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अब रघुराम राजन बोले इस समस्‍या को खत्‍म करने के लिए पर्याप्‍त नहीं है भारत की मौजूदा ग्रोथ 

उन्‍होंने ये भी कहा कि चिप के मामले में चीन ने बेहतरीन इनोवेशन किया है जबकि भारत इस मामले में अभी भी पीछे है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

सरकार की आर्थिक योजनाओं को लेकर कई बार सवाल उठा चुके रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने एक बार फिर सरकार की मौजूदा ग्रोथ रेट को लेकर एक महत्‍वपूर्ण चिंता जाहिर की है. उन्‍होंने कहा कि अगर देश से बेरोजगारी को खत्‍म करना है तो मौजूदा विकास दर उसके लिए पर्याप्‍त नहीं है. उन्‍होंने कहा कि अगर भारत को अपनी बेरोजगारी की समस्‍या से लड़ना है तो उसके लिए उसे 8 प्रतिशत की विकास दर चाहिए. तभी दुनिया के सबसे ज्‍यादा आबादी वाले देश में बेरोजगारी की समस्‍या को खत्‍म किया जा सकेगा. 

बीजिंग में आयोजित हुए एक कार्यक्रम में कही ये बात 
पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने ये बात बीजिंग में आयोजित हुए एक कार्यक्रम में वीडियो लिंक के जरिए कही. उन्‍होंने कहा कि भले ही बाकी देशों के मुकाबले हमारी ग्रोथ रेट 6%-6.5% से आगे बढ़ रही है और ये मजबूत भी है लेकिन बेरोजगारी की समस्‍या को दूर करने के लिए जरूरी ये है कि हम 8-8.5% की रफ्तार से आगे बढ़ें. भले ही भारत की अर्थव्‍यवस्‍था का विस्‍तार दूसरे देशों के मुकाबले तेजी से आगे बढ़ रहा हो लेकिन हर साल आने वाले लाखों युवाओं को रोजगार देने के लिए ये पर्याप्‍त नहीं है. 

साख चमकाने की कोशिश कर रही है
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एचएसबीसी की रिपोर्ट बताती है कि अगले दस सालों में भारत को 10 मिलियन नौकरियों की जरूरत होगी. लेकिन 7.5% की ग्रोथ रेट से लेकर एक तिहाई समस्‍या का ही हल हो सकता है. हालांकि बेरोजगारी भले ही प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए भी एक बड़ी चिंता का विषय है, लेकिन उनके अधिकारी उनकी पार्टी का वादा पूरे करने और अपनी साख बचाने के लिए केवल अप्‍वॉइंटमेंट लेटर बांटने पर फोकस कर रहे हैं. 

आखिर भारत की क्‍या है सबसे बड़ी जरूरत? 
भारत सरकार को लेकर उन्‍होंने कहा कि अगर दुनिया के दूसरे बड़े मैन्‍यूफैक्‍चरिंग सेंटरों का मुकाबला करना है तो उसके लिए जरूरी है कि हमारी मैनपॉवर को ट्रेनिंग दी जाए. उन्‍होंने कहा कि भारत वैल्‍यू चेन को मजबूत कर रहा है, लेकिन एप्‍पल के बारे में बात करते हुए उन्‍होंने कहा कि भारत को अभी भी एक पूरा फोन बनाने के लिए लंबा सफर तय करना होगा. उन्‍होंने ये भी कहा कि जहां तक भारत की ग्रोथ की बात है तो हम कोरोना काल से उबर चुके हैं और अब हम स्‍टडी ग्रोथ देख रहे हैं. 
 


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