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NSE का दिसंबर तिमाही में दमदार प्रदर्शन, मुनाफा 15% बढ़कर ₹2,408 करोड़ पर पहुंचा
मजबूत ट्रेडिंग वॉल्यूम, खर्च में कमी और बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन के चलते दिसंबर तिमाही में NSE की आय और मुनाफ़े में मज़बूत बढ़ोतरी दर्ज की गई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) ने दिसंबर तिमाही (Q3) में आय और मुनाफ़े में क्रमिक आधार पर मज़बूत वृद्धि दर्ज की है. इक्विटी कैश और डेरिवेटिव्स सेगमेंट में बढ़े ट्रेडिंग वॉल्यूम और खर्च में कमी ने प्रदर्शन को सहारा दिया.
कुल आय में बढ़ोतरी, ₹4,395 करोड़ पर पहुँची
कंसॉलिडेटेड आधार पर, दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में NSE की कुल आय बढ़कर ₹4,395 करोड़ हो गई, जो पिछली तिमाही में ₹4,160 करोड़ थी.
ट्रांजैक्शन चार्ज से होने वाली आय तिमाही-दर-तिमाही 9% बढ़कर ₹3,033 करोड़ रही, जो कैश और डेरिवेटिव्स बाज़ार में बेहतर गतिविधि के कारण संभव हुआ.
डेटा फीड और टर्मिनल सर्विसेज़ से आय 5% बढ़कर ₹121 करोड़ रही, जबकि लिस्टिंग सर्विसेज़ से होने वाली आय में 25% की तेज़ बढ़त दर्ज की गई और यह ₹111 करोड़ तक पहुँच गई.
शुद्ध मुनाफ़ा 15% बढ़ा, EPS में सुधार
तिमाही के दौरान कर पश्चात मुनाफ़ा (PAT) 15% बढ़कर ₹2,408 करोड़ हो गया, जो सितंबर तिमाही में ₹2,098 करोड़ था. नॉन-एनुअलाइज़्ड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹9.73 रही, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹8.48 थी.
खर्च में तेज गिरावट, EBITDA में ज़ोरदार उछाल
कुल कंसॉलिडेटेड खर्च तिमाही-दर-तिमाही 48% घटकर ₹1,234 करोड़ रह गया. इस तिमाही में नए श्रम कानूनों के लागू होने के बाद ग्रेच्युटी प्रावधानों के लिए ₹126 करोड़ का एकमुश्त खर्च शामिल था.
ऑपरेटिंग EBITDA 92% की छलांग के साथ ₹2,851 करोड़ पर पहुँच गया. एकमुश्त मदों को हटाने के बाद, सामान्यीकृत कंसॉलिडेटेड कर-पूर्व मुनाफ़ा (PBT) 6% बढ़कर ₹3,325 करोड़ रहा.
नौ महीनों का प्रदर्शन
31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में, कंसॉलिडेटेड कुल आय ₹13,354 करोड़ रही, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹14,780 करोड़ थी. इस अवधि के लिए रिपोर्टेड PAT ₹7,431 करोड़ रहा और नॉन-एनुअलाइज़्ड EPS ₹30.02 दर्ज की गई.
स्टैंडअलोन आधार पर आय और मुनाफ़े में तेज बढ़त
स्टैंडअलोन आधार पर, NSE की कुल आय दिसंबर तिमाही में बढ़कर ₹4,419 करोड़ हो गई, जो पिछली तिमाही में ₹3,666 करोड़ थी. यह वृद्धि मुख्य रूप से अधिक ट्रांजैक्शन रेवेन्यू और सहायक कंपनियों से मिले डिविडेंड के कारण हुई. ऑपरेटिंग रेवेन्यू 8% बढ़कर ₹3,522 करोड़ रहा, जिसे इक्विटी कैश और डेरिवेटिव्स में बढ़े ट्रेडिंग वॉल्यूम का समर्थन मिला.
ट्रेडिंग वॉल्यूम में सुधार
कैश मार्केट में औसत दैनिक कारोबार (ADTV) 3% बढ़कर ₹99,023 करोड़ रहा. इक्विटी फ्यूचर्स का ADTV 8% बढ़कर ₹1,51,744 करोड़ तक पहुँच गया, जबकि प्रीमियम वैल्यू के आधार पर इक्विटी ऑप्शंस का ADTV 15% बढ़कर ₹53,248 करोड़ रहा.
स्टैंडअलोन EBITDA दोगुने से ज़्यादा, PAT मार्जिन 59%
स्टैंडअलोन ऑपरेटिंग EBITDA 129% की तेज़ बढ़ोतरी के साथ ₹2,496 करोड़ हो गया, जो सितंबर तिमाही में ₹1,090 करोड़ था. स्टैंडअलोन कर पश्चात मुनाफ़ा ₹2,603 करोड़ रहा, जिससे PAT मार्जिन 59% दर्ज किया गया.
FY26 के पहले नौ महीनों में सरकारी खजाने में बड़ा योगदान
FY26 के पहले नौ महीनों में NSE ने विभिन्न करों और शुल्कों के ज़रिये कुल ₹41,842 करोड़ का योगदान सरकारी खजाने में दिया. इसमें शामिल हैं:
1. सिक्योरिटीज़ और कमोडिटीज़ ट्रांजैक्शन टैक्स (STT/CTT). ₹34,835 करोड़
2. स्टांप ड्यूटी. ₹2,472 करोड़
3. आयकर. ₹2,414 करोड़
4. जीएसटी. ₹1,376 करोड़
5. सेबी शुल्क. ₹745 करोड़
STT और CTT संग्रह का लगभग आधा हिस्सा डिलीवरी-आधारित कैश मार्केट लेनदेन से आया, जबकि शेष हिस्सा इंट्राडे ट्रेड और इक्विटी डेरिवेटिव्स से प्राप्त हुआ.
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