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REC इस राज्‍य को देने जा रही है सालाना 20 हजार करोड़, सुधरेगा बिजली इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर 

आरईसी उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकियों सहित संपूर्ण विद्युत-बुनियादी ढांचा क्षेत्र को धन मुहैया कर रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

बिजली मंत्रालय के तहत काम करने वाली महारत्‍न कंपनी आरईसी लिमिटेड ने 10 मार्च, 2024 को जयपुर में राजस्थान सरकार के साथ बिजली और गैर-बिजली बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में परियोजनाओं को धन मुहैया करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत छह साल की अवधि के लिए प्रति वर्ष 20,000 करोड़ रुपये तक का निवेश शामिल है, जिसे 2030 तक बढ़ाया जाएगा. 

किनकी मौजूदगी में हुआ समझौता? 
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, राजस्थान सरकार के ऊर्जा राज्य मंत्री हीरा लाल नागर, राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव सुधांश पंत, भारत सरकार के सचिव कोयला मंत्रालय, अमृत लाल मीना, और आरईसी लिमिटेड के सीएमडी विवेक कुमार देवांगन, एनटीपीसी, पावरग्रिड, एनएलसी इंडिया के सीएमडी और कोल इंडिया के निदेशक, जैसे लोगों की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. 

क्‍या बोले आरईसी लिमिटेड के सीएमडी? 
एमओयू के बारे में बोलते हुए आरईसी लिमिटेड के सीएमडी विवेक कुमार देवांगन, ने कहा, हमें राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ाने के मिशन में राजस्थान सरकार के साथ सहयोग करने पर गर्व है. इस साझेदारी के माध्यम से, हमारा लक्ष्य क्षेत्र में सतत विकास का समर्थन करना और बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है.  इस समझौते के तहत आरईसी लिमिटेड राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों, उपक्रमों, संस्थानों और योजनाओं को अगले छह वर्षों तक सालाना 20,000 करोड़ रुपये तक का कर्ज देगा.

इस एमओयू से राज्य के बुनियादी ढांचा क्षेत्र जैसे बिजली परियोजनाएं, मेट्रो, सड़क और राजमार्ग, हवाई अड्डे, आईटी इन्फ्रा, तेल रिफाइनरी, स्टील इन्फ्रा, बंदरगाह और जलमार्ग, फाइबर ऑप्टिक्स, दूरसंचार, स्वास्थ्य, पर्यटन अवसंरचना, कृषि एवं अन्य बुनियादी क्षेत्र से संबंधित परियोजनाओं में तेजी से वृद्धि होगी. यह सहयोग राजस्थान में बिजली और गैर-बिजली दोनों बुनियादी ढांचे के विकास का समर्थन करने के लिए आरईसी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिससे राज्य की आर्थिक वृद्धि और समृद्धि में योगदान मिलेगा. 

क्‍या करती है आरईसी लिमिटेड? 
आरईसी विद्युत मंत्रालय के तहत एक 'महारत्न' केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है. यह आरबीआई के अधीन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) और  आईएफसी कंपनी के रूप में पंजीकृत है. आरईसी उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकियों सहित संपूर्ण विद्युत-बुनियादी ढांचा क्षेत्र को धन मुहैया कर रहा है. नई प्रौद्योगिकियों में इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी भंडारण, पंप भंडारण परियोजनाएं, हरित हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजनाएं शामिल हैं. हाल ही में आरईसी ने गैर-विद्युत इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर क्षेत्र में भी अपने कदम रखे हैं.

इनमें सड़क और एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल, हवाईअड्डा, आईटी संचार, सामाजिक और व्यावसायिक अवसंरचना (शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल), पत्तन और इस्पात व तेल शोधन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में इलेक्ट्रो-मैकेनिक (ईएंडएम) कार्य शामिल हैं. आरईसी लिमिटेड देश में बुनियादी ढांचा परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए राज्य, केंद्र और निजी कंपनियों को विभिन्न परिपक्वता अवधि के ऋण प्रदान करती है. 

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