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अब ज्यादा टू व्हीलर और दूसरी गाड़ियों पर मिल पाएगी सब्सिडी, सरकार ने उठाया ये कदम
सरकार ने एक ओर जहां आवंटन में 1500 करोड़ का बजट बढ़ा दिया है वहीं दूसरी ओर सरकार ने टू व्हीलर, थ्री व्हीलर और फोर व्हीलर के नंबरों में भी इजाफा कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
केन्द्र सरकार ने फेम टू योजना के तहत आवंटित की गई राशि में इजाफा कर दिया है. इस इजाफे का आम आदमी को फायदा ऐसे मिलेगा कि अब पहले के मुकाबले ज्यादा टू व्हीलर से लेकर 3 व्हीलर वाहनों और कारों पर ज्यादा सब्सिडी मिल पाएगी. केन्द्र सरकार फेम टू योजना पर पहले 10000 हजार करोड़ रुपये खर्च करने वाली थी लेकिन अब वो 11500 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है.
आखिर क्यों आवंटित की गई है ये राशि?
केन्द्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत 2019 में 10000 करोड़ के आवंटन के साथ की थी. सरकार मुख्य रूप से इसमें दो पहिया वाहनों की खरीद पर सब्सिडी देती है. मंत्रालय ने दो पहिया वाहनों की सेल में बढ़ोतरी को देखते हुए आशंका जताई थी कि आवंटित राशि खत्म हो सकती है. ऐसे में अब सरकार ने इसमें 1500 रुपये का आवंटन बढ़ा दिया है. दोपहिया वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए मंत्रालय ने दो कदम उठाए इनमें पहला सब्सिडी को कम करते हुए 60 हजार रुपये से मात्र 22500 रुपये कर दिया गया. जबकि दूसरा कदम ये उठाया गया कि 1500 करोड़ रुपये की मांग और की गई जिसे वित्त मंत्रालय ने मान लिया और आवंटन कर दिया.
केन्द्र सरकार ने बढ़ाया वाहनों का टारगेट
केन्द्र सरकार ने इस योजना में अतिरिक्त धन के आवंटन के साथ बसों को छोड़कर बाकी वाहनों के लिए सब्सिडी का लक्ष्य बढ़ा दिया है. पहले सरकार की ओर से 10000 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ 11.4 लाख वाहनों का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन 1500 करोड़ रुपये बढ़ाने के साथ सरकार ने इसमें 56 प्रतिशत का इजाफा कर दिया. अब इसे 17.4 लाख वाहन तक कर दिया गया है.
इसमें सबसे ज्यादा इजाफा ई दोपहिया के लिए किया गया है और उसे 60 प्रतिशत तक बढ़ाकर 15 लाख तक कर दिया गया है और ई तिपहिया वाहन अगर कोई खरीदता है तो उसका लक्ष्य 23 फीसदी बढ़ाकर 155536 तक कर दिया गया है. ई कार के लिए सब्सिडी का लक्ष्य 177 फीसदी बढ़ाकर 30461 कर दिया गया है. लेकिन सरकार ने बसों के लिए लक्ष्य को घटाते हुए 9458 से लेकर 7062 तक कर दिया है.
ई वाहन कंपनियों को मिली है संजीवनी
सरकार इस कदम से ई वाहन कंपनियों को बड़ी राहत मिली है. बजट से पहले कंपनियों ने इस योजना को आगे बढ़ाते हुए इसके आवंटन में इजाफा करने की मांग भी की थी. समूची ई वाहन इंडस्ट्री ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है. इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों का मानना है कि इससे जहां इनोवेशन और सरकार के संकल्प के प्रति दृढ़ संकल्प दिखाई देता है वहीं दूसरी ओर इंडस्ट्री को भी इससे आगे बढ़ने में मदद मिलेगी. दिलचस्प बात ये है कि दो कैलेंडर वर्ष में ई दो पहिया वाहनों की बिक्री 10 लाख को पार कर गई है. इस साल उसके इससे भी आगे जाने की संभावना है.
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