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ग्रेटर नोएडा में इंडस्ट्री बढ़ाने के लिए अब ये नया तरीका अपनाने जा रही है योगी सरकार
मुख्यमंत्री योगी की योजना के अनुसार, ई ऑक्शन के जरिए ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 22-ए में 7 केटेगरीज के तहत भूमि आवंटन के लिए आवेदन मांगे गए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
राज्य की इकोनॉमी को 1 ट्रिलियन बनाने के लक्ष्य में जुटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की औद्योगिक कैपिटल ग्रेटर नोएडा में फुटप्रिंट बढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है. इसी कड़ी में अब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने ग्रेटर नोएडा में कमर्शियल फुटप्रिंट बढ़ाने के लिए सेक्टर 22-ए में 7 केटेगरीज के तहत 112 से 140 स्क्वेयर मीटर के प्लॉट्स के लिए ई-ऑक्शन की प्रक्रिया को कराने जा रही है.
इतने साल की मिलेगी लीज
सितंबर मध्य से शुरू हुई इस स्कीम के लिए पात्र आवेदनकर्ता 16 अक्टूबर तक अप्लाई कर सकेंगे. इसके उपरांत, 2 नवंबर को सफल आवेदनकर्ताओं की लिस्टिंग जारी की जाएगी जो कि 7 नवंबर को होने वाली ई-ऑक्शन प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे. इसमें भाग लेने के लिए आवेदनकर्ता का न्यूनतम नेटवर्थ 3 से 5 करोड़ रुपए होनी चाहिए तथा न्यूनतम सॉल्वेंसी 1.5 से 2.5 करोड़ रुपए के बीच होनी चाहिए.
इस योजना से संबंधित सभी विवरण व ब्रोशर को यीडा की वेबसाइट पर लोड कर दिया गया है. जहां से इच्छुक आवेदनकर्ता जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इस परियोजना के जरिए भूमि आवंटन प्रक्रिया का हिस्सा बनने की इच्छा रखने वाले आवेदकों को 10 हजार रुपए व जीएसटी की रकम जमा करके ब्रोशर डाउनलोडिंग का ऑप्शन मिलेगा. इस स्कीम के जरिए भूखंड प्राप्त करने वाले आवेदनकर्ताओं को 90 वर्ष की लीज डीड पर भूमि आवंटित की जाएगी जिस पर वह ग्राउंड फ्लोर समेत कुल 5 फ्लोर ऊंचा व 100 प्रतिशत परमिसिबल लैंड कवरेज वाले कमर्शियल स्ट्रक्चर का निर्माण कर सकते हैं.
इतनी है इस योजना की प्रोसेसिंग फीस
इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए आवेदनकर्ताओं को 25 से 30 हजार रुपए व 18 प्रतिशत जीएसटी बतौर प्रोसेसिंग फीस भुगतान करना होगा. इसके अतिरिक्त, अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट के तौर पर 112 स्क्वायर मीटर के भूखंड के लिए 29 लाख, 124 स्क्वायर मीटर के भूखंड के लिए 32 लाख व 140 स्क्वायर मीटर के भूखंड के लिए 36 लाख रुपए जमा करने होंगे.
वर्ल्ड क्लास फैसिलिटीज के कारण बढ़ेगा कमर्शियल फुटप्रिंट
सरकार का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट, इंटरनेशनल फिल्म सिटी, यमुना एक्सप्रेसवे व बुद्ध सर्किट से निकटता के कारण इस योजना के जरिए प्राप्त होने वाले भूखंड कमर्शियल फुटप्रिंट एक्सपैंशन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इस क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी और पॉड ट्रांजिट सिस्टम के रूप में भारत में अपनी तरह की पहली विश्व स्तरीय परियोजना समेत तमाम सुविधाओं का लाभ इस योजना के अंतर्गत प्लॉट लेकर कमर्शियल यूनिट लगाने वालों को मिलेगा. यही कारण है कि भविष्य में इस क्षेत्र में कमर्शियल ऑपरेशंस के लिहाज से अपार संभावनाएं उत्पन्न होंगी और इन्हीं अपार संभावनाओं को समुचित दिशा देने के लिहाज से यीडा की मौजूदा स्कीम निर्णायक भूमिका निभाएगी.
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