए ₹200 करोड़
ओला इलेक्ट्रिक इस समय निवेशकों के दबाव, वित्तीय चुनौतियों और बाजार में हिस्सेदारी गिरने जैसे कई मोर्चों पर जूझ रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (OLA) के शेयर गुरुवार को करीब 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49.05 रुपये पर पहुंच गए हैं. कंपनी के शेयर अगस्त में 76 रुपये के इश्यू प्राइस पर लिस्ट हुए थे और अब तक लगभग 35 प्रतिशत तक टूट चुके हैं. इस गिरावट के चलते बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और कंपनी पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है. इस बीच खबर आई है कि ओला इलेक्ट्रिक के मालिक ने करीब 200 करोड़ रुपये का नकद भुगतान किया है, जिससे आज शेयर में गिरावट दर्ज हुई है.
भाविश अग्रवाल ने चुकाए 200 करोड़ रुपये नकद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ओला इलेक्ट्रिक के फाउंडर और सीईओ भाविश अग्रवाल ने शेयरों के बदले उधार लेने के लिए करीब 200 करोड़ रुपये (लगभग 2.3 मिलियन डॉलर) नकद भुगतान किया है. यह भुगतान उन्होंने अपनी हिस्सेदारी गिरवी रखकर लिए गए लोन के ब्याज के तौर पर किया. उन्होंने ओला इलेक्ट्रिक में अपनी कुल 30 प्रतिशत हिस्सेदारी में से लगभग 8 प्रतिशत को गिरवी रखा है.
बॉन्ड्स के बदले मिली फंडिंग
एवेंडस ग्रुप, इनक्रेड अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड और मॉड्यूलस अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स जैसी संस्थाओं ने ‘क्रुट्रिम’ के जरिए जारी बॉन्ड्स के बदले में अग्रवाल को लोन दिया था. इन बॉन्ड्स पर कूपन दर 14.9 प्रतिशत से 15.9 प्रतिशत के बीच थी और इसे ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों से सपोर्ट किया गया था. रिपोर्ट में बताया गया कि भाविश अग्रवाल ने शेयर कीमतों में गिरावट के बावजूद और शेयर खरीदकर कोलैटरल बढ़ाने की बजाय, पहले से ही 3–4 महीने का ब्याज अग्रिम रूप से चुका दिया.
IPO से मिले थे 280 करोड़ रुपये
ओला इलेक्ट्रिक के आईपीओ के दौरान भाविश अग्रवाल ने अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचकर लगभग 280 करोड़ रुपये जुटाए थे. हालांकि, कंपनी की गिरती हुई स्थिति और शेयरों में अस्थिरता को देखते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें टॉप-अप कैश वापस नहीं मिलेगा.
मार्च तिमाही में दोगुना हुआ घाटा
ओला इलेक्ट्रिक की वित्तीय स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है. मार्च तिमाही में कंपनी का घाटा दोगुना से अधिक हो गया है. इसके साथ ही बाजार हिस्सेदारी में भी भारी गिरावट देखी गई है, पिछले साल जहां कंपनी की हिस्सेदारी 48 प्रतिशत थी, वहीं मई 2025 तक यह घटकर केवल 18 प्रतिशत रह गई है.
हुंडई और किआ ने बेची हिस्सेदारी
कंपनी की स्थिति को लेकर साउथ कोरियन वाहन निर्माता कंपनियां भी सतर्क हो गई हैं. हुंडई मोटर कंपनी ने मंगलवार को खुले बाजार में सौदा कर ओला इलेक्ट्रिक में अपनी पूरी 2.47प हिस्सेदारी बेच दी. यह सौदा औसतन 50.70 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 552 करोड़ रुपये में हुआ.
वहीं, हुंडई-किआ ग्रुप की अन्य इकाई किआ कॉर्पोरेशन ने भी अपनी 0.62 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी, जिसमें 2.71 करोड़ शेयरों का औसतन मूल्य 50.55 रुपये प्रति शेयर रहा. इस सौदे का कुल मूल्य 137.35 करोड़ रुपये रहा है.
सिटीग्रुप ने खरीदी हिस्सेदारी
इस बिकवाली के बीच सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस ने ओला इलेक्ट्रिक में विश्वास जताते हुए 8.61 करोड़ से अधिक शेयर खरीदे हैं. यह सौदा 435 करोड़ रुपये में हुआ और इसमें प्रति शेयर औसत कीमत 50.55 रुपये रही.
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