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ओडिशा सरकार का वेदांता पर बड़ा एक्शन, ₹1,255 करोड़ का नोटिस थमाया

ओडिशा सरकार और वेदांता समूह के बीच यह मामला अब कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ता दिख रहा है. अगर अदालत में सरकार का पक्ष मजबूत साबित होता है, तो यह वेदांता के लिए बड़ा वित्तीय झटका साबित हो सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago

देश की दिग्गज माइनिंग और मेटल कंपनी वेदांता लिमिटेड को ओडिशा सरकार की ओर से बड़ा झटका लगा है. राज्य सरकार ने वेदांता की सहायक कंपनी ईएसएल स्टील लिमिटेड (ESL Steel Limited) को ₹1,255 करोड़ से ज्यादा का डिमांड नोटिस भेजा है. यह नोटिस खनन कार्य में तय लक्ष्य से कम उत्पादन करने के आरोपों के चलते जारी किया गया है. इस कार्रवाई के बाद कंपनी और निवेशकों दोनों की चिंता बढ़ गई है.

कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद?

यह मामला ओडिशा के क्योंझर जिले के कोइरा सर्किल से जुड़ा हुआ है. डिप्टी डायरेक्टर ऑफ माइंस कार्यालय ने ईएसएल स्टील को दो अलग-अलग नोटिस जारी किए हैं. इन दोनों नोटिसों को मिलाकर कुल मांग करीब ₹12,55,37,61,591 यानी लगभग ₹1,255 करोड़ बैठती है. सरकार का कहना है कि कंपनी ने जिन शर्तों पर खनन पट्टा लिया था, उनके अनुसार काम नहीं किया और तय मात्रा में खनिज का उत्पादन और डिस्पैच नहीं हो पाया.

नियमों के तहत क्यों लगी इतनी बड़ी पेनल्टी?

यह मामला मिनरल्स कंसेशन रूल्स, 2016 के नियम 12(A) से जुड़ा है. नियमों के अनुसार, किसी भी माइनिंग कंपनी को हर साल एक न्यूनतम तय मात्रा में खनन और सप्लाई करना अनिवार्य होता है. अगर कंपनी इसमें असफल रहती है, तो उसे उस कमी के बदले सरकार को जुर्माना या मुआवजा देना पड़ता है. ओडिशा सरकार का आरोप है कि ईएसएल स्टील इस अनिवार्य लक्ष्य को पूरा करने में नाकाम रही, इसलिए यह भारी-भरकम मांग रखी गई है.

किन खदानों पर फंसा है मामला?

यह विवाद मुख्य रूप से ईएसएल स्टील की BICO और Feegrade माइनिंग लीज से जुड़ा हुआ है. कंपनी और सरकार के बीच 15 नवंबर 2021 को माइन डेवलपमेंट एंड प्रोडक्शन एग्रीमेंट (MDPA) हुआ था. सरकारी नोटिस के मुताबिक, खदान संचालन के चौथे वर्ष में जो उत्पादन और डिस्पैच लक्ष्य तय किए गए थे, कंपनी उन्हें हासिल नहीं कर पाई.

कंपनी का जवाब: हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे

ईएसएल स्टील ने सरकार की इस मांग को गलत बताया है. कंपनी का कहना है कि जिस आधार पर यह रकम तय की गई है, वह न तो कानूनी रूप से सही है और न ही तथ्यों पर आधारित है. स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने कहा है कि वह इस नोटिस की विस्तृत समीक्षा कर रही है और जल्द ही अदालत का रुख करेगी. कंपनी इस मांग पर स्टे लेने और नोटिस को रद्द कराने के लिए सभी कानूनी विकल्प अपनाएगी.

शेयर बाजार पर भी दिखा असर

हालांकि, इस खबर के बावजूद शुक्रवार के कारोबारी सत्र में वेदांता लिमिटेड का शेयर 0.78 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹681.05 पर बंद हुआ, लेकिन आगे आने वाले दिनों में इस मामले का असर शेयर की चाल पर भी दिख सकता है.

 


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