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पावर सेक्टर में NTPC का मेगा प्लान, 2037 तक करेगी 7 लाख करोड़ रुपये का निवेश
उत्पादन क्षमता के बड़े विस्तार और ग्रीन एनर्जी पर बढ़ते फोकस से न सिर्फ देश की बढ़ती बिजली जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और टिकाऊ विकास को भी मजबूती मिलेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
भारत की सबसे बड़ी सरकारी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी (NTPC) ने देश के पावर सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बड़ी रणनीति तैयार की है. कंपनी ने 2037 तक अपनी कुल बिजली उत्पादन क्षमता को 244 गीगावॉट तक पहुंचाने का रोडमैप बनाया है. इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए एनटीपीसी पावर सेक्टर में करीब 7 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी. एनटीपीसी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर गुरदीप सिंह ने हाल ही में आयोजित लेंडर्स मीट के दौरान इस निवेश योजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बढ़ती बिजली मांग, ऊर्जा सुरक्षा और ग्रीन ट्रांजिशन को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने दीर्घकालिक विस्तार रणनीति तैयार की है.
देश की 25% बिजली जरूरत पूरी करती है NTPC
एनटीपीसी ऊर्जा मंत्रालय के तहत काम करने वाली भारत की सबसे बड़ी पावर कंपनी है. यह फिलहाल देश की कुल बिजली जरूरत का करीब 25 फीसदी हिस्सा अकेले पूरा करती है. कंपनी थर्मल, सोलर, हाइड्रो और अन्य रिन्यूएबल स्रोतों से बिजली का उत्पादन करती है. वर्तमान में एनटीपीसी की ग्रुप लेवल ऑपरेशनल क्षमता 85,000 मेगावॉट से अधिक है.
2032 तक 149 GW, फिर 2037 तक 244 GW का लक्ष्य
एनटीपीसी ने अपनी क्षमता विस्तार योजना को चरणों में बांटा है.
1. पहला चरण: 2032 तक कुल क्षमता 149 गीगावॉट
2. दूसरा चरण: 2037 तक इसे बढ़ाकर 244 गीगावॉट
फिलहाल कंपनी की लगभग 32 गीगावॉट क्षमता विभिन्न परियोजनाओं के तहत निर्माणाधीन है, जो आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से चालू होगी.
ग्रीन एनर्जी पर तेज़ी से बढ़ता फोकस
एनटीपीसी अब कोयला आधारित उत्पादन से आगे बढ़कर रिन्यूएबल एनर्जी पर खास जोर दे रही है. हाल ही में गुजरात और राजस्थान में कंपनी की सहायक इकाइयों की सोलर परियोजनाओं से 359.58 मेगावॉट बिजली ग्रिड में जोड़ी गई है. यह संकेत देता है कि भविष्य में एनटीपीसी की ऊर्जा टोकरी में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी लगातार बढ़ेगी.
पावर जेनरेशन से आगे भी होगा निवेश
7 लाख करोड़ रुपये की यह निवेश योजना सिर्फ बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है. एनटीपीसी ऊर्जा भंडारण सिस्टम, पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स, न्यूक्लियर पावर, ग्रीन हाइड्रोजन और उससे जुड़ी केमिकल परियोजनाओं में भी बड़ा निवेश करेगी. इसका उद्देश्य रिन्यूएबल एनर्जी के बढ़ते उपयोग के बीच ग्रिड को स्थिर और भरोसेमंद बनाए रखना है.
राजस्थान का नोख सोलर प्रोजेक्ट हुआ पूरा
इस बीच एनटीपीसी ने राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित नोख सोलर पीवी प्रोजेक्ट के अंतिम चरण को भी कमर्शियल ऑपरेशन में ला दिया है. इस परियोजना के तहत कुल 245 मेगावॉट क्षमता विकसित की जा रही है, जिसमें से अंतिम 78 मेगावॉट यूनिट 18 दिसंबर 2025 से चालू हो गई है. इसके साथ ही एनटीपीसी की स्टैंडअलोन क्षमता 60,783 मेगावॉट और ग्रुप लेवल क्षमता 85,259 मेगावॉट हो गई है.
ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
एनटीपीसी की यह दीर्घकालिक योजना सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है. इससे देश को ज्यादा बिजली, कम कटौती, ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा और मजबूत ऊर्जा सुरक्षा मिलेगी. साथ ही, बड़े पैमाने पर निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारत आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में और मजबूती से आगे बढ़ेगा.
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