होम / बिजनेस / डेटा सेंटर के कारोबार में उतर रही है ये रियल स्टेट कंपनी, जानते हैं कंपनी का प्लान?
डेटा सेंटर के कारोबार में उतर रही है ये रियल स्टेट कंपनी, जानते हैं कंपनी का प्लान?
कंपनी 300 MW का डेटा सेंटर लगाने की योजना बना रही है. अगले कुछ सालों में इस लक्ष्य को पाने के लिए कंपनी 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
बीते कुछ समय में हमारे देश में डेटा सेंटर एक ऐसा सेक्टर बनकर उभरा है जिसमें कई नामी कंपनियों ने निवेश किया है. इसी कड़ी में अब एक रियल स्टेट सेक्टर की कंपनी अनंत राज लिमिटेड डेटा सेंटर के कारोबार में उतरने ज जा रही है. कंपनी ने आने वाले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है. कंपनी इस क्षेत्र में 3 MW का डेटा सेंटर मानेसर में शुरू कर चुकी है और आने वाले तीन महीने में इसमें 3 MW का इजाफा करने जा रही है.
कंपनी के एमडी ने दी इसकी विस्तार से जानकारी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के एमडी अमित सारीन ने इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी अगले पांच सालों में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करके 300 MW का प्लांट लगाने जा रही है. कंपनी के इस डेटा सेंटर के कारोबार को उसकी सब्सिडियरी कंपनी अनंत राज क्लॉउड देखेगी. कंपनी इसका ऑपरेशन मानेसर, राई और पंचकुला से करने कर रही है. कंपनी इन 3 सेंटरों की मदद से अपनी क्षमता को 300 MW तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है.
कंपनी अपने इस लक्ष्य की शुरुआत मानेसर से 3 MW के सेंटर के जरिए कर चुकी है, जिसे अगले तीन महीने में वो 3 MW और बढ़ाने जा रही है. नई दिल्ली स्थित अनंत राज क्लाउड को मानेसर के लिए 21 MW का प्रमाणन प्राप्त हुआ है. जहां वो 500 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रहा है. कंपनी अब तक इस केन्द्र पर 175 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है.
क्या है अलग-अलग प्लांट की लागत?
अनंत राज क्लॉउड मानेसर प्लांट के लिए वहां पहले ही इंफ्रास्ट्रक्चर बना चुकी है. कंपनी अब तक अपने तीन प्रोजेक्ट के लिए ली गई जमीन पर 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर चुकी है. कंपनी अपने इन तीन प्रोजेक्ट पर अब तक 7500 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है. जानकारों के अनुसार 1 MW के डेटा सेंटर को बनाने के लिए 55 करोड़ रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं.
लेकिन यहां जमीन कंपनी की है तो ऐसे में 1 MW के लिए कंपनी को 25 करोड़ रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं. किसी भी डेटा सेंटर को चलाने के लिए बिजली पर्याप्त मात्रा में चाहिए होती है, क्योंकि एक डेटा सेंटर में हजारों सर्वर चलते हैं. कंपनी अपने मानेसर प्लांट के लिए पिछले तीन सालों से काम कर रही है जिसमें वो अभी तक 3 MW का प्लांट ऑपरेशनलाइज कर चुकी है. इसकी अधिकतम क्षमता 50 MW है, राई प्लांट की क्षमता 200 MW तक है जबकि पंचकुला प्लांट की क्षमता 50 MW तक है.
रियल स्टेट में रहा है कंपनी का ये ट्रैक रिकॉर्ड
इससे पहले अगर कंपनी का रियल स्टेट में ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो 2020 तक कंपनी 5 मिलियन स्क्वॉयर फीट स्पेस का निर्माण कर चुकी है. इसमें से 20 प्रतिशत लीज पर दिया जा चुका है. इससे पहले 1980 में कंपनी बतौर कॉन्ट्रैक्टर एशियन गेम्स के लिए बनाए गए एशियन गेम्स विलेज में भी निर्माण कार्य कर चुकी है.डेटा सेंटर पूरी तरह से आईटी तकनीक से जुड़ा क्षेत्र है जिसमें कंपनियों को डेटा सुरक्षित रखने के लिए प्लेटफॉर्म मुहैया कराया जाता है. इन डेटा सेंटरों में कोई भी अपना डेटा सुरक्षित करवा सकता है.
टैग्स