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NSE IPO को बोर्ड की हरी झंडी, ऑफर फॉर सेल के जरिए बाजार में आएगा इश्यू
एनएसई की लिस्टिंग को भारतीय कैपिटल मार्केट के लिए एक बड़ा माइलस्टोन माना जा रहा है, जिससे बाजार की पारदर्शिता और गहराई दोनों बढ़ने की उम्मीद है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के आईपीओ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. कंपनी के बोर्ड ने आईपीओ लाने को औपचारिक मंजूरी दे दी है. यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा. सेबी से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिलने के कुछ ही दिनों बाद यह फैसला लिया गया है. लंबे समय से निवेशकों को इस आईपीओ का इंतजार था, जो अब खत्म होने की ओर बढ़ता दिख रहा है.
बोर्ड ने दी आईपीओ को हरी झंडी
एनएसई के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शुक्रवार को इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग को मंजूरी दी. इस आईपीओ में कोई फ्रेश इश्यू नहीं होगा, यानी कंपनी को इससे नई पूंजी नहीं मिलेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. सेबी की मंजूरी के बाद बोर्ड का यह फैसला आईपीओ प्रक्रिया का अहम पड़ाव माना जा रहा है.
आईपीओ कमेटी का पुनर्गठन
आईपीओ को आगे बढ़ाने के लिए एनएसई ने आईपीओ कमेटी का भी पुनर्गठन किया है. इस कमेटी की अध्यक्षता तबलेश पांडे करेंगे. इसमें श्रीनिवास इंजेती, ममता बिस्वाल, जस्टिस (रिटायर्ड) अभिलाषा कुमारी, जी शिवकुमार और एनएसई के एमडी व सीईओ आशीषकुमार चौहान को सदस्य बनाया गया है. सभी सदस्य पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर या शीर्ष प्रबंधन से जुड़े हैं.
2016 से अटका था एनएसई का आईपीओ
एनएसई ने सबसे पहले 2016 में आईपीओ के लिए आवेदन किया था. हालांकि, रेगुलेटरी अड़चनों और लंबित मामलों के चलते यह प्रक्रिया करीब 10 साल तक अटकी रही. अब सेबी की मंजूरी के बाद एक्सचेंज के शेयर बाजार में लिस्ट होने की राह साफ होती दिख रही है.
कब आ सकता है ड्राफ्ट, कब होगी लिस्टिंग
इस डेवलपमेंट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एनएसई अगले 3 से 4 महीनों में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकता है. वहीं, आईपीओ की लिस्टिंग 8 से 9 महीनों के भीतर होने की संभावना जताई जा रही है.
कोल एक्सचेंज सब्सिडियरी को भी मंजूरी
आईपीओ के साथ-साथ एनएसई बोर्ड ने एक और अहम फैसला लिया है. बोर्ड ने कोल एक्सचेंज से जुड़ी एक नई सब्सिडियरी स्थापित करने को मंजूरी दी है. इस एक्सचेंज का नाम नेशनल कोल एक्सचेंज, भारत कोल एक्सचेंज या इंडिया कोल एक्सचेंज हो सकता है. इसके लिए करीब 100 करोड़ रुपये के कैपिटल इन्फ्यूजन की योजना बनाई गई है.
तिमाही नतीजों में दिखी मजबूत ग्रोथ
एनएसई ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे भी जारी किए हैं. इस दौरान कंपनी का मार्जिन 40.4 प्रतिशत से बढ़कर 75.9 प्रतिशत हो गया. वहीं, नेट प्रॉफिट तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 15 प्रतिशत बढ़कर 2,409 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. मजबूत नतीजों से एनएसई की वित्तीय स्थिति और साख दोनों मजबूत होती दिख रही हैं.
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